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Bahraich News: बिजली और पानी के लिए तरसे ग्रामीण इलाके

Sat, 18 Mar 2023 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Sat, 18 Mar 2023 11:26 PM IST
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Rural areas yearn for electricity and water
बहराइच। बिजली कर्मियों की हड़ताल के चौथे दिन प्रशासन के दावे पूरी तरह हवा-हवाई साबित हुए। हड़ताल ने ग्रामीण क्षेत्रों में आपातकाल जैसे हालात उत्पन्न कर दिए। हालत यह है कि जिले के 14 विकास खंडों के कई गांवों में दो दिनों से अंधेरा पसरा है। विकास खंडों के दस उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति ठप है। उपभोक्ताओं के सभी विद्युत उपकरण फेल हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों की करीब 12 लाख से अधिक की आबादी ठप विद्युत आपूर्ति के चलते अब बूंद-बूंद पानी को तरस रही है।
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प्रशासन की ओर से उपकेंद्रों पर तैनात किए नोडल अधिकारी, लेखपाल समेत अन्य कर्मी बिजली की तकनीकी जानकारी के अभाव में पटरी से उतर चुकी बिजली व्यवस्था को ठीक करने के लिए हांफते नजर आ रहे है। व्यापारियों के उद्योग धंधे व कारखानों पर ताला पड़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों की सीएचसी व पीएचसी में रखे वैक्सीन आदि बर्बाद होने के कगार पर पहुंच चुके हैं। जिला प्रशासन को विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था को चाक चौबंद कराने में पसीने छूटने लगे हैं। सरकार और बिजली संगठनों की हठधर्मी अगर ऐसे ही चली, तो हालात बेकाबू होने से इंकार नहीं किया जा सकता। हालांकि शहर में बिजली आपूर्ति की स्थिति अभी पूरी तरह नियंत्रण में हैं। बिजलीकर्मियों के हड़ताल का प्रभाव फिलहाल शहर में कहीं नहीं दिखाई दे रहा है।
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पयागपुर तहसील क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति अभी तक पटरी पर नहीं लौटी है। 24 घंटे से अधिक का समय हो रहा है। यहां की आपूर्ति ठप पड़ी हुई है। उपभोक्ता बूंद-बूंद पानी को लेकर तरस रहें हैं। कुछ उपभोक्ताओं ने किराए पर जनरेटर मंगाकर जलापूर्ति की व्यवस्था तो कर ली है। लेकिन हालात बेकाबू होते जा रहें हैं। क्षेत्र की तीन लाख से अधिक आबादी प्रभावित है।
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नानपारा में भी बिजली आपूर्ति के हालात बिगड़ते जा रहें हैं। बीते शुक्रवार की देर रात तीन बजे ठप हुई बिजली आपूर्ति शनिवार तक चालू नहीं हो सकी है। एक लाख की आबादी बिजली-पानी को लेकर परेशान हैं। उपकेंद्र पर तैनात किए अधिकारियों को आपूर्ति दुरुस्त कराने में पसीने छूट रहे हैं।

महसी तहसील की भी विद्युत आपूर्ति 36 घंटे से ठप है। क्षेत्र तीन दर्जन से अधिक गांवों में दो दिनों से अंधेरा पसरा हुआ है। गांवों की एक लाख की आबादी बिजली-पानी को लेकर परेशान है। यहां भी उपकेंद्र पर तैनात अधिकारियों व कर्मचारियों ने अपने हाथ खड़े कर दिए है।

मिहींपुरवा की भी आपूर्ति दो दिनों से ठप पड़ी हुई। उपकेंद्र पर कर्मचारियों ने ताला जड़ दिया है। कैलाशपुरी सब स्टेशन की विद्युत आपूर्ति शनिवार की सुबह नौ बजे ठप है। ऐसे में मिहींपुरवा व कैलाशपुरी क्षेत्र की एक लाख से अधिक प्रभावित है।

सीमावर्ती क्षेत्र रूपईडीहा स्थित सहाबा उपकेंद्र से उपभोक्ताओं को महज तीन घंटे ही विद्युत मिल सकी है। बीते शुक्रवार दोपहर के बाद क्षेत्र के गंगापुर, जैतापुर, रामपुर, केवलपुर, गणेशपुर, गुरचाही, रंजीतबोझा, पकपकरी, संकल्पा समेत डेढ़ दर्जन से अधिक गांवों की करीब तीन लाख से अधिक की आबादी बदहाल विद्युत व्यवस्था की चपेट में हैं। सभी बूंद-बूंद पानी को तरस रहें हैं।

चित्तौरा विकास खंड की विद्युत आपूर्ति शहर के बख्शीपुरा उपकेंद्र से की जाती है। उपकेंद्र में आई तकनीकि खराबी के बाद यहां से सप्लाई किए जाने वाले नगरौर, अहिरौरा, लड़गड़वा, गगनचक, दुलारपुर समेत एक दर्जन गांवों करीब 50 हजार से अधिक की आबादी 40 घंटे से बिजली-पानी को को तरस रही है।


जरवलरोड, कैसरगंज के तीन दर्जन से अधिक गांव, मटेरा के एक दर्जन, हुजूरपुर भग्गड़वा के दो दर्जन गांव, तेजवापुर के दस ग्राम पंचायतों के दो दर्जन गांव, रिसिया के आठ गांव, फखरपुर के मरौचा में भी आपूर्ति ठप होने से तीन लाख से अधिक की आबादी के सामने दो दिनों से बिजली-पानी की समस्या खड़ी हो गई है।
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