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Bahraich News: अग्निशमन केंद्र के संचालन में रास्ते का अड़ंगा
Mon, 30 Dec 2024 12:16 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 30 Dec 2024 12:16 AM IST
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महसी ब्लॉक के मासाडीहा में बना फायर स्टेशन।
बहराइच। महसी विकास क्षेत्र के मासाडीह गांव में शासन की ओर से 10 करोड़ की लागत से अग्निशमन केंद्र का निर्माण कराया था, लेकिन अग्निशमन केंद्र रास्ते के अभाव में संचालित नहीं हो पा रहा है। ऐसे में यह अग्निशमन केंद्र सफेद हाथी बनकर रह गया है। शासन व प्रशासन अग्निशमन केंद्र के संचालन को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। जिसका खामियाजा अग्निकांड की घटना होने पर क्षेत्रवासियों को उठाना पड़ता है।
जिले में अक्सर अग्निकांड की घटनाएं होती रहती हैं। जिले की लगभग सभी तहसीलों में अग्निशमन केंद्र का संचालन तो शुरू किया जा रहा है, लेकिन संसाधनों की अभाव में कई केंद्र अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य नहीं कर पा रहे हैं। शासन की ओर से 10 करोड़ की लागत से करीब दो साल पूर्व महसी क्षेत्र के मासाडीह गांव में अग्निशमन केंद्र का निर्माण कराया गया। अब यहां अग्निशमन केंद्र तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन दमकल वाहनों के आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में नवनिर्मित भवन क्षेत्र के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। ऐसे मेंं महसी तहसील क्षेत्र के किसी इलाके में अग्निकांड की घटनाएं घटित होती हैं, तो वहां अग्निकांड की घटना पर काबू पाने के लिए जिला मुख्यालय स्थित अग्निशमन विभाग का ही सहारा लेना पड़ता है।
केंद्र पर तैनात हैं चार फायरकर्मी
मासाडीह में बनकर तैयार हुआ अग्निशमन केंद्र की देखरेख के लिए चार फायर कर्मियों की तैनाती है। हालांकि मौजूदा समय तीन फायरकर्मी को कुंभ मेले के लिए भेज दिए गए हैं। वहीं एक फायरकर्मी व एक दीवान की तैनाती है। वहीं दो कर्मी अग्निशमन भवन की देखरेख में जुटे हुए है।
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मार्ग पर है अतिक्रमण
अग्निशमन केंद्र के लिए दो रास्ते जाते हैं, लेकिन एक रास्ता काफी संकरा होने से दमकल वाहन नहीं निकल सकते हैं। वहीं दूसरे रास्ते पर कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर रखा है। डीएम से पत्राचार किया जा रहा है। शीघ्र ही मार्ग से अतिक्रमण हटाकर केंद्र का संचालन कराया जाएगा।
रामानुज विशाल गोंड, सीएफओ अग्निशमन केंद्र
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जिले में अक्सर अग्निकांड की घटनाएं होती रहती हैं। जिले की लगभग सभी तहसीलों में अग्निशमन केंद्र का संचालन तो शुरू किया जा रहा है, लेकिन संसाधनों की अभाव में कई केंद्र अपनी पूरी क्षमता के साथ कार्य नहीं कर पा रहे हैं। शासन की ओर से 10 करोड़ की लागत से करीब दो साल पूर्व महसी क्षेत्र के मासाडीह गांव में अग्निशमन केंद्र का निर्माण कराया गया। अब यहां अग्निशमन केंद्र तो बनकर तैयार हो गया है, लेकिन दमकल वाहनों के आने-जाने के लिए कोई रास्ता नहीं है। ऐसे में नवनिर्मित भवन क्षेत्र के लिए सफेद हाथी साबित हो रहा है। ऐसे मेंं महसी तहसील क्षेत्र के किसी इलाके में अग्निकांड की घटनाएं घटित होती हैं, तो वहां अग्निकांड की घटना पर काबू पाने के लिए जिला मुख्यालय स्थित अग्निशमन विभाग का ही सहारा लेना पड़ता है।
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केंद्र पर तैनात हैं चार फायरकर्मी
मासाडीह में बनकर तैयार हुआ अग्निशमन केंद्र की देखरेख के लिए चार फायर कर्मियों की तैनाती है। हालांकि मौजूदा समय तीन फायरकर्मी को कुंभ मेले के लिए भेज दिए गए हैं। वहीं एक फायरकर्मी व एक दीवान की तैनाती है। वहीं दो कर्मी अग्निशमन भवन की देखरेख में जुटे हुए है।
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मार्ग पर है अतिक्रमण
अग्निशमन केंद्र के लिए दो रास्ते जाते हैं, लेकिन एक रास्ता काफी संकरा होने से दमकल वाहन नहीं निकल सकते हैं। वहीं दूसरे रास्ते पर कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने अतिक्रमण कर रखा है। डीएम से पत्राचार किया जा रहा है। शीघ्र ही मार्ग से अतिक्रमण हटाकर केंद्र का संचालन कराया जाएगा।
रामानुज विशाल गोंड, सीएफओ अग्निशमन केंद्र