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Bahraich News: सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर पहले दिन आए पांच हजार से अधिक जायरीन
Fri, 16 May 2025 01:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Fri, 16 May 2025 01:44 AM IST
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बहराइच में सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर नाल दरवाजे के सामने मौजूद जायरीन
बहराइच। सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले मेले पर रोक है। इसके बावजूद मेले के पहले दिन बुधवार को करीब पांच हजार से अधिक जायरीन दरगाह पहुंचे। इनमें से अधिकांश गैर जिले के हैं। वहीं, जायरीनों को रोकने के लिए दरगाह के चारों गेटों पर भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया है। दरगाह की ओर केवल पैदल यात्रियों को जाने की इजाजत है। वाहनों को सड़क पर ही रोका जा रहा है।
मेले पर रोक के मद्देनजर बाहर से भी पुलिस बल मांगा गया था। इसके तहत जिले में तीन एएसपी, नौ सीओ, प्रभारी निरीक्षक 15, निरीक्षक 35, उपनिरीक्षक 246, महिला निरीक्षक 21, सिपाही 840 व तीन कंपनी पीएसी की तैनाती हुई है। शहर के चारों ओर प्रवेश द्वार पर भारी मात्रा में पुलिस बल बैरिकेडिंग लगा कर बैठा हुआ है। जबकि दरगाह के चारों गेटों के साथ ही भिनगा की ओर से आने वाले रास्तों पर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है। गेट पर तैनात पुलिस केवल वाहनों पर बैठकर दरगाह जाने पर रोक रही है।
बृहस्पतिवार को आयोजित मेले के पहले दिन करीब पांच हजार से अधिक जायरीन दरगाह पहुंचे। मुंबई से पूरे परिवार के साथ आए तारीख ने बताया कि ट्रेन में टिकट न मिलने के कारण वह अपने वाहन से यहां आए। जियारत के बाद वापस चले जाएगे। मेला लगने के मामले में बताया कि मेला पहले से लगता आ रहा है। यदि इस वर्ष भी लगे तो बेहतर होगा, लेकिन कोर्ट का आदेश सभी को मानना चाहिए। गोरखपुर से आईं अमीना ने रोष भरे अंदाज में कहा कि यह प्रशासन की मनमानी है। मेला बिलकुल लगना चाहिए।
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वहीं, आजमगढ़ के अशफाक पूरे परिवार के साथ मेले में भाग लेने आए थे। वह भी मेला न लगने से नाराज दिखे, लेकिन यह पूछने पर की मेला जरूरी है या फिर जियारत, क्या दरगाह में आने से किसी ने आप को रोका। इसपर उनका कहना था कि दरगाह में आने से तो किसी ने नहीं रोका, लेकिन मेले से जिन गरीबों का रोजगार होता था, उनका काम कैसे चलेगा।
बिना रोकटोक के पहुंच रहे
मेले पर रोक के बाद भारी तादाद में पुलिस बल तो तैनात है, लेकिन उन्हें क्या करना है और क्या नही करना है। इसके बारे में स्पष्ट नही बताया गया है। इसलिए जो जायरीन आ रहे है वह बिना किसी रोकटोक के दरगाह पहुंच रहे हैं। केवल वहां अस्थायी दुकानें लगाने की इजाजत नहीं है। एएसपी नगर रामानंद कुशवाहा ने बताया कि ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को सब कुछ बता दिया गया है। उसी के हिसाब से वह अपना कार्य कर रहे हैं।
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मेले पर रोक के मद्देनजर बाहर से भी पुलिस बल मांगा गया था। इसके तहत जिले में तीन एएसपी, नौ सीओ, प्रभारी निरीक्षक 15, निरीक्षक 35, उपनिरीक्षक 246, महिला निरीक्षक 21, सिपाही 840 व तीन कंपनी पीएसी की तैनाती हुई है। शहर के चारों ओर प्रवेश द्वार पर भारी मात्रा में पुलिस बल बैरिकेडिंग लगा कर बैठा हुआ है। जबकि दरगाह के चारों गेटों के साथ ही भिनगा की ओर से आने वाले रास्तों पर कई स्थानों पर बैरिकेडिंग लगाई गई है। गेट पर तैनात पुलिस केवल वाहनों पर बैठकर दरगाह जाने पर रोक रही है।
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बृहस्पतिवार को आयोजित मेले के पहले दिन करीब पांच हजार से अधिक जायरीन दरगाह पहुंचे। मुंबई से पूरे परिवार के साथ आए तारीख ने बताया कि ट्रेन में टिकट न मिलने के कारण वह अपने वाहन से यहां आए। जियारत के बाद वापस चले जाएगे। मेला लगने के मामले में बताया कि मेला पहले से लगता आ रहा है। यदि इस वर्ष भी लगे तो बेहतर होगा, लेकिन कोर्ट का आदेश सभी को मानना चाहिए। गोरखपुर से आईं अमीना ने रोष भरे अंदाज में कहा कि यह प्रशासन की मनमानी है। मेला बिलकुल लगना चाहिए।
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वहीं, आजमगढ़ के अशफाक पूरे परिवार के साथ मेले में भाग लेने आए थे। वह भी मेला न लगने से नाराज दिखे, लेकिन यह पूछने पर की मेला जरूरी है या फिर जियारत, क्या दरगाह में आने से किसी ने आप को रोका। इसपर उनका कहना था कि दरगाह में आने से तो किसी ने नहीं रोका, लेकिन मेले से जिन गरीबों का रोजगार होता था, उनका काम कैसे चलेगा।
बिना रोकटोक के पहुंच रहे
मेले पर रोक के बाद भारी तादाद में पुलिस बल तो तैनात है, लेकिन उन्हें क्या करना है और क्या नही करना है। इसके बारे में स्पष्ट नही बताया गया है। इसलिए जो जायरीन आ रहे है वह बिना किसी रोकटोक के दरगाह पहुंच रहे हैं। केवल वहां अस्थायी दुकानें लगाने की इजाजत नहीं है। एएसपी नगर रामानंद कुशवाहा ने बताया कि ड्यूटी में तैनात पुलिस बल को सब कुछ बता दिया गया है। उसी के हिसाब से वह अपना कार्य कर रहे हैं।