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30 घंटे का सफर तय कर पहुंचे हंगरी
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जरवल में देर रात को यूक्रेन से लौटे छात्र अभय की आरती करतीं मां।
- फोटो : BAHRAICH
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परसा (बहराइच)। यूक्रेन संकट में फंसे जरवल निवासी रिटायर्ड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक बाबूराम यादव का पोता अभय सोमवार की सुबह साढ़े तीन बजे सकुशल अपने घर पहुंच गया। अभय के इंतजार व स्वागत में उनकी मां पूरी रात आरती की थाली सजा कर बैठी रही और अभय के घर पहुंचते ही उनकी आरती उतारकर बेटे को गले से लगा लिया। अभय ने यूक्रेन के हालात बयां किए तो बाबा बाबूराम समेत पूरे परिवार के आंसू की धार बह निकली।
जरवल निवासी छात्र अभय ने बताया कि यूक्रेन के खराब हालातों के बीच अब भी वहां कई भारतीय फंसे हुए हैं। हालात इतने खराब हैं कि वहां के आम नागरिकों को हथियार बांटे जा रहे हैं। रेडियो पर पेट्रोल बम बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
छात्र ने बताया कि शुरुआत में यूक्रेन के जिफ्रोजिया में बमबारी नहीं हो रही थी, लेकिन दूसरे दिन ही जब आम नागरिकों को हथियार बाटने की शुरुआत हुई तो हम सभी सहम गए। हमने शहर छोड़ने का फैसला किया और 30 घंटे का सफर तय कर उजग्रोथ और चाप होते हुए हंगरी पहुंचे। रेडियो प्रसारण कर पेट्रोल बम का प्रशिक्षण मिलने के बाद रूसी टैंकों पर पेट्रोल बम से हमला शुरू हो गया और हालात और खराब हो गए।
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भारतीय लोगों ने अपने अपार्टमेंट में तिरंगा झंडा लगा लिया, ताकि रूसी टैंक उन पर हमला न करें। सुमी इलाके में पानी व गैस सप्लाई पाइप बमबारी में फट गए, जिससे फंसे लोग बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे हैं। उस क्षेत्र में भी तमाम भारतीय फंसे हैं, जिन्हें सरकार को जल्द से जल्द वतन वापस ले आना चाहिए।
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जरवल निवासी छात्र अभय ने बताया कि यूक्रेन के खराब हालातों के बीच अब भी वहां कई भारतीय फंसे हुए हैं। हालात इतने खराब हैं कि वहां के आम नागरिकों को हथियार बांटे जा रहे हैं। रेडियो पर पेट्रोल बम बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
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छात्र ने बताया कि शुरुआत में यूक्रेन के जिफ्रोजिया में बमबारी नहीं हो रही थी, लेकिन दूसरे दिन ही जब आम नागरिकों को हथियार बाटने की शुरुआत हुई तो हम सभी सहम गए। हमने शहर छोड़ने का फैसला किया और 30 घंटे का सफर तय कर उजग्रोथ और चाप होते हुए हंगरी पहुंचे। रेडियो प्रसारण कर पेट्रोल बम का प्रशिक्षण मिलने के बाद रूसी टैंकों पर पेट्रोल बम से हमला शुरू हो गया और हालात और खराब हो गए।
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भारतीय लोगों ने अपने अपार्टमेंट में तिरंगा झंडा लगा लिया, ताकि रूसी टैंक उन पर हमला न करें। सुमी इलाके में पानी व गैस सप्लाई पाइप बमबारी में फट गए, जिससे फंसे लोग बर्फ पिघलाकर पानी पी रहे हैं। उस क्षेत्र में भी तमाम भारतीय फंसे हैं, जिन्हें सरकार को जल्द से जल्द वतन वापस ले आना चाहिए।