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Bahraich News: चालक की थकान व जल्दबाजी तो नहीं बनी हादसे का कारण

Thu, 17 Apr 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Thu, 17 Apr 2025 12:49 AM IST
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The driver's fatigue and haste were not the cause of the accident
हुजूरपुर के हिरईपुर मे हादसे के दूसरे दिन एक साथ पांच लोगों की पढ़ाई जा रही जनाजे की नमाज में उ
बहराइच/हुजूरपुर। गोंडा-बहराइच हाईवे पर कटेल के पास हुए भीषण हादसे में मृत हुए लोगों का शव पोस्टमार्टम के बाद उनके गांव हिरईपुर पहुंचा तो कोहराम मच गया। हर ओर चीख पुकार मच गई और सभी शवोंं को लिपट कर रोने लगे। मृतकों के परिजनों का करुण-क्रंदन देख वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गईं। बुधवार सुबह सभी पांच मृतकोंं को एक साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया। मृतकोंं के जनाजे में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। मौलाना ने एक साथ पांच मृतकों के जनाजे की नमाज पढ़ाई।
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हादसे के दूसरे दिन उसके कारणों पर भी मंथन जारी रहा। एक साथ पांच लोगोंं की मौत व 15 के गंभीर रूप से घायल करने वाले भीषण हादसे की कई वजह सामने आ रही हैं। इसमें सबसे ज्यादा चर्चा स्लीपर बस के चालक के थके होने व अत्यधिक तेज रफ्तार में बस चलाने की सामने आई है। लोगों की मानें तो बस चालक सवारियों को लेकर दिल्ली गया था और वहीं से वापस आ रहा था। इस दौरान ड्राइवर ने आराम नहीं किया और थकान में था। साथ ही घर पहुंचने की जल्दबाजी भी हादसे का कारण मानी जा रही है। चश्मदीद के मुताबिक हादसे के समय चालक 80 से 100 की गति से बस दौड़ा रहा था।
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ट्रैक्टर-ट्राॅली को टक्कर मारने के बाद ऑटो से टकराई
स्थानीय लोगोंं के मुताबिक बस चालक तेज गति से बस दौड़ा रहा था। चालक ने बिना स्पीड कम किए ही सामने जा रही सीमेंट लदी ट्रैक्टर-ट्रॉली को ओवरटेक करने का प्रयास किया। इस दौरान सामने सवारययों से भरा ऑटो देख कर उसने पहले ट्रैक्टर-ट्राॅली को टक्कर मारी। लेकिन ट्रॉली के लोडेड होने के चलते उसे हिला न सका और ऑटो से टकरा गया।
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आठ घंटे में दिल्ली पहुंचाने के दावे के साथ बैठाते हैं सवारी
सूत्रों के अनुसार टूरिस्ट परमिट के नाम पर जिले से प्रदेश के विभिन्न प्रदेशों तक फर्राटा भरने वाले स्लीपर व स्कैनिया बस के संचालक एक निश्चित समय में यात्रा पूरी करवाने का दावा करते हैं। जिले से लगभग 560 किमी दूर स्थित दिल्ली पहुंचाने के लिए मात्र आठ घंटे का समय लिया जाता है। जबकि इस दौरान चालक कई स्थानों पर रुकते हैं। ऐसे में बस की गति की कल्पना की जा सकती है।
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