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पोमैटो व वृहपैटो की खेती बना रही बहराइच की अलग पहचान

Mon, 07 Mar 2022 11:53 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Mar 2022 11:53 PM IST
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Separate identity of Bahraich making Pomato and Brihapato cultivation
07 बीएचआर 09 - स्टोरी- रिसिया के बभनी पार्क में पोमैटो का पौधा दिखाते पार्क प्रभारी आरके वर्मा। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए उद्यान विभाग ने पहल की है। जिले में पोमैटो व वृहपैटो की खेती को शुरू करवाया है। जिससे एक समय में किसानों को दो फसल का फायदा मिलेगा और आमदनी भी बढ़ेगी। पोमैटो व वृहपैटो की शुरू हुई खेती धीरे-धीरे चर्चित हो रही है और बहराइच जिले की अलग पहचान दिलाने की ओर अग्रसर है। एक समय में सब्जी की दो फसल मिलने की विधि की जानकारी होने से किसान भी इसे लगाने में काफी रुचि दिखा रहे हैं। उद्यान विभाग का दावा है कि आने वाले समय में पोमैटो व वृहपैटो की खेती से बहराइच को पूरे प्रदेश में जाना जाएगा। जिसके लिए उद्यान विभाग लगातार प्रयासरत है।
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धार्मिक दृष्टि से बहराइच की प्रदेश समेत कई राज्यों में अपनी एक अलग पहचान है, लेकिन अब बहराइच जिला सब्जी की खेती में भी अपने नाम को जोड़ने के लिए बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। अभी तक सब्जी के मामले में परवल की खेती से बहराइच को जाना जाता है। जिले में बलहा विधानसभा में गंगापुर, बोझिया व नैनिया में बड़े पैमाने पर इसकी खेती की जा रही है। यहां का परवल दिल्ली, कानपुर व राजधानी लखनऊ समेत कई अन्य जगहों पर भी जाता है, लेकिन अब सब्जी के मामले में बहराइच जिले को एक अलग पहचान दिलाने के लिए उद्यान विभाग ने पोमैटो व वृहपैटो की खेती को शुरू करवाया है।
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मिनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस व राजकीय स्वर्ण जयंती पौधशाला पार्क बभनी के प्रभारी आरके वर्मा ने बताया कि अभी छोटे पैमाने पर कार्य शुरू करवाया गया है। जिले के चित्तौरा, तेजवापुर व रिसिया ब्लॉक के कुछ किसानों ने इस तकनीकी को अपनाया है। जल्द ही जागरूकता के माध्यम से अन्य किसानों तक इस विधि के बारें में जानकारी दी जाएगी और बड़े पैमाने में आधुनिक खेती को कराए जाने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
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यह है वृहमैटो
यह एक ऐसी खेती करने की विधि है। जिसमें एक ही पेड़ में टमाटर व बैगन की पैदावार होती है। उद्यान सलाहकार ने बताया कि प्रति पौधे में चार से पांच किलो टमाटर व पांच से 10 किलो बैगन की पैदावार होती है। एक समय में दो फसल की पैदावार होने से किसानों की आय में मुनाफा होता है।
यह है पौमैटो
यह एक ऐसा पौधा है। जिसमें ऊपर टमाटर का उत्पादन होता है और नीचे आलू। प्रति पौध में एक से डेढ़ किलो आलू व पांच से 10 किलो टमाटर की पैदावार होती है। उद्यान सलाहकार ने बताया कि किसान इस विधि से खेती करना जान जाएंगे तो उनके आय में अच्छा मुनाफा होगा।

प्रदेश में बनाई जाएगी एक अलग पहचान
पौमैटो व वृहमैटो की खेती करने से किसानों को एक समय दो फसल की उपज मिलेगी और उनके आय में बढ़ोत्तरी होगी। इस विधि की शुरुआत की गई है। अभी कुछ ब्लॉकों में किसानों ने खेती को शुरू किया है। जल्द ही बड़े पैमाने पर खेती कराई जाएगी। वृहमैटो व पौमैटो की खेती बहराइच जिले की एक अलग पहचान बना रही है। -आरके वर्मा, प्रभारी स्वर्ण जयंती पौधशाला पार्क
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