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अब गोलागंज टेपरी गांव घाघरा के निशाने पर
बहराइच/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 04 Sep 2015 11:32 PM IST
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महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत गोलागंज टेपरी गांव घाघरा नदी के निशाने पर आ गया है। शुक्रवार शाम तक नदी ने छह ग्रामीणों के मकान काट दिए। 110 बीघा खेती योग्य जमीन भी नदी में समाहित हुई है। सूचना तहसील के अधिकारियों को दी गई लेकिन राहत व बचाव कार्य पूरी तरह शून्य है।
घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है, जिसके चलते महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत गोलागंज टेपरी गांव नदी के निशाने पर आ गया है। भोर से कटान काफी तेज है, जिसके चलते गांव निवासी रामराज सिंह, फुलेराज सिंह, बाबू सिंह निरंजन सिंह, बाबूराम और शिव कुमार के मकानों को नदी ने लील लिया।
साथ ही, खेती योग्य जमीन में भी तेज कटान चल रही है। अब तक 110 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई है। अचानक कटान तेज होने से गोलागंज टेपरी गांव के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। गांव में सिर्फ 18 मकान बचे हैं। इन मकानों के ग्रामीण भी अपनी गृहस्थी सहेजकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
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गांव के लोगों ने कटान तेज होने और गांव के नदी के निशाने पर आने की सूचना तहसील को दी लेकिन अब तक राहत व बचाव कार्य पूरी तरह शून्य है। एसडीएम सीपी तिवारी का कहना है कि राजस्व कर्मी क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे हैं कटान की जो भी रिपोर्ट मिलेगी उसी के तहत मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि कटान रोकने के लिए सरयू ड्रेनेज खंड के अभियांताओं को पत्र लिखा गया है।
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घाघरा नदी का जलस्तर तेजी से कम हो रहा है, जिसके चलते महसी तहसील क्षेत्र अंतर्गत गोलागंज टेपरी गांव नदी के निशाने पर आ गया है। भोर से कटान काफी तेज है, जिसके चलते गांव निवासी रामराज सिंह, फुलेराज सिंह, बाबू सिंह निरंजन सिंह, बाबूराम और शिव कुमार के मकानों को नदी ने लील लिया।
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साथ ही, खेती योग्य जमीन में भी तेज कटान चल रही है। अब तक 110 बीघा खेती योग्य जमीन नदी में समाहित हुई है। अचानक कटान तेज होने से गोलागंज टेपरी गांव के अस्तित्व पर संकट मंडराने लगा है। गांव में सिर्फ 18 मकान बचे हैं। इन मकानों के ग्रामीण भी अपनी गृहस्थी सहेजकर सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं।
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गांव के लोगों ने कटान तेज होने और गांव के नदी के निशाने पर आने की सूचना तहसील को दी लेकिन अब तक राहत व बचाव कार्य पूरी तरह शून्य है। एसडीएम सीपी तिवारी का कहना है कि राजस्व कर्मी क्षेत्र में ड्यूटी कर रहे हैं कटान की जो भी रिपोर्ट मिलेगी उसी के तहत मुआवजे की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने कहा कि कटान रोकने के लिए सरयू ड्रेनेज खंड के अभियांताओं को पत्र लिखा गया है।