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गोलहना में पिंजड़े में कैद हुआ दूसरा तेंदुआ

Sat, 28 Nov 2020 10:14 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Nov 2020 10:14 PM IST
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The second leopard caught in a cage in Golahna
मुर्तिहा रेंज के गोलहना में वन विभाग द्वारा पिंजड़ा लगाकर पकड़ा गया तेंदुआ। - फोटो : BAHRAICH
उर्रा (बहराइच)। मुर्तिहा रेंज के गोलहना गांव में ग्रामीणों के लिए दहशत का सबब बना दूसरा तेंदुआ भी पिंजड़े में कैद हो गया है। वनकर्मी तेंदुए को रेंज कार्यालय लेकर आए हैं। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद तेंदुए को कतर्नियाघाट के जंगलों में छोड़ दिया जाएगा। मालूम हो कि एक हफ्ते में दूसरी बार तेंदुआ पिंजड़े में कैद हुआ है।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मुर्तिहा रेंज अंतर्गत गोलहना गांव में बीते गुरुवार को तेंदुए ने विजय बहादुर की पांच वर्षीय पुत्री श्रेया को मार डाला था। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने वन कर्मियों पर पथराव कर दिया था। वन विभाग ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजड़ा लगाया था, जिसमें 21 नवंबर की रात तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया था। अपर मुख्य वन संरक्षक कमलेश कुमार की देखरेख में तेंदुए को गेरुआ नदी के पार छोड़ दिया गया था, लेकिन तेंदुए की आमद गांव में लगातार हो रही थी। इसको देखते हुए वन विभाग ने पिंजड़ा लगाने के साथ थर्मो सेंसर कैमरे भी लगाए थे। थर्मो सेंसर कैमरे में तेंदुए की आमद हो रही थी। शुक्रवार की रात दूसरा तेंदुआ पिंजड़े में कैद हो गया। वन क्षेत्राधिकारी एके त्यागी की अगुवाई में वनकर्मी तेंदुए को लेकर रेंज कार्यालय पहुंचे। तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
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तीन चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
डीएफओ यशवंत सिंह ने बताया कि पिंजड़े में कैद तेंदुए का स्वास्थ्य परीक्षण पशु चिकित्सकों की टीम ने किया है। तेंदुआ स्वस्थ है। तेंदुए की उम्र सात वर्ष है। वह मादा है। डीएफओ ने बताया कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर उसे कतर्निया के जंगलों में छोड़ दिया जाएगा।
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अमर उजला ने पहले ही किया था सजग
मुर्तिहा रेंज के गोलहना गांव में 23 नवंबर की रात पुन: तेंदुआ आ गया था। ग्रामीणों ने भी देखा। इस खबर का प्रकाशन अमर उजाला ने 24 नवंबर के अंक में प्रमुखता से किया, जिस पर वन विभाग हरकत में आया। इससे बकरी बंधे पिंजड़े में तेंदुआ कैद हो गया।
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