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Bahraich News: मोबाइल की लत भी मानसिक बीमारी की वजह

Fri, 09 Jan 2026 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच Updated Fri, 09 Jan 2026 01:02 AM IST
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Mobile addiction is also a cause of mental illness
चर्दा सीएचसी पर मानसिक स्वास्थ्य ​शिविर में मरीजों का इलाज करते चिकित्सक। -संवाद
बहराइच/रुपईडीहा। डिजिटल युग में मोबाइल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का अत्यधिक उपयोग मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है। यह चेतावनी महर्षि बाल्मीकि चिकित्सालय द्वारा सीएचसी चरदा में आयोजित मानसिक स्वास्थ्य शिविर में विशेषज्ञों ने दी।
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मनोचिकित्सक डॉ. विजित जायसवाल ने बताया कि सोशल मीडिया पर सक्रियता और आभासी दुनिया में उलझाव के कारण नींद की कमी, चिड़चिड़ापन और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ रही हैं। शिविर में आए 65 में से 43 मरीज ऐसे थे, जिनकी उम्र 40 वर्ष से कम है। युवाओं में मानसिक रोगों के लक्षण अब कम उम्र में ही दिखने लगे हैं। सीएचसी प्रभारी डॉ. महेश कुमार के संयोजन में आयोजित शिविर में हरीश कुमार, सीमा, अजय प्रताप और बीपीएम अबु स्वालेह आदि मौजूद रहे।
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मानसिक स्वास्थ्य परामर्श के लिए करें कॉल
मनोचिकित्सक डॉ. विजित जायसवाल ने बताया कि जिले के आठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर हर साल मानसिक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाते हैं। बताया कि मरीज किसी भी समय परामर्श के लिए सीएमओ कार्यालय स्थित पुरानी बिल्डिंग में संपर्क कर सकते हैं। साथ ही, सरकार द्वारा मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 14416 (मानस सेवा) संचालित की जा रही है। जिस पर कॉल करके विशेषज्ञ चिकित्सकों से निशुल्क परामर्श लिया जा सकता है।
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यह लक्षण दिखे तो हो जाएं सावधान
मनोचिकित्सक डॉ. जायसवाल ने बताया कि नींद न आना, घबराहट, अत्यधिक तनाव, मिर्गी और बेहोशी जैसे लक्षण मानसिक रोग के संकेत हो सकते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मन का अस्थिर रहना और एकाग्रता की कमी को नजरअंदाज करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत विशेषज्ञ चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।

मानसिक रोग से बचाव के उपाय

- मोबाइल और सोशल मीडिया का सीमित उपयोग करें।
- रोजाना पर्याप्त नींद लें।
- योग, ध्यान और नियमित व्यायाम अपनाएं।
- परिवार और मित्रों से संवाद बनाए रखें।
- बच्चों को खेलने के लिए करें प्रेरित।
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