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डग्गामार वाहनों की भरमार, पाबंदी लगाने में अधिकारी नाकाम

Sun, 06 Nov 2022 10:36 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 06 Nov 2022 10:36 PM IST
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Plenty of staggered vehicles, officials failed to impose restrictions
तेजवापुर (बहराइच)। डग्गामार वाहनों के चलते हो रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने डग्गामार वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने का आदेश दिया था। लेकिन महसी तहसील क्षेत्र की सड़कों पर जमकर मुख्यमंत्री के आदेश का पालन होता नहीं दिख रहा है। सड़कों पर प्रतिदिन पुलिस व तहसील प्रशासन की नाक के नीचे सैकड़ों की संख्या में डग्गामार वाहनों का संचालन किया जा रहा है। वहीं डग्गामार वाहनों के संचालन में यात्रियों की सुरक्षा का भी कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है, जिसके चलते किसी भी समय बड़ी दुर्घटना हो सकती है। डग्गामारी पर पाबंदी के लिए परमिटधारी वाहन संचालकों ने हाईकोर्ट में रिट भी दायर की थी, जिसकी सुनवायी में एक माह के भीतर डग्गामारी पर अंकुश की बात कही गयी थी। लेकिन प्रशासनिक अवहेलना के चलते हाईकोर्ट में किए गए वादे की पूर्ति भी नहीं हो रही है।
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महसी तहसील क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर डग्गामार वाहनों की भरमार देखने को मिल रही है। मुख्य मार्ग हों या फिर ग्रामीण क्षेत्रों को जाने वाले मार्ग सभी पर दिन भर डग्गामार वाहनों को दौड़ते देखा जा रहा है। मार्गों पर डग्गामारी करते हुए दौड़ रहे मैजिक, मैक्स, ई-रिक्शा, टेंपो आदि में यात्री सुरक्षा मानकों की भी जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। वाहनों पर क्षमता से अधिक सवारियों को भरकर यात्रा की जा रही है। जिससे कभी भी दुर्घटना हो सकती है। वहीं डग्गामार वाहनों के संचालन के चलते सरकारी राजस्व का भी नुकसान हो रहा है। रोडवेज बसों को जहां यात्री नहीं मिल रहे तो वहीं परमिट वाहनों की संख्या कम हो रही है। यात्रियों का आरोप है, कि वाहन स्वामी जबरन किराया भी अधिक वसूल रहे हैं। वहीं विरोध करने पर यात्रियों से बदसलूकी भी की जाती है। कई यात्रियों का कहना है, कि जिम्मेदार अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की गयी है, लेकिन कार्रवाई शून्य है।
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परमिट धारी संचालकों ने हाईकोर्ट में दायर की थी रिट
परमिटधारी बस संचालक जुबेर अहमद ने बताया कि बिना परमिट अवैध रूप से संचालित हो रहे वाहनों के खिलाफ हाईकोर्ट में रिट दायर की गई थी। बीते नौ सितंबर को हाईकोर्ट में इसकी सुनवाई हुई थी। जिसमें अधिकारियों की ओर से मौजूद अधिवक्ता ने एक माह में अवैध संचालन पर पाबंदी का आश्वासन दिया था। लेकिन एक माह बीतने के बाद भी अभी तक कोई पाबंदी नहीं लगी है और संचालन लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि एक बार फिर से हाईकोर्ट में रिट दायर की जाएगी।
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हरदी थाने का प्राप्त है संरक्षण
क्षेत्र में चर्चा है, कि अवैध डग्गामार वाहनों के संचालकों को हरदी थाने का संरक्षण हासिल है। जिसके चलते हरदी थाने की पुलिस सब कुछ देखने के बाद भी अवैध टैंपो, टैक्सी, बस आदि के संचालन पर कोई पाबंदी नहीं लगा रही है। लोगों में पुलिस के प्रति रोष देखने को मिल रहा है।
दिल्ली-पंजाब तक रवाना होती हैं बसें
क्षेत्र में डग्गामारी का आलम यह है, कि तहसील क्षेत्र से कई अन्य प्रदेशों के लिए बसों का संचालन किया जा रहा है।
रमपुरवा चौकी के पास से संचालित हो रही इन बसों द्वारा यात्रियों को पंजाब, दिल्ली व मुंबई आदि की यात्रा करवायी जाती है। वहीं इसके एवज में यात्रियों से मोटी रकम भी वसूली जा रही है।
इन विभागों पर है पाबंदी की जिम्मेदारी
डग्गामार वाहनों पर अंकुश लगाने का जिम्मा संभागीय परिवहन विभाग, परिवहन निगम, स्थानीय पुलिस व तहसील प्रशासन पर है। बावजूद सभी जिम्मेदार इन पर कार्रवाई करने के प्रति उदासीन दिख रहे हैं। चारों विभागों को डग्गामार वाहनों को बंद कराना चाहिए, लेकिन शायद ही कभी कोई कार्रवाई की गई हो। कार्रवाई न होने से डग्गामार वाहन चालकों के हौंसले बुलंद है।

जांच के बाद होगी कार्रवाई
एआरटीओ व इंस्पेक्टर ने डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई की थी। वर्तमान में हो रहे संचालन की जानकारी नहीं है। अभी अवकाश पर हूं। आने पर जांच करवाएंगे और दोषी संचालकों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -रामदास, एसडीएम महसी
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