{"_id":"6ab2cbdd948848066f0acbe4","slug":"more-than-20-acres-of-agricultural-land-were-swallowed-by-the-river-due-to-erosion-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-157275-2026-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: कटान में 20 एकड़ से अधिक कृषि भूमि नदी में समाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: कटान में 20 एकड़ से अधिक कृषि भूमि नदी में समाई
विज्ञापन
महसी के बांसगढ़ी में कटान कर रही सरयू नदी।
महसी। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ ही महसी तहसील के बांसगढ़ी ग्राम पंचायत में कटान की रफ्तार बढ़ गई है। नदी की धारा में अब तक 20 एकड़ से अधिक कृषि योग्य भूमि समाहित होने की बात सामने आई है। मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय के निर्देश पर तहसीलदार महसी विपिन कुमार चौरसिया ने कटान प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने तहसीलदार को कटान से हो रहे नुकसान की जानकारी दी। बांसगढ़ी निवासी रामफेर सिंह, सुमित, कौशल और राजकुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने के बाद कटान की रफ्तार बढ़ गई है। रात से अब तक लगभग दो एकड़ से अधिक की कटान हुई है। लगातार जमीन नदी में समाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की।
तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया ने बताया कि सरयू में कटानरोधी कार्य के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित क्षेत्र में कुछ कृषि योग्य भूमि पहले भी कई वर्षों के दौरान नदी में कट चुकी है। वर्तमान स्थिति का भी जायजा लिया गया है। राजस्व टीम कटान से हुए क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसी के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने तहसीलदार को कटान से हो रहे नुकसान की जानकारी दी। बांसगढ़ी निवासी रामफेर सिंह, सुमित, कौशल और राजकुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर कम होने के बाद कटान की रफ्तार बढ़ गई है। रात से अब तक लगभग दो एकड़ से अधिक की कटान हुई है। लगातार जमीन नदी में समाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीणों ने तत्काल कटानरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की।
विज्ञापन
तहसीलदार विपिन कुमार चौरसिया ने बताया कि सरयू में कटानरोधी कार्य के लिए बाढ़ खंड के अधिकारियों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रभावित क्षेत्र में कुछ कृषि योग्य भूमि पहले भी कई वर्षों के दौरान नदी में कट चुकी है। वर्तमान स्थिति का भी जायजा लिया गया है। राजस्व टीम कटान से हुए क्षति का आकलन कर रिपोर्ट तैयार कर रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसी के अनुरूप मुआवजा दिया जाएगा।
विज्ञापन