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Bahraich News: खतरे के निशान से ऊपर बह रही सरयू
Tue, 26 Aug 2025 01:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Tue, 26 Aug 2025 01:54 AM IST
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महसी के जानकीनगर में कटान कर रही सरयू नदी। -स्रोत : ग्रामीण
बहराइच। सरयू नदी इन दिनों तटवर्ती इलाकों में कहर बरपा रही है। एल्गिन ब्रिज पर नदी का जलस्तर सोमवार सुबह खतरे के निशान से 12 सेमी ऊपर दर्ज किया गया। 12 घंटे में ही जलस्तर में चार सेमी की बढ़ोतरी हुई है, जिससे कटान और तेज हो गया है। नदी ने जानकीनगर गांव में 25 बीघा उपजाऊ भूमि को अपने में समाहित कर लिया है। तीन मकान भी नदी में समा गए। कटान से गांव में अफरा-तफरी का माहौल है।
चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से सोमवार को 2.99 लाख क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। सरयू किनारे बसे जिन ग्रामीणों के मकान कटान के मुहाने पर हैं, वे मजबूरी में अपने आशियाने को खुद ही तोड़कर कहीं और शरण लेने को विवश हैं।
कटान से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पलायन के सिवा अब कोई विकल्प नहीं बचा है। लोग नाव का सहारा लेकर गृहस्थी व मवेशियों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाते दिख रहे हैं। महसी के जानकीनगर गांव में नदी राजू, लालता और राजेश के मकानों को रविवार रात लील गई। 25 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ गई है।
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कटान पीड़ित गेंदाराम, रामजीवन, बचनू, सिपाही, परशुराम, रामचंदर व आकांक्षा ने बताया कि घर कटने का मुआवजा तो तहसील से मिला है, लेकिन समस्या यह है कि अब घर कहां बनाया जाए। उनके पास अब सुरक्षित स्थान बचा ही नहीं है, जहां मकान बनाया जा सके।
जलस्तर एक नजर में
एल्गिन ब्रिज: वर्तमान जलस्तर 106.19 मीटर
खतरे का स्तर 106.07 मीटर
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चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से सोमवार को 2.99 लाख क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया। इससे नदी का जलस्तर फिर बढ़ने लगा है। सरयू किनारे बसे जिन ग्रामीणों के मकान कटान के मुहाने पर हैं, वे मजबूरी में अपने आशियाने को खुद ही तोड़कर कहीं और शरण लेने को विवश हैं।
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कटान से प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि पलायन के सिवा अब कोई विकल्प नहीं बचा है। लोग नाव का सहारा लेकर गृहस्थी व मवेशियों को सुरक्षित स्थानों की ओर ले जाते दिख रहे हैं। महसी के जानकीनगर गांव में नदी राजू, लालता और राजेश के मकानों को रविवार रात लील गई। 25 बीघा खेती योग्य जमीन भी कटान की भेंट चढ़ गई है।
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कटान पीड़ित गेंदाराम, रामजीवन, बचनू, सिपाही, परशुराम, रामचंदर व आकांक्षा ने बताया कि घर कटने का मुआवजा तो तहसील से मिला है, लेकिन समस्या यह है कि अब घर कहां बनाया जाए। उनके पास अब सुरक्षित स्थान बचा ही नहीं है, जहां मकान बनाया जा सके।
जलस्तर एक नजर में
एल्गिन ब्रिज: वर्तमान जलस्तर 106.19 मीटर
खतरे का स्तर 106.07 मीटर