{"_id":"5f55143b8ebc3e43984e5a41","slug":"government-sensitive-about-displacement-of-onegram-bahraich-news-lko538824475","type":"story","status":"publish","title_hn":"वनग्राम के विस्थापन को लेकर सरकार संवेदनशील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वनग्राम के विस्थापन को लेकर सरकार संवेदनशील
विज्ञापन
कतर्नियाघाट संरक्षित वनक्षेत्र में विश्राम गृह पर वन कर्मचारियों की समस्याएं सुनते वन मंत्री द?
- फोटो : BAHRAICH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिछिया (बहराइच)। जिले के दो दिवसीय दौरे पर आए वन एवं जंतु उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान कतर्नियाघाट में शनिवार की रात गेस्ट हाउस में ठहरे। रविवार की सुबह वन मंत्री ने हथिनी जयमाला व चंपाकली को गुड़, रोटी और केला खिलाया। वन कर्मियों ने समस्याओं को लेकर पत्र सौंपा। वन मंत्री ने कहा कि वनग्रामों के विस्थापन को लेकर सरकार संवेदनशील है। इस दिशा में काम किया जा रहा है।
प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण एवं जंतु उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान शनिवार को बहराइच पहुंचे थे। यहां पर पौधरोपण का जायजा लेने के बाद वह सीधे कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग पहुंच गए। रात में गेस्ट हाउस में ठहरने के बाद सुबह भ्रमण पर निकले। वन मंत्री ने न्यूजीलैंड से आई बोट से गेरुआ नदी व घड़ियाल टॉपू का जायजा लिया। वन विश्राम भवन में मौजूद जयमाला व चंपाकली को गुड़, रोटी और केला खिलाया। वन मंत्री ने कहा कि भरथापुर गांव नदी के दूसरे पार है। इसके विस्थापन को लेकर सरकार संवेदनशील है। वनमंत्री ने अधिकारियों के साथ विस्थापन को लेकर चर्चा भी की। इस मौके पर डीएफओ जीपी सिंह, एसडीओ यशवंत, पीयूष मोहन श्रीवास्तव, अशोक त्यागी, अभय सिंह, दयाशंकर आदि मौजूद रहे।
उधर, दैनिक वन कर्मियों ने वनमंत्री को पत्र सौंपा। जिसमें आउटसोर्सिंग की जगह सभी को विभागीय स्तर पर मानदेय का भुगतान कराए जाने की मांग की। वन मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण एवं जंतु उद्यान मंत्री दारा सिंह चौहान शनिवार को बहराइच पहुंचे थे। यहां पर पौधरोपण का जायजा लेने के बाद वह सीधे कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग पहुंच गए। रात में गेस्ट हाउस में ठहरने के बाद सुबह भ्रमण पर निकले। वन मंत्री ने न्यूजीलैंड से आई बोट से गेरुआ नदी व घड़ियाल टॉपू का जायजा लिया। वन विश्राम भवन में मौजूद जयमाला व चंपाकली को गुड़, रोटी और केला खिलाया। वन मंत्री ने कहा कि भरथापुर गांव नदी के दूसरे पार है। इसके विस्थापन को लेकर सरकार संवेदनशील है। वनमंत्री ने अधिकारियों के साथ विस्थापन को लेकर चर्चा भी की। इस मौके पर डीएफओ जीपी सिंह, एसडीओ यशवंत, पीयूष मोहन श्रीवास्तव, अशोक त्यागी, अभय सिंह, दयाशंकर आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
उधर, दैनिक वन कर्मियों ने वनमंत्री को पत्र सौंपा। जिसमें आउटसोर्सिंग की जगह सभी को विभागीय स्तर पर मानदेय का भुगतान कराए जाने की मांग की। वन मंत्री ने कार्रवाई का आश्वासन भी दिया।
विज्ञापन