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तेंदुए ने बछड़े का किया शिकार तो ग्रामीणों ने वनरक्षक को बनाया बंधक
बहराइच
Updated Sun, 29 Oct 2017 10:16 PM IST
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ककरहा रेंज के मधवापुर गांव निवासी एक ग्रामीण के अहाते में घुसे तेंदुए ने बछड़े को खेत में ले जाकर निवाला बना लिया। सूचना पाकर वनरक्षक घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। बाघ और तेंदुओं के हमले से नाराज ग्रामीणों ने वनरक्षक को बंधक बना लिया। इससे अफरातफरी मच गई। मौके पर डायल 100 के सिपाहियों के पहुंचने पर वनरक्षक बंधक मुक्त हो सका। मालूम हो कि एक हफ्ते पहले ही बछड़े का जन्म हुआ था। ग्रामीण हमलों से काफी परेशान हैं।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में जंगल से सटे गांवों में बाघ और तेंदुओं के हमले बढ़ गए हैं। ककरहा रेंज अंतर्गत मधवापुर गांव निवासी बैठू लोनिया का बछड़ा अहाते में बंधा हुआ था। शनिवार रात 11 बजे के आसपास जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने उसे इतवारी के खेत में ले जाकर निवाला बना लिया।
सुबह बैठू बछड़े की तलाश में खेत की तरफ जा रहा था। तभी उसे क्षत-विक्षत शव दिखायी दिया। इस पर सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई। वन क्षेत्राधिकारी विकास कुमार अस्थाना ने वनरक्षक अवध नरायन शुक्ला गांव भेजा। वनरक्षक के गांव पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।
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इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने सूचना डायल 100 के सिपाहियों को दी। पुलिस टीम गांव पहुंच गई। इस पर ग्रामीण वनरक्षक को छोड़कर भाग गए। रेंजर विकास ने बताया कि तेंदुए के हमले की सूचना मिली है। वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया है। जांच के बाद मुआवजा दिया जाएगा।
अब हरखापुर खुटेहना फार्म तथा गंगापुर गांव में दिखी बाघिन :
ठंड बढ़ने के साथ ही बाघ और तेंदुओं का मूवमेंट गांवों की ओर अचानक बढ़ गया है। संरक्षित वन क्षेत्र के हरखापुर खुटेहना फार्म तथा ककरहा रेंज के गंगापुर में बाघिन आ गई। खुटेहना फार्म में ग्रामीणों ने एक साथ तीन ट्रैक्टर स्टार्ट कर लाइट जलायी। तब बाघिन जंगल की ओर गयी। उधर नहर-गंगापुर मार्ग पर बाइक सवारों को बाघ ने पीछा लेकिन सभी जैसे तैसे बच गए। सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई है। वनकर्मियों ने कांबिंग शुरू कर दी है। वहीं जंगली जीवों के प्रतिदिन आमद से ग्रामीणों में दहशत है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में बाघ और तेंदुओं की आमद तेज हो गई है। मुर्तिहा रेंज के हरखापुर खुटेहना फार्म गांव में राजदेव सिंह, बाबूराम, सुभाष समेत चार भाई रहते हैं। शनिवार रात 11 बजे के आसपास बाघिन घर के सामने आ गई और घर के सामने दहाड़ने लगी।
इसी दौरान जगे भाइयों ने तीन ट्रैक्टर स्टार्ट कर उनकी लाइट बाघिन की तरफ घुमा दी। लगभग 10 मिनट के बाद बाघिन जंगल की ओर गई। उधर सर्रा कला निवासी विक्की मौैर्या पुत्र रवींद्र सिंह अपने एक सहयोगी के साथ ककरहा रेंज के गंगापुर गांव में रिश्तेदारी में बाइक से जा रहा था।
नहर से गंगापुर फार्म जाने वाले मार्ग पर पहुंचते ही 10 मीटर की दूरी पर बाघ आ गया। आनन-फानन में विक्की बाइक घुमाकर तेजी से आगे बढ़ा। कुछ दूर तक बाघ ने पीछा किया, लेकिन स्पीड अधिक होने से उसकी जान बच गई। वहीं गंगापुर गांव में निकले तेंदुए ने ग्रामीणों को परेशान किया। वन क्षेत्राधिकारी मुर्तिहा एसपी सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गन्ने की फसल अधिक मात्रा में है। इससे बाघ और तेंदुए निकल रहे हैं। वनकर्मियों को सघन कांबिंग के निर्देश दिए गए हैं।
मुर्तिहा रेंज के अमृतपुर गांव में दो मासूमों की मौत तेंदुए के हमलें में चार दिन पूर्व हुई थी। तभी से मुर्तिहा, ककरहा तथा सुजौली के रेंजर आठ-आठ घंटे लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। चार पिंजरे भी लगाए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी मुर्तिहा एसपी सिंह ने बताया कि लगाए गए पिंजरे में अभी एक भी जानवर नहीं फंसा है। लगातार गांव में रहकर कांबिंग की जा रही है।
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कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र में जंगल से सटे गांवों में बाघ और तेंदुओं के हमले बढ़ गए हैं। ककरहा रेंज अंतर्गत मधवापुर गांव निवासी बैठू लोनिया का बछड़ा अहाते में बंधा हुआ था। शनिवार रात 11 बजे के आसपास जंगल से निकलकर आए तेंदुए ने उसे इतवारी के खेत में ले जाकर निवाला बना लिया।
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सुबह बैठू बछड़े की तलाश में खेत की तरफ जा रहा था। तभी उसे क्षत-विक्षत शव दिखायी दिया। इस पर सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई। वन क्षेत्राधिकारी विकास कुमार अस्थाना ने वनरक्षक अवध नरायन शुक्ला गांव भेजा। वनरक्षक के गांव पहुंचते ही सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने बंधक बना लिया।
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इसी बीच कुछ ग्रामीणों ने सूचना डायल 100 के सिपाहियों को दी। पुलिस टीम गांव पहुंच गई। इस पर ग्रामीण वनरक्षक को छोड़कर भाग गए। रेंजर विकास ने बताया कि तेंदुए के हमले की सूचना मिली है। वनकर्मियों को मौके पर भेजा गया है। जांच के बाद मुआवजा दिया जाएगा।
अब हरखापुर खुटेहना फार्म तथा गंगापुर गांव में दिखी बाघिन :
ठंड बढ़ने के साथ ही बाघ और तेंदुओं का मूवमेंट गांवों की ओर अचानक बढ़ गया है। संरक्षित वन क्षेत्र के हरखापुर खुटेहना फार्म तथा ककरहा रेंज के गंगापुर में बाघिन आ गई। खुटेहना फार्म में ग्रामीणों ने एक साथ तीन ट्रैक्टर स्टार्ट कर लाइट जलायी। तब बाघिन जंगल की ओर गयी। उधर नहर-गंगापुर मार्ग पर बाइक सवारों को बाघ ने पीछा लेकिन सभी जैसे तैसे बच गए। सूचना रेंज कार्यालय पर दी गई है। वनकर्मियों ने कांबिंग शुरू कर दी है। वहीं जंगली जीवों के प्रतिदिन आमद से ग्रामीणों में दहशत है।
कतर्नियाघाट संरक्षित वन क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में बाघ और तेंदुओं की आमद तेज हो गई है। मुर्तिहा रेंज के हरखापुर खुटेहना फार्म गांव में राजदेव सिंह, बाबूराम, सुभाष समेत चार भाई रहते हैं। शनिवार रात 11 बजे के आसपास बाघिन घर के सामने आ गई और घर के सामने दहाड़ने लगी।
इसी दौरान जगे भाइयों ने तीन ट्रैक्टर स्टार्ट कर उनकी लाइट बाघिन की तरफ घुमा दी। लगभग 10 मिनट के बाद बाघिन जंगल की ओर गई। उधर सर्रा कला निवासी विक्की मौैर्या पुत्र रवींद्र सिंह अपने एक सहयोगी के साथ ककरहा रेंज के गंगापुर गांव में रिश्तेदारी में बाइक से जा रहा था।
नहर से गंगापुर फार्म जाने वाले मार्ग पर पहुंचते ही 10 मीटर की दूरी पर बाघ आ गया। आनन-फानन में विक्की बाइक घुमाकर तेजी से आगे बढ़ा। कुछ दूर तक बाघ ने पीछा किया, लेकिन स्पीड अधिक होने से उसकी जान बच गई। वहीं गंगापुर गांव में निकले तेंदुए ने ग्रामीणों को परेशान किया। वन क्षेत्राधिकारी मुर्तिहा एसपी सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि क्षेत्र में गन्ने की फसल अधिक मात्रा में है। इससे बाघ और तेंदुए निकल रहे हैं। वनकर्मियों को सघन कांबिंग के निर्देश दिए गए हैं।
मुर्तिहा रेंज के अमृतपुर गांव में दो मासूमों की मौत तेंदुए के हमलें में चार दिन पूर्व हुई थी। तभी से मुर्तिहा, ककरहा तथा सुजौली के रेंजर आठ-आठ घंटे लगातार ड्यूटी कर रहे हैं। चार पिंजरे भी लगाए गए हैं। वन क्षेत्राधिकारी मुर्तिहा एसपी सिंह ने बताया कि लगाए गए पिंजरे में अभी एक भी जानवर नहीं फंसा है। लगातार गांव में रहकर कांबिंग की जा रही है।