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Bahraich News: दुष्कर्मी को 20 वर्ष का कारावास
Sat, 06 Apr 2024 11:06 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 06 Apr 2024 11:06 PM IST
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बहराइच। नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में शनिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो की कोर्ट ने 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने अभियुक्त को 80 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है।
विशेष शासकीय अधिवक्ता पाक्सो संतप्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक पाक्सो संतोष सिंह ने बताया कि थाना रामगांव के ग्राम जुलाहनपुरवा निवासी अभियुक्त निजामुद्दीन के खिलाफ पीड़िता के पिता ने 11 मई 2021 को थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री का निजामुद्दीन ने अपहरण कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। घटना में विवेचनाधिकारी ने पीड़िता का सक्षम मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराकर घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए नक्शा नजरी तैयार किया था। शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि विवेचनाधिकारी ने पांच जून 2021 को आरोपपत्र सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया था। शनिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो वरुण मोहित निगम की कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त को अधिकतम 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त को 80 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि कोर्ट ने पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर की धनराशि देने की संस्तुति भी की है।
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विशेष शासकीय अधिवक्ता पाक्सो संतप्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक पाक्सो संतोष सिंह ने बताया कि थाना रामगांव के ग्राम जुलाहनपुरवा निवासी अभियुक्त निजामुद्दीन के खिलाफ पीड़िता के पिता ने 11 मई 2021 को थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप था कि उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री का निजामुद्दीन ने अपहरण कर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है। घटना में विवेचनाधिकारी ने पीड़िता का सक्षम मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराकर घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए नक्शा नजरी तैयार किया था। शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि विवेचनाधिकारी ने पांच जून 2021 को आरोपपत्र सक्षम न्यायालय में प्रस्तुत किया था। शनिवार को विशेष न्यायाधीश पाक्सो वरुण मोहित निगम की कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अभियुक्त को अधिकतम 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही अभियुक्त को 80 हजार के अर्थदंड से दंडित भी किया है। अर्थदंड की धनराशि अदा न करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। शासकीय अधिवक्ताओं ने बताया कि कोर्ट ने पीड़िता को नियमानुसार प्रतिकर की धनराशि देने की संस्तुति भी की है।
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