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पर्यटकों के लिए खुला कतर्निया
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 15 Nov 2016 10:48 PM IST
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पहुंचे 158 पर्यटक
- फोटो : अमर उजाला
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग ठीक पांच महीने बाद मंगलवार को पर्यटकोें के खोल दिया गया। पहले दिन 158 पर्यटक कतर्निया पहुुंचे। इनमें लखनऊ के पर्यटक भी शामिल थे। इन पर्यटकों को वन विभाग के वाहन से जंगल की सैर कराई गई। नवनिर्मित कैंटीन में लजीज व्यंजन परोसे गए। पर्यटकों ने बोटिंग भी की।
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग बरसात के बाद फिर से पर्यटकों के भ्रमण के लिए मंगलवार को खोल दिया गया है। मंगलवार सुबह डीएफओ जीपी सिंह की मौजूदगी में संरक्षित वन क्षेत्र के भ्रमण पर पहुंचे नानपारा दादा पब्लिक स्कूल के जूनियर कक्षा के छात्र प्रखर साहू ने गेरुआ सफारी गेट का फीता काटकर उद्घाटन किया।
इस मौके पर डीएफओ ने सेंक्चुरी क्षेत्र के बारे में मौजूद पर्यटकों को जानकारी दी। डीएफओ ने कहा कि सुजौली रेंज को पर्यटन की दृष्टि से और सुरम्य बनाने की कवायद शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के स्वागत के लिए कतर्नियाघाट के आरक्षित वन क्षेत्र ककरहा और मोतीपुर रेंज में वातानुकूलित थारूहट और वन विश्राम गृह की व्यवस्था की गई है।
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वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि पहले दिन 158 पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे हैं। इनमें लखनऊ के भी पर्यटक शामिल हैं। इसके अलावा नानपारा दादा पब्लिक स्कूल और गोंडा पब्लिक स्कूल के छात्र भी भ्रमण पर आए हैं। उन्होंने बताया कि 130 पर्यटक दिन में भ्रमण करने के बाद रात में वापस लौट गए।
डीएफओ ने बताया कि सेंच्युरी क्षेत्र में स्थित थारू ग्राम के ग्रामीणों के हस्तनिर्मित वस्तुओं को उद्योग का रूप देने के लिए उनकी प्रदर्शनी रेंज कार्यालयों पर लगाई गई है। यह वस्तुएं बांस और फूस आदि का प्रयोग कर बनी हैं। उन्होंने कहा कि जंगल आने वाले पर्यटकों के लिए गाइड और वाहन का इंतजाम किया गया है।
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कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग बरसात के बाद फिर से पर्यटकों के भ्रमण के लिए मंगलवार को खोल दिया गया है। मंगलवार सुबह डीएफओ जीपी सिंह की मौजूदगी में संरक्षित वन क्षेत्र के भ्रमण पर पहुंचे नानपारा दादा पब्लिक स्कूल के जूनियर कक्षा के छात्र प्रखर साहू ने गेरुआ सफारी गेट का फीता काटकर उद्घाटन किया।
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इस मौके पर डीएफओ ने सेंक्चुरी क्षेत्र के बारे में मौजूद पर्यटकों को जानकारी दी। डीएफओ ने कहा कि सुजौली रेंज को पर्यटन की दृष्टि से और सुरम्य बनाने की कवायद शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि पर्यटकों के स्वागत के लिए कतर्नियाघाट के आरक्षित वन क्षेत्र ककरहा और मोतीपुर रेंज में वातानुकूलित थारूहट और वन विश्राम गृह की व्यवस्था की गई है।
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वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी जीपी सिंह ने बताया कि पहले दिन 158 पर्यटक कतर्नियाघाट पहुंचे हैं। इनमें लखनऊ के भी पर्यटक शामिल हैं। इसके अलावा नानपारा दादा पब्लिक स्कूल और गोंडा पब्लिक स्कूल के छात्र भी भ्रमण पर आए हैं। उन्होंने बताया कि 130 पर्यटक दिन में भ्रमण करने के बाद रात में वापस लौट गए।
डीएफओ ने बताया कि सेंच्युरी क्षेत्र में स्थित थारू ग्राम के ग्रामीणों के हस्तनिर्मित वस्तुओं को उद्योग का रूप देने के लिए उनकी प्रदर्शनी रेंज कार्यालयों पर लगाई गई है। यह वस्तुएं बांस और फूस आदि का प्रयोग कर बनी हैं। उन्होंने कहा कि जंगल आने वाले पर्यटकों के लिए गाइड और वाहन का इंतजाम किया गया है।