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Bahraich News: रुपईडीहा में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या से दहशत
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रुपईडीहा नगर पंचायत में रात के समय जमा कुत्तों का झुंड। -संवाद
रुपईडीहा। कस्बे में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या अब लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई है। गली-मोहल्लों, बाजार, मुख्य मार्ग, चौक-चौराहों और रिहायशी इलाकों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं। इससे आमजन में डर का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह तड़के और शाम के समय कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। राह चलते लोगों पर भौंकना, झपटना और पीछे दौड़ पड़ना अब आम बात हो गई है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ बाइक और कार सवार भी इनके निशाने पर रहते हैं। कई जगहों पर 10 से 15 कुत्तों के झुंड एक साथ देखे जा रहे हैं, जिससे रास्तों पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
स्थानीय निवासी मोनू जायसवाल, राम गुप्ता और मुस्तकीम का कहना है कि रविवार सुबह कुत्तों की संख्या इतनी अधिक रही कि सुबह टहलना भी मुश्किल हो गया। एक महिला निवासी ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजते समय हमेशा डर बना रहता है। लोगों का कहना है कि पहले भी कुत्तों ने पालतू जानवरों को नुकसान पहुंचाया है। नागरिकों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की गिनती कर नसबंदी, टीकाकरण और उचित व्यवस्था की मांग की है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार सुबह तड़के और शाम के समय कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं। राह चलते लोगों पर भौंकना, झपटना और पीछे दौड़ पड़ना अब आम बात हो गई है। पैदल चलने वालों के साथ-साथ बाइक और कार सवार भी इनके निशाने पर रहते हैं। कई जगहों पर 10 से 15 कुत्तों के झुंड एक साथ देखे जा रहे हैं, जिससे रास्तों पर चलना खतरे से खाली नहीं है।
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स्थानीय निवासी मोनू जायसवाल, राम गुप्ता और मुस्तकीम का कहना है कि रविवार सुबह कुत्तों की संख्या इतनी अधिक रही कि सुबह टहलना भी मुश्किल हो गया। एक महिला निवासी ने बताया कि बच्चों को स्कूल भेजते समय हमेशा डर बना रहता है। लोगों का कहना है कि पहले भी कुत्तों ने पालतू जानवरों को नुकसान पहुंचाया है। नागरिकों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की गिनती कर नसबंदी, टीकाकरण और उचित व्यवस्था की मांग की है।
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