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वोटों की गिनती में पिछड़े दिग्गज
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sun, 01 Nov 2015 10:35 PM IST
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पंचायत चुनाव राजनीति की सीढ़ी होती है। इस सीढ़ी पर चढ़ने के लिए दिग्गजों के बहू और बेटे भी भाग्य आजमा रहे हैं। स्थिति काफी नाजुक है। मतगणना में राज्यमंत्री बंशीधर की बहू को प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। पूर्व मंत्री और पूर्व विधायक के बेटे की भी राह आसान नहीं दिख रही है।
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पंचायत चुनाव के जरिये ही बंशीधर बौद्ध ने राज्यमंत्री की कुर्सी हासिल की। इसी तर्ज पर उन्होंने अपनी बड़ी बहू ज्ञानवती को इस बार चुनाव मैदान में उतारा। मिहींपुरवा विकासखंड के वार्ड नंबर 11 में ज्ञानवती जिला पंचायत सदस्य की उम्मीदवार हैं।
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सुबह गिनती शुरू हुई है लेकिन शुरुआती दौर से ही राज्यमंत्री की बहू ज्ञानवती को अपने दो प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। निर्दल उम्मीदवार ऊषा देवी शाम 6:30 बजे लगभग 550 वोटों की बढ़त लेकर चल रही हैं। दूसरे नंबर पर भाजपा समर्थित सरोज सोनकर हैं।
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जबकि राज्यमंत्री की बहू ज्ञानवती तीसरे नंबर पर हैं। बहू के चुनाव मैदान में होने से एक दिन पहले बंशीधर को हासिल हुई राज्यमंत्री की कुर्सी की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई है। भाजपा नेता व पूर्व मंत्री अक्षयवरलाल गोंड के पुत्र आनंद गोंड वार्ड संख्या 45 से जिला पंचायत सदस्य पद का चुनाव लड़ रहे हैं।
उन्हें भी अपने तीन प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिल रही है। यहां पर देर शाम 150 वोटों की बढ़त के साथ नकछेद नंबर एक पर चल रहे थे। दूसरे नंबर पर रक्षाराम और तीसरे नंबर पर हेमराज पूर्व मंत्री के पुत्र आनंद गोंड को पिछाड़े हुए थे। पूर्व विधायक शब्बीर अहमद के पुत्र संजय उर्फ सेबू वार्ड संख्या 36 से जिला पंचायत सदस्य पर भाग्य आजमा रहे हैं।
वार्ड संख्या 31 से कल्लू पुत्र आजम व वार्ड संख्या 12 से छोटा बेटा मन्ना चुनाव मैदान में है। शाम पांच बजे तक सेबू की स्थिति बेहतर मानी जा रही थी। लेकिन आजम और मन्ना को उनके प्रतिद्वंद्वियों से कड़ी टक्कर मिल रही थी।