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मासूम के हत्यारे को आजीवन कारावास
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बहराइच। जरवल कस्बा निवासी छह वर्षीय मासूम बालक की हत्या के मामले में हत्यारे को आजीवन करावास की सजा कोर्ट ने सुनाई है। 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
छह वर्षीय मासूम बालक 18 जून को दिन में एक बजे के करीब घर के पास स्थित मैदान में कुछ बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। तभी मोहल्ले का ही रहने वाला बबलू जायसवाल उर्फ अर्जुन जायसवाल उसका अपहरण कर ले गया। अपहरण के बाद मासूम के साथ कुकर्म की वारदात की गई। बालक के शोर मचाने पर उसकी हत्या कर शव पास ही स्थित एक डस्टबिन में छिपा दिया गया।
पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव के साथ ही लकड़ी का बैट, गेंद, लॉकेट, चप्पल आदि बरामद की गई। घटना में बबलू जायसवाल को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार पांडेय ने जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक मुन्नूलाल मिश्रा के साथ ही वादी के अधिवक्ता योगेश कालिया व अभियुक्त के अधिवक्ता केदारनाथ मिश्रा के तर्कों को सुना। जिसके बाद बबलू जायसवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसके ऊपर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही कुकर्म, अपहरण आदि की धाराओं में भी उसे अलग-अलग सजाएं सुनाई गई हैं। सभी सजाएं आजीवन कारावास के साथ ही चलेंगी।
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छह वर्षीय मासूम बालक 18 जून को दिन में एक बजे के करीब घर के पास स्थित मैदान में कुछ बच्चों के साथ क्रिकेट खेल रहा था। तभी मोहल्ले का ही रहने वाला बबलू जायसवाल उर्फ अर्जुन जायसवाल उसका अपहरण कर ले गया। अपहरण के बाद मासूम के साथ कुकर्म की वारदात की गई। बालक के शोर मचाने पर उसकी हत्या कर शव पास ही स्थित एक डस्टबिन में छिपा दिया गया।
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पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद शव के साथ ही लकड़ी का बैट, गेंद, लॉकेट, चप्पल आदि बरामद की गई। घटना में बबलू जायसवाल को नामजद करते हुए मुकदमा दर्ज किया गया। फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम के विशेष न्यायाधीश अमित कुमार पांडेय ने जिला शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक मुन्नूलाल मिश्रा के साथ ही वादी के अधिवक्ता योगेश कालिया व अभियुक्त के अधिवक्ता केदारनाथ मिश्रा के तर्कों को सुना। जिसके बाद बबलू जायसवाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उसके ऊपर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही कुकर्म, अपहरण आदि की धाराओं में भी उसे अलग-अलग सजाएं सुनाई गई हैं। सभी सजाएं आजीवन कारावास के साथ ही चलेंगी।
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