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Bahraich News: दाने छोटे, केंद्रों पर गेहूं बेचने में किसानों को हो रही परेशानी
Mon, 13 Apr 2026 11:59 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:59 PM IST
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बहराइच के गल्ला मंडी में गेहूं क्रय केंद्र पर हो रही तौल।
- फोटो : बहराइच के गल्ला मंडी में गेहूं क्रय केंद्र पर हो रही तौल।
बहराइच। जिले में गेहूं खरीद के लिए बनाए गए क्रय केंद्रों पर इन दिनों किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में आई आंधी और बारिश के कारण खेतों में खड़ी फसल गिर गई, जिससे गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है।
किसान जब अपनी उपज लेकर केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, तो छोटे दानों और अधिक नमी के कारण खरीद प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि फसल गिरने से गेहूं के दाने छोटे रह गए हैं। ऐसे में मशीन से कटाई के बाद ही तौल संभव हो पा रही है। नमी अधिक होने से पहले गेहूं को धूप में सुखाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों बढ़ रहा है।
डिप्टी आरएमओ रुपेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में सात एजेंसियों के माध्यम से 134 क्रय केंद्र बनाए गए हैं और 66 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। एक अप्रैल से अब तक 2473 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बिना फार्मर रजिस्ट्रेशन के किसी भी किसान की तौल नहीं की जा रही है और किसानों से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि वर्षा से खराब हुए गेहूं की फसल के मामले में शासन को पत्र भेजा गया है।
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आंधी-पानी से खराब फसल की तौल में समस्या
गल्ला मंडी में सोमवार को गेहूं लेकर आए किसान गंगाराम तिवारी, राम सुभाष, लक्ष्मी नारायण शुक्ला और मोहम्मद जकरिया ने बताया कि बारिश से फसल गिरने के कारण पहले ही नुकसान हुआ है। अब छोटे दानों के चलते तौल में कमी आ रही है, जिससे आर्थिक नुकसाढ़ रहान और ब है। किसानों ने प्रशासन से राहत देने की मांग की है।
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किसान जब अपनी उपज लेकर केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, तो छोटे दानों और अधिक नमी के कारण खरीद प्रक्रिया में दिक्कत आ रही है। उनका कहना है कि फसल गिरने से गेहूं के दाने छोटे रह गए हैं। ऐसे में मशीन से कटाई के बाद ही तौल संभव हो पा रही है। नमी अधिक होने से पहले गेहूं को धूप में सुखाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों बढ़ रहा है।
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डिप्टी आरएमओ रुपेश कुमार सिंह ने बताया कि जिले में सात एजेंसियों के माध्यम से 134 क्रय केंद्र बनाए गए हैं और 66 हजार मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य है। एक अप्रैल से अब तक 2473 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। उन्होंने बताया कि बिना फार्मर रजिस्ट्रेशन के किसी भी किसान की तौल नहीं की जा रही है और किसानों से जल्द रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि वर्षा से खराब हुए गेहूं की फसल के मामले में शासन को पत्र भेजा गया है।
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आंधी-पानी से खराब फसल की तौल में समस्या
गल्ला मंडी में सोमवार को गेहूं लेकर आए किसान गंगाराम तिवारी, राम सुभाष, लक्ष्मी नारायण शुक्ला और मोहम्मद जकरिया ने बताया कि बारिश से फसल गिरने के कारण पहले ही नुकसान हुआ है। अब छोटे दानों के चलते तौल में कमी आ रही है, जिससे आर्थिक नुकसाढ़ रहान और ब है। किसानों ने प्रशासन से राहत देने की मांग की है।