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बहराइच: 60 वर्ष पर सेवानिवृत्ति की घोषणा से कहीं खुशी कहीं गम

Sat, 18 Feb 2023 10:56 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sat, 18 Feb 2023 10:56 PM IST
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The announcement of retirement at the age of 60 has some happiness and some sorrow
बहराइच। शासन की ओर से शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा 60 वर्ष निर्धारित कर दी है। हालांकि प्रतिवर्ष शिक्षामित्रों के नवीनीकरण की प्रक्रिया पूर्ववत जारी रहेगी। सरकार के इस निर्णय से शिक्षामित्रों की ओर से मिली जुली प्रक्रिया व्यक्त की जा रही है। कुछ शिक्षामित्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं तो कुछ इस घोषणा के बाद से मायूसी हैं। शिक्षामित्र बीते काफी दिनों से उनका नियमितीकरण करने व मानदेय बढ़ाने की भी मांग कर रहे हैं। शिक्षामित्रों ने नियमितीकरण की मांग को लेकर आगामी 20 फरवरी को लखनऊ में महासम्मेलन करने की भी घोषणा कर रखी है। इसकी तैयारियों में शिक्षामित्र बीते कई दिनों से जुटे हुए हैं।
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स्वागत योग्य निर्णय
सरकार द्वारा लिया गया यह निर्णय स्वागत योग्य है। इस निर्णय से शिक्षामित्रों का भविष्य सुरक्षित नजर आ रहा है। इसी को लेकर शिक्षामित्र बीते काफी समय से चिंतित थे। अब शिक्षामित्रों को भविष्य की चिंता से दूर होकर पूरी तरह अपना कर्त्तव्य निभाएंगे। अनिल कुमार सिंह, शिक्षामित्र।
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मानदेय भी बढ़ाना चाहिए
शिक्षामित्रों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष निर्धारित कर दिए जाने से शिक्षामित्रों में काफी खुशी है। अब सरकार को इनका मानदेय भी बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए ताकि शिक्षामित्र भी इस महंगाई के समय में अपना व परिवार का पालन पोषण कर सकें। रामशरण मौर्य, शिक्षामित्र।
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हर माह नहीं पूरा होता खर्चा
शिक्षामित्रों को प्रतिमाह दस हजार रुपए मानदेय प्राप्त हो रहे हैं। काफी संख्या में ऐसे शिक्षामित्र भी हैं जिनके निवास स्थल से उनकी तैनाती वाले विद्यालय काफी दूर हैं। ऐसे में शिक्षामित्रों का काफी पैसा प्रतिमाह आने जाने में ही खर्च हो जाता है। मानदेय भी बढ़़ाया जाना चाहिए। नीलम सिंह, शिक्षामित्र।

शिक्षामित्रों का है लाभ
शिक्षामित्र बीते लंबे समय से नियमितीकरण किए जाने की मांग कर रहे हैं। सरकार की ओर से सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष किए जाने से शिक्षामित्रों का कुछ लाभ तो अवश्य हुआ है, लेकिन मानदेय के संबंध में भी विचार किया जाना चाहिए। हम चाहते हैं कि शिक्षामित्रों को भी सम्मानजनक धनराशि मिल सके। सुशील दूबे, शिक्षामित्र।

पेंशन योजना से वंचित शिक्षामित्रों को 60 वर्ष की आयु तक कार्य करनेे की स्वीकृति शासन की ओर से दी गई है। अल्प मानदेय मिलने से शिक्षामित्र किसी प्रकार की बचत नहीं कर पा रहे हैं। वह किसी तरह गुजर-बसर कर रहे हैं। शिक्षामित्रों को पेंशन न मिलने से उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़़ेगा। अवधेश कुमार सिंह, शिक्षामित्र।


कोई विशेेष लाभ नहीं
सरकार की ओर से शिक्षामित्रों का मानदेय न बढ़ाने व उन्हें पेंशन योजना से भी वंचित रखे जाने से कोई विशेष लाभ नहीं मिलने वाला। 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृृत्त होने पर शिक्षक आगे का जीवन कैसे व्यतीत करेंगे। सरकार को इस पर भी विचार करना चाहिए। विजय कुमार सिंह, शिक्षामित्र।

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