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Bahraich News: लाल निशान पर पहुंचा सरयू का जलस्तर
Sun, 14 Sep 2025 02:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sun, 14 Sep 2025 02:13 AM IST
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महसी के महंतपुरवा में बाढ़ के पानी से डूबे रास्ते को पार करते ग्रामीण। - स्रोत : ग्रामीण
बहराइच। नेपाल के पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश का असर अब सरयू पर साफ दिखने लगा है। चौधरी चरण सिंह गिरजापुरी बैराज से शनिवार को 3.24 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़कर एलगिन ब्रिज पर खतरे के निशान को छू गया। इसके साथ ही शिवपुर में कटान तेज हो गया है। 11 घर कट गए हैं। महसी तहसील के महंतपुरवा गांव के आसपास पानी भरने लगा है। ग्रामीणों में दहशत है।
नेपाल के पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से सरयू एक बार फिर उफान पर है। शुक्रवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.07 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान को छू रहा है। इससे तहसील महसी के महंतपुरवा गांव और आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। रास्ते डूब गए हैं। शिवपुर और बौंडी क्षेत्र में कटान तेज हो गया है।
शिवपुर ब्लॉक के ग्राम चौकसाहार झुंडी में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक 10 परिवारों के घर नदी में समा गए। इनमें जयचंद, पुलिस, घनश्याम, राममूरत, लच्छीराम, गोविंद, रीता, भगौती, प्रमोद और ननकई के आवासीय व पक्के मकान शामिल हैं।
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वहीं पसियनपुरवा में जगदेई का पक्का मकान नदी में समाहित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक करीब 50 से अधिक घर सरयू में समा चुके हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। कई पीड़ित परिवारों को तो राशन किट भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
कटान से न केवल घर उजड़ रहे हैं, बल्कि किसानों की उपजाऊ जमीन भी नदी में समाहित हो रही है। बौंडी, तिगड़ा और अंबरपुर ग्राम पंचायतों के लगभग 33 किसान प्रभावित हुए हैं। बौंडी के 17 किसानों की 2.185 हेक्टेयर, तिगड़ा के 12 किसानों की 1.85 हेक्टेयर और अंबरपुर के चार किसानों की 0.800 हेक्टेयर जमीन सरयू में समा गई है।
उच्चाधिकारियों को भेजी है रिपोर्ट
लेखपाल पंकज कुमार ने बताया कि झुंडी गांव में 12 घरों के कटने की रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई है। पीड़ित परिवारों के लिए तिरपाल और भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। वहीं, लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रभावित किसानों और मकान मालिकों की सूची तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।
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नेपाल के पहाड़ों पर हो रही लगातार बारिश से सरयू एक बार फिर उफान पर है। शुक्रवार को एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर 106.07 मीटर पर पहुंच गया, जो खतरे के निशान को छू रहा है। इससे तहसील महसी के महंतपुरवा गांव और आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। रास्ते डूब गए हैं। शिवपुर और बौंडी क्षेत्र में कटान तेज हो गया है।
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शिवपुर ब्लॉक के ग्राम चौकसाहार झुंडी में शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक 10 परिवारों के घर नदी में समा गए। इनमें जयचंद, पुलिस, घनश्याम, राममूरत, लच्छीराम, गोविंद, रीता, भगौती, प्रमोद और ननकई के आवासीय व पक्के मकान शामिल हैं।
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वहीं पसियनपुरवा में जगदेई का पक्का मकान नदी में समाहित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक करीब 50 से अधिक घर सरयू में समा चुके हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों को सरकारी सहायता राशि नहीं मिली है। कई पीड़ित परिवारों को तो राशन किट भी उपलब्ध नहीं कराई गई।
कटान से न केवल घर उजड़ रहे हैं, बल्कि किसानों की उपजाऊ जमीन भी नदी में समाहित हो रही है। बौंडी, तिगड़ा और अंबरपुर ग्राम पंचायतों के लगभग 33 किसान प्रभावित हुए हैं। बौंडी के 17 किसानों की 2.185 हेक्टेयर, तिगड़ा के 12 किसानों की 1.85 हेक्टेयर और अंबरपुर के चार किसानों की 0.800 हेक्टेयर जमीन सरयू में समा गई है।
उच्चाधिकारियों को भेजी है रिपोर्ट
लेखपाल पंकज कुमार ने बताया कि झुंडी गांव में 12 घरों के कटने की रिपोर्ट तैयार कर भेजी गई है। पीड़ित परिवारों के लिए तिरपाल और भोजन की व्यवस्था कराई जा रही है। वहीं, लेखपाल प्रदीप कुमार ने बताया कि प्रभावित किसानों और मकान मालिकों की सूची तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजी गई है।