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कतर्नियाघाट में पक्षियों को निहार सकेंगे स्टूडेंट्स
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:35 PM IST
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कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार के जंगलों में बसेरा करने वाले तमाम प्रवासी व अप्रवासी पक्षियों की जानकारी स्कूली छात्र-छात्राओं को देने के उद्देश्य से 2 दिसंबर को बर्ड वाचिंग फेस्टिवल का आयोजन होगा। इसके लिए तैयारियां शुरू की गई हैं।
कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी प्रतिभाग करने के लिए कतर्निया पहुंचेंगे। विभिन्न रेंजों में पक्षियों के देखने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान विशेषज्ञ भी उपकरण के साथ मौजूद रहेंगे।
कतर्नियाघाट सेंचुरी के प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि बर्ड वाचिंग फेस्टिवल के बहाने कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार के जंगलों में बसेरा करने वाले पक्षियों का परिचय स्कूली छात्र-छात्राओं से कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयीं हैं।
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उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में डब्लूडब्लूएफ, कतर्नियाघाट वेलफेयर सोसायटी, कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब, एसओएस टाइगर समेत अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि बर्ड वाचिंग फेस्टिवल के लिए कतर्नियाघाट के सभी सात रेंजों में स्थल का चयन कर लिया गया है। यहां पर बर्ड वाचिंग विशेषज्ञ के साथ छात्र-छात्राओं को पक्षियों को दिखाने तथा उनकी विशेषताओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जायेगी।
उन्होंने बताया कि बर्ड वाचिंग के लिए चिह्नित स्थानों पर पक्षियों को निहारने के लिए वाइनाकूलर व स्पॉटिंग स्कोप की भी व्यवस्था रहेगी। पक्षियों की पहचान के लिए नामचीन लेखकों की पुस्तकें भी उपलब्ध रहेंगी। इनसे छात्र-छात्राओं को मौके पर देखे गये पक्षियों के संबंध में प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध करायी जा सकेगी।
डीएफओ ने कहा कि अब तक घड़ियाल, मगरमच्छ, गैंगटिक डाल्फिन, बाघ और हाथी जैसे वन्य जीवों और प्राकृतिक सुंदरता तथा जैव विविधता के लिए कतर्निया को जाना जाता है। अब वन्य जीव विहार को विभिन्न प्रवासी तथा अप्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल होने के रूप में भी पहचान मिल सकेगी।
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कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राएं भी प्रतिभाग करने के लिए कतर्निया पहुंचेंगे। विभिन्न रेंजों में पक्षियों के देखने की व्यवस्था की गई है। इस दौरान विशेषज्ञ भी उपकरण के साथ मौजूद रहेंगे।
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कतर्नियाघाट सेंचुरी के प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि बर्ड वाचिंग फेस्टिवल के बहाने कतर्नियाघाट वन्य जीव विहार के जंगलों में बसेरा करने वाले पक्षियों का परिचय स्कूली छात्र-छात्राओं से कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गयीं हैं।
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उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में डब्लूडब्लूएफ, कतर्नियाघाट वेलफेयर सोसायटी, कतर्नियाघाट फ्रेंड्स क्लब, एसओएस टाइगर समेत अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं का भी सहयोग लिया जा रहा है।
प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि बर्ड वाचिंग फेस्टिवल के लिए कतर्नियाघाट के सभी सात रेंजों में स्थल का चयन कर लिया गया है। यहां पर बर्ड वाचिंग विशेषज्ञ के साथ छात्र-छात्राओं को पक्षियों को दिखाने तथा उनकी विशेषताओं के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की जायेगी।
उन्होंने बताया कि बर्ड वाचिंग के लिए चिह्नित स्थानों पर पक्षियों को निहारने के लिए वाइनाकूलर व स्पॉटिंग स्कोप की भी व्यवस्था रहेगी। पक्षियों की पहचान के लिए नामचीन लेखकों की पुस्तकें भी उपलब्ध रहेंगी। इनसे छात्र-छात्राओं को मौके पर देखे गये पक्षियों के संबंध में प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध करायी जा सकेगी।
डीएफओ ने कहा कि अब तक घड़ियाल, मगरमच्छ, गैंगटिक डाल्फिन, बाघ और हाथी जैसे वन्य जीवों और प्राकृतिक सुंदरता तथा जैव विविधता के लिए कतर्निया को जाना जाता है। अब वन्य जीव विहार को विभिन्न प्रवासी तथा अप्रवासी पक्षियों का आश्रय स्थल होने के रूप में भी पहचान मिल सकेगी।