{"_id":"576817ce4f1c1b1d48b47df9","slug":"fungus-in-glucose-bottles","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्लूकोज की बोतलों में मिला फंगस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्लूकोज की बोतलों में मिला फंगस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jun 2016 09:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीएमओ ने सोमवार दोपहर महिला अस्पताल के दवा भंडार कक्ष का जायजा लिया। इस दौरान उन्हें ग्लूकोज की दो बोतलों में फंगस मिले। इस पर सीएमओ ने नमूना एकत्र कर उन्हें प्रयोगशाला भेजने की हिदायत दी। डिमांड व आपूर्ति के अभिलेखों भी खंगाले है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीआर सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ मधु गैरोला के साथ दवा भंडार कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान आरएल व फाइव परसेंट (ग्लूकोज) की दो बंद बोतलों में फंगस दिखा।
सीएमओ ने बोतलों को बतौर नमूना एकत्र करवा लिया जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। सीएमओ डॉ. डीआर सिंह ने कहा कि दवा में गड़बड़ी पाई गई तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। बताया गया कि सप्लाई हुई दवा फाइव परसेंट व आरएल की बोतलें क्षतिग्रस्त भी थीं।
विज्ञापन
कुछ में फंगस नजर आया तो मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ मधु गैरोला ने दवाआें को सील कराते हुए आपूर्तिकर्ता कंपनी को खेप वापस लेने के लिए गत 13 जून को पत्र लिखा था। इसके बाद एक हजार बोतल लोकल परचेज कर प्रसूताओं का इलाज किया जा रहा है।
ड्रग इंस्पेक्टर हृदय शंकर ने महिला अस्पताल पहुंचकर दवाओं के सैंपल लिए हैं। उन्होंने दवाओं की एक्सपायइरी डेट, बैच नंबर आदि का ब्यौरा जुटाया है।
विज्ञापन
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. डीआर सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ मधु गैरोला के साथ दवा भंडार कक्ष का निरीक्षण किया। इस दौरान आरएल व फाइव परसेंट (ग्लूकोज) की दो बंद बोतलों में फंगस दिखा।
विज्ञापन
सीएमओ ने बोतलों को बतौर नमूना एकत्र करवा लिया जिसे जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा। सीएमओ डॉ. डीआर सिंह ने कहा कि दवा में गड़बड़ी पाई गई तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। बताया गया कि सप्लाई हुई दवा फाइव परसेंट व आरएल की बोतलें क्षतिग्रस्त भी थीं।
विज्ञापन
कुछ में फंगस नजर आया तो मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ मधु गैरोला ने दवाआें को सील कराते हुए आपूर्तिकर्ता कंपनी को खेप वापस लेने के लिए गत 13 जून को पत्र लिखा था। इसके बाद एक हजार बोतल लोकल परचेज कर प्रसूताओं का इलाज किया जा रहा है।
ड्रग इंस्पेक्टर हृदय शंकर ने महिला अस्पताल पहुंचकर दवाओं के सैंपल लिए हैं। उन्होंने दवाओं की एक्सपायइरी डेट, बैच नंबर आदि का ब्यौरा जुटाया है।