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Bahraich News: समाधान दिवस पर गूंजा रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा
Sat, 07 Mar 2026 11:48 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 07 Mar 2026 11:48 PM IST
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बहराइच। कतर्नियाघाट के जंगलों से घिरे सुजौली क्षेत्र के ग्रामीणों का वर्षों पुराना दर्द शनिवार को खुलकर सामने आ गया। हाथों में तख्तियां लिए रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाते हुए सैकड़ों ग्रामीण तहसील मिहींपुरवा में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे व जोरदार प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सुजौली–हरखापुर सड़क और तिरमोहानी की टूटी पुलिया का निर्माण जल्द नहीं कराया गया, तो आगामी चुनाव में क्षेत्रवासी मतदान का बहिष्कार करेंगे। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मुख्य राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया।
ग्रामीणों ने बताया कि सुजौली क्षेत्र के कई गांव तीन ओर से घने जंगलों से घिरे हुए हैं। जिला मुख्यालय, तहसील, अस्पताल और ब्लॉक कार्यालय तक पहुंचने के लिए करीब 50 किमी लंबा घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है, जो पूरी तरह जंगल के बीच से होकर गुजरता है। इस रास्ते पर बाघ, तेंदुआ, हाथी और गैंडे जैसे खतरनाक वन्यजीवों का हमेशा खतरा बना रहता है।
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ग्रामीणों का कहना रहा कि तिरमोहानी के पास बनी पुलिया बाढ़ में कट जाने के बाद सड़क का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। पुलिया की जगह अब गहरा गड्ढा बन चुका है, आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
एसडीएम मिहींपुरवा रामदयाल ने बताया कि सुजौली क्षेत्र के लोगों ने सुजौली–हरखापुर मार्ग और क्षतिग्रस्त पुलिया के निर्माण के लिए ज्ञापन दिया है। आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
नानपारा तहसील में एसडीएम मोनालिसा जौहरी की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से पांच का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं महसी तहसील में प्राप्त 27 प्रार्थनापत्रों में से दो का तथा तहसील सदर में प्राप्त 13 शिकायतों में से दो का मौके पर निस्तारण किया गया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सुजौली–हरखापुर सड़क और तिरमोहानी की टूटी पुलिया का निर्माण जल्द नहीं कराया गया, तो आगामी चुनाव में क्षेत्रवासी मतदान का बहिष्कार करेंगे। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने मुख्य राजस्व अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्या से अवगत कराया।
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ग्रामीणों ने बताया कि सुजौली क्षेत्र के कई गांव तीन ओर से घने जंगलों से घिरे हुए हैं। जिला मुख्यालय, तहसील, अस्पताल और ब्लॉक कार्यालय तक पहुंचने के लिए करीब 50 किमी लंबा घुमावदार रास्ता तय करना पड़ता है, जो पूरी तरह जंगल के बीच से होकर गुजरता है। इस रास्ते पर बाघ, तेंदुआ, हाथी और गैंडे जैसे खतरनाक वन्यजीवों का हमेशा खतरा बना रहता है।
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ग्रामीणों का कहना रहा कि तिरमोहानी के पास बनी पुलिया बाढ़ में कट जाने के बाद सड़क का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। पुलिया की जगह अब गहरा गड्ढा बन चुका है, आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है।
एसडीएम मिहींपुरवा रामदयाल ने बताया कि सुजौली क्षेत्र के लोगों ने सुजौली–हरखापुर मार्ग और क्षतिग्रस्त पुलिया के निर्माण के लिए ज्ञापन दिया है। आवश्यक कार्यवाही की जाएगी।
नानपारा तहसील में एसडीएम मोनालिसा जौहरी की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 52 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से पांच का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। वहीं महसी तहसील में प्राप्त 27 प्रार्थनापत्रों में से दो का तथा तहसील सदर में प्राप्त 13 शिकायतों में से दो का मौके पर निस्तारण किया गया।