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आंधी से गिरे मकान, युवक की मौत
अमर उजाला/बहराइच
Updated Tue, 25 Apr 2017 12:08 AM IST
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अांधी से गिरा मकान
- फोटो : अमर उजाला
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तराई में रविवार देर रात अचानक आई आंधी और पानी से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। आंधी से टिन शेड और छप्पर उड़ गए। कई जगह कच्चे मकान भी धराशायी हो गए। कैसरगंज में कोल डिपो की टिन शेड उड़ने से इसकी चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई। वहीं, अलग-अलग स्थानों पर किशोरी समेत छह लोग घायल हो गए। इस दौरान कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा।
जिले में बीती देर रात करीब 10 बजे अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा चलने लगी। कुछ देर में हवा ने आंधी का रुख ले लिया। लगभग 30 मिनट तक 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आंधी व पानी से लोगों के टिन शेड, छप्पर और मकान ढह गए। कैसरगंज के ग्राम नौगोइयां में कोल डिपो स्थापित है। यहां कोयला भी बनाया जाता है। रात में मजदूर काम कर रहे थे।
इसी दौरान तेज आंधी में डिपो का पिलर उखड़ कर गिर गया। टिन शेड उड़ गई। टिन शेड की चपेट में आकर कोयला प्लांट में काम कर रहा कारीगर लखीमपुर खीरी के गुलजार नगर निवासी मोहम्मद सलमान (50) पुत्र फखरुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई। आंधी थमने के बाद सूचना पाकर डिपो के मालिक अमरेश बहादुर और प्रभारी निरीक्षक श्यामबहादुर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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सूचना मिलने पर सुबह मृतक का पुत्र मोहम्मद समर भी लखीमपुर से बहराइच पहुंचा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं, रुपईडीहा थाना अंतर्गत बख्तावर गांव में शमशुद्दीन के पोल्ट्री फॉर्म का टिन शेड और छप्पर उड़ गया। पूरा फार्म तहस-नहस हो गया है। उधर, महसी के राजीचौराहा, भगवानपुर, किसानगंज में छह ग्रामीणों के छप्पर उड़ गए। इसकी चपेट में आकर किसानगंज निवासी राधेश्याम, सलारू, जगदीश, प्रेमलाल और संतोषी घायल हो गए।
नानपारा के कोड़री में टिन शेड उड़ने से ऊषा देवी (14) पुत्री मैकूलाल जख्मी हो गई। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बहराइच-गोंडा मार्ग पर इंदिरापुर के निकट तीन स्थानों पर पेड़ मार्ग पर गिर गए, जिससे पूरी रात आवागमन प्रभावित रहा। लखनऊ, नानपारा और महसी मार्ग पर भी कई जगह पेड़ उखड़ गए। विद्युत लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। आंधी के बाद हुई तेज वर्षा से जलभराव की समस्या हो गई। आधी व पानी से पूरी रात जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सोमवार दोपहर बाद स्थिति सुधर सकी। रिसिया, नानपारा, मिहींपुरवा, पयागपुर में भी आंधी और वर्षा के चलते जनजीवन प्रभावित रहा।
रात में आंधी और पानी के दौरान जिले की बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई। शहर के सिविल लाइन, अकबरपुरा, चांदपुरा, नाजिरपुरा, बशीरगंज, दरगाह समेत पूरे क्षेत्र की बिजली पूरी रात गुल रही।
शहर के आधे हिस्से में भोर में सप्लाई शुरू हुई। जबकि आधे हिस्से में बिजली कर्मी सुबह नौ बजे फाल्ट खोज सके। ऐसे में 11 बजे के बाद विद्युत आपूर्ति पटरी पर आ सकी। वहीं ग्रामीण अंचलों में दोपहर बाद किसी तरह बिजली आपूर्ति शुरू हो पायी। अधिशासी अभियंता विद्युत आरिफ अहमद ने बताया कि रात में तेज हवाओं से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है।
बाबागंज। रुपईडीहा थाना अंतर्गत लक्ष्मनपुर सलारपुर के पास रात में आंधी के दौरान गेहूं की फसल में आग लग गई, जिसके लगभग 10 बीघा गेहूं की फसल जल गई। हालांकि इसके बाद शुरू हुई वर्षा से अपने आप आग बुझ गई।
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जिले में बीती देर रात करीब 10 बजे अचानक मौसम बदल गया। तेज हवा चलने लगी। कुछ देर में हवा ने आंधी का रुख ले लिया। लगभग 30 मिनट तक 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई। आंधी व पानी से लोगों के टिन शेड, छप्पर और मकान ढह गए। कैसरगंज के ग्राम नौगोइयां में कोल डिपो स्थापित है। यहां कोयला भी बनाया जाता है। रात में मजदूर काम कर रहे थे।
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इसी दौरान तेज आंधी में डिपो का पिलर उखड़ कर गिर गया। टिन शेड उड़ गई। टिन शेड की चपेट में आकर कोयला प्लांट में काम कर रहा कारीगर लखीमपुर खीरी के गुलजार नगर निवासी मोहम्मद सलमान (50) पुत्र फखरुद्दीन की मौके पर ही मौत हो गई। आंधी थमने के बाद सूचना पाकर डिपो के मालिक अमरेश बहादुर और प्रभारी निरीक्षक श्यामबहादुर सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
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सूचना मिलने पर सुबह मृतक का पुत्र मोहम्मद समर भी लखीमपुर से बहराइच पहुंचा। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वहीं, रुपईडीहा थाना अंतर्गत बख्तावर गांव में शमशुद्दीन के पोल्ट्री फॉर्म का टिन शेड और छप्पर उड़ गया। पूरा फार्म तहस-नहस हो गया है। उधर, महसी के राजीचौराहा, भगवानपुर, किसानगंज में छह ग्रामीणों के छप्पर उड़ गए। इसकी चपेट में आकर किसानगंज निवासी राधेश्याम, सलारू, जगदीश, प्रेमलाल और संतोषी घायल हो गए।
नानपारा के कोड़री में टिन शेड उड़ने से ऊषा देवी (14) पुत्री मैकूलाल जख्मी हो गई। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा बहराइच-गोंडा मार्ग पर इंदिरापुर के निकट तीन स्थानों पर पेड़ मार्ग पर गिर गए, जिससे पूरी रात आवागमन प्रभावित रहा। लखनऊ, नानपारा और महसी मार्ग पर भी कई जगह पेड़ उखड़ गए। विद्युत लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। आंधी के बाद हुई तेज वर्षा से जलभराव की समस्या हो गई। आधी व पानी से पूरी रात जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। सोमवार दोपहर बाद स्थिति सुधर सकी। रिसिया, नानपारा, मिहींपुरवा, पयागपुर में भी आंधी और वर्षा के चलते जनजीवन प्रभावित रहा।
रात में आंधी और पानी के दौरान जिले की बिजली व्यवस्था भी पूरी तरह ध्वस्त हो गई। शहर के सिविल लाइन, अकबरपुरा, चांदपुरा, नाजिरपुरा, बशीरगंज, दरगाह समेत पूरे क्षेत्र की बिजली पूरी रात गुल रही।
शहर के आधे हिस्से में भोर में सप्लाई शुरू हुई। जबकि आधे हिस्से में बिजली कर्मी सुबह नौ बजे फाल्ट खोज सके। ऐसे में 11 बजे के बाद विद्युत आपूर्ति पटरी पर आ सकी। वहीं ग्रामीण अंचलों में दोपहर बाद किसी तरह बिजली आपूर्ति शुरू हो पायी। अधिशासी अभियंता विद्युत आरिफ अहमद ने बताया कि रात में तेज हवाओं से विद्युत लाइनें क्षतिग्रस्त हुईं, जिससे विद्युत आपूर्ति प्रभावित हुई है।
बाबागंज। रुपईडीहा थाना अंतर्गत लक्ष्मनपुर सलारपुर के पास रात में आंधी के दौरान गेहूं की फसल में आग लग गई, जिसके लगभग 10 बीघा गेहूं की फसल जल गई। हालांकि इसके बाद शुरू हुई वर्षा से अपने आप आग बुझ गई।