{"_id":"68d057f9a42d706a1105b0cf","slug":"sanjay-setus-joint-cracks-again-risking-accident-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-137123-2025-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: संजय सेतु के ज्वॉइंटर में फिर दरार, दुर्घटना की आशंका","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: संजय सेतु के ज्वॉइंटर में फिर दरार, दुर्घटना की आशंका
विज्ञापन
घाघरा घाट स्थित संजय सेतु में आयी दरार।
- फोटो : घाघरा घाट स्थित संजय सेतु में आयी दरार।
जरवलरोड। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित संजय सेतु (घाघरा पुल) के ज्वॉइंटर में एक बार फिर दरार आ गई है। लखनऊ से बहराइच की ओर जाने वाले रास्ते में पुल की शुरुआत के पास वाहन निकलने पर लोहे की रॉड और सरिया ऊपर-नीचे हो रही हैं, इससे बड़े हादसे का खतरा मंडरा रहा है।
पुल पर छोटी-छोटी दरारें तो कई जगह दिख रही हैं, लेकिन ज्वॉइंटर के इस हिस्से में दरारें इतनी बढ़ गई हैं कि नीचे से पानी तक दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्वॉइंटर में गैपिंग अधिक होने से छोटे वाहनों के साथ बड़े वाहनों के टायर फटने की भी संभावना बनी रहती है।
संजय सेतु राजधानी लखनऊ को देवीपाटन मंडल के चार जिलों बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती से जोड़ने के साथ नेपाल से भी जोड़ता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन 30 से 35 हजार वाहन गुजरते हैं, इनमें छोटी-बड़ी गाड़ियां और भारी वाहन शामिल हैं।
विज्ञापन
पुल करीब 44 वर्ष पुराना है और अपनी क्षमता से लगभग 40 गुना अधिक भार उठा रहा है। गड़बड़ी होने पर मरम्मत कर जैसे-तैसे काम चल रहा है। आसपास के लोगों ने इस मामले में राजमार्ग के अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अभी तक इस ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है।
विज्ञापन
पुल पर छोटी-छोटी दरारें तो कई जगह दिख रही हैं, लेकिन ज्वॉइंटर के इस हिस्से में दरारें इतनी बढ़ गई हैं कि नीचे से पानी तक दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, ज्वॉइंटर में गैपिंग अधिक होने से छोटे वाहनों के साथ बड़े वाहनों के टायर फटने की भी संभावना बनी रहती है।
विज्ञापन
संजय सेतु राजधानी लखनऊ को देवीपाटन मंडल के चार जिलों बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती से जोड़ने के साथ नेपाल से भी जोड़ता है। इस मार्ग पर प्रतिदिन 30 से 35 हजार वाहन गुजरते हैं, इनमें छोटी-बड़ी गाड़ियां और भारी वाहन शामिल हैं।
विज्ञापन
पुल करीब 44 वर्ष पुराना है और अपनी क्षमता से लगभग 40 गुना अधिक भार उठा रहा है। गड़बड़ी होने पर मरम्मत कर जैसे-तैसे काम चल रहा है। आसपास के लोगों ने इस मामले में राजमार्ग के अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन अभी तक इस ओर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया है।