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Bahraich News: बाढ़ पीड़ित बोले, खाना चाहिए, भाषण नहीं
Mon, 11 Aug 2025 01:14 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Mon, 11 Aug 2025 01:14 AM IST
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बहराइच। बाढ़ से त्रस्त लोगों को उम्मीद थी कि प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का दौरा उनके लिए राहत लेकर आएगा लेकिन उनको निराशा हाथ लगी। रविवार को जल शक्ति मंत्री का दौरा सिर्फ औपचारिकता रहा और वे सिर्फ 20 मिनट में कार्यक्रम स्थल से लौट गए।
रविवार दोपहर बाद करीब तीन बजे जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन मैदान में उतरा। वहां से काफिला सीधे महसी तहसील के पास पचदेवरी इलाके की ओर बढ़ा। प्रशासन ने बेलहा-बहरौली तटबंध पर मंच सजाकर स्वागत की पूरी तैयारी कर रखी थी।
कार्यक्रम के मुताबिक, मंत्री को 10 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट देनी थी। लेकिन मंच पर आते ही वे अफसरों और नेताओं से घिर गए। उन्होंने केवल एक महिला को किट थमाई और किनारे हट गए। बाकी नौ पीड़ित हाथ में पर्ची लेकर खड़े रह गए।
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ग्रामीण रामलाल ने नाराजगी जताते हुए कहा, हमने सोचा था मंत्री आए हैं तो हमारी सुनेंगे, मदद करेंगे पर यहां तो बस कुछ देर रुके और चले गए। एक बुजुर्ग किसान ने कहा कि नेताओं के ऐसे औपचारिक दौरों से उन्हें कोई राहत नहीं मिलती। हमें नाव, खाना, दवा और रहने की जगह चाहिए लेकिन सिर्फ मंच पर भाषण से हमारा पेट नहीं भरता।
पूरे मामले पर अफसरों का कहना है कि जलशक्ति मंत्री का कार्यक्रम सीमित समय का था। सुरक्षा कारणों और तय प्रोटोकॉल की वजह से वे बाढ़ग्रस्त गांवों तक नहीं जा सके।
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रविवार दोपहर बाद करीब तीन बजे जल शक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह का हेलीकॉप्टर पुलिस लाइन मैदान में उतरा। वहां से काफिला सीधे महसी तहसील के पास पचदेवरी इलाके की ओर बढ़ा। प्रशासन ने बेलहा-बहरौली तटबंध पर मंच सजाकर स्वागत की पूरी तैयारी कर रखी थी।
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कार्यक्रम के मुताबिक, मंत्री को 10 बाढ़ पीड़ित परिवारों को राहत किट देनी थी। लेकिन मंच पर आते ही वे अफसरों और नेताओं से घिर गए। उन्होंने केवल एक महिला को किट थमाई और किनारे हट गए। बाकी नौ पीड़ित हाथ में पर्ची लेकर खड़े रह गए।
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ग्रामीण रामलाल ने नाराजगी जताते हुए कहा, हमने सोचा था मंत्री आए हैं तो हमारी सुनेंगे, मदद करेंगे पर यहां तो बस कुछ देर रुके और चले गए। एक बुजुर्ग किसान ने कहा कि नेताओं के ऐसे औपचारिक दौरों से उन्हें कोई राहत नहीं मिलती। हमें नाव, खाना, दवा और रहने की जगह चाहिए लेकिन सिर्फ मंच पर भाषण से हमारा पेट नहीं भरता।
पूरे मामले पर अफसरों का कहना है कि जलशक्ति मंत्री का कार्यक्रम सीमित समय का था। सुरक्षा कारणों और तय प्रोटोकॉल की वजह से वे बाढ़ग्रस्त गांवों तक नहीं जा सके।