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Bahraich News: पहले सूना रहता था सफारी रूट, अब रोज दिख रहे बाघ-तेंदुए

Sat, 09 May 2026 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sat, 09 May 2026 12:25 AM IST
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The safari route used to be deserted, but now tigers and leopards are seen daily.
बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव अभयारण्य में दो साल पहले तक जंगल सफारी पर आने वाले पर्यटकों को वन्यजीवों के दीदार कम हो पाते थे, लेकिन अब लगभग हर दिन बाघ, तेंदुआ, हाथी और अन्य वन्यजीव दिख रहे हैं।
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करीब 551 वर्ग किलोमीटर में फैले इस घने जंगल में वन्यजीवों की संख्या बढ़ने से पर्यटन को भी नया आकर्षण मिला है। वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार कतर्नियाघाट में इस समय करीब 45 से 50 बाघ, 70 से 80 तेंदुए और लगभग 55 से 60 जंगली हाथी जंगल क्षेत्र में सक्रिय हैं।
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नेपाल सीमा से लगे जंगलों के कारण हाथियों का मूवमेंट लगातार बना रहता है। इसके अलावा कभी-कभी नेपाल के शुक्लाफांटा क्षेत्र से एक सींग वाले दुर्लभ गैंडे भी कतर्नियाघाट इलाके में पहुंच जाते हैं, जिससे पर्यटकों का रोमांच और भी बढ़ जाता है।
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सुबह और शाम की सफारी में कई बार बाघ सड़क पार करते दिखाई देते हैं तो कभी तेंदुआ झाड़ियों से निकलकर पर्यटकों को रोमांचित कर देता है। गेरुआ नदी और जलस्रोतों के आसपास हाथियों के झुंड अक्सर नजर आते हैं।

डीएफओ अपूर्व दीक्षित ने बताया कि कतर्नियाघाट में वन्यजीवों का मूवमेंट पहले की तुलना में काफी बढ़ा है। सुरक्षित वातावरण और बेहतर संरक्षण का परिणाम है कि अब पर्यटकों को आसानी से बाघ, तेंदुए और हाथियों के दीदार हो रहे हैं। नेपाल से आने वाले हाथी और गैंडे भी यहां के प्रमुख आकर्षण बन रहे हैं।



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कतर्नियाघाट में पर्यटकों को वन्यजीवों का दीदार एक नजर में:-


-05 जनवरी : रूट-4 पर सुबह की सफारी में पर्यटकों ने सड़क पार करते बाघ को देखा।
-18 जनवरी : गेरुआ नदी के किनारे पर्यटकों को हाथियों का झुंड विचरण करते दिखा।
-02 फरवरी : ककरहा वन क्षेत्र में शाम की सफारी में तेंदुआ पेड़ के पास बैठा दिखा।
-14 फरवरी : जंगल मार्ग पर बाघ काफी देर तक सफारी मार्ग पर घूमता नजर आया।
-03 मार्च : मोतीपुर रेंज में जंगल भ्रमण के दौरान पर्यटकों ने जंगली हाथियों को देखा।
-21 मार्च : कतर्नियाघाट रेंज में पर्यटकों को दिखा हाथी, बनाया वीडियो।
-09 अप्रैल : साल वन क्षेत्र में सुबह सफारी के दौरान तेंदुआ झाड़ियों से निकलता दिखा।
-27 अप्रैल : गेरुआ नदी इलाके में हाथियों का झुंड नदी किनारे पानी पीते दिखा।
-05 मई : कतर्नियाघाट में रेलवे क्रॉसिंग के निकट सड़क पार करता दिखा तेंदुआ।
-08 मई : कतर्नियाघाट रेंज में जंगल सफारी मार्ग पर पर्यटकों को दिखा बाघ।



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कतर्नियाघाट आए हैं तो इस समय दिख सकते हैं वन्यजीव
रेंजर आशीष गौड़ ने बताया कि सुबह और शाम के समय जंगल सफारी में वन्यजीव अधिक दिखाई देते हैं। सुबह 5:30 बजे से 9 बजे तक तथा शाम चार बजे से 6:30 बजे तक बाघ, तेंदुआ, हाथी, हिरण व अन्य वन्यजीवों के दिखने की संभावना सबसे ज्यादा रहती है। गर्मी में जलस्रोतों और गेरुआ नदी के आसपास वन्यजीव अधिक नजर आते हैं।
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