{"_id":"5d616afe8ebc3e012f27ef76","slug":"first-district-in-the-country-in-nutrition-campaign-bahraich-news-lko4778115141","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोषण अभियान में जनपद देश में प्रथम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोषण अभियान में जनपद देश में प्रथम
विज्ञापन
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री द्वारा सम्मानित किये गए बहराइच के जिलाधिकारी शंभू कुमार व बहराइच के ?
- फोटो : BAHRAICH
बहराइच। भारत नेपाल सीमावर्ती बहराइच आकांक्षात्मक जनपदों में से एक है। जिले में स्वास्थ्य सेवा बेहतर बनाने के साथ ही पोषण अभियान चलाया जा रहा है। इसमें जिले को देश में पहला स्थान मिला है। शुक्रवार को केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने जनपद के डीएम समेत अन्य अधिकारियों को एक समारोह में सम्मानित किया है।
भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र बहराइच तराई इलाके में बसा हुआ है। जनपद में स्वास्थ्य महकमे के साथ ही अन्य विभागों के सहयोग से वर्ष 2018-19 में पोषण अभियान कार्यक्रम चलाया गया था। इसमें जनपद को देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ।
केंद्र सरकार की ओर से शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने डीएम शंभु कुमार, सीडीओ अरविंद चौहान, सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव को सम्मानित किया।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जनपद में 27 हजार 846 अन्नप्राशन व गोदभाराई दिवस का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य व पंचायतीराज के सहयोग से किशोर, ममता, बचपन, लाडली व सुपोषण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पिरामल फाउंडेशन, टाटा ट्रस्ट व प्रदेश तकनीकि सहयोग इकाई का भी पूरा सहयोग रहा।
सीएमओ ने बताया कि नये प्रयोग के तहत जनपद के डीएम शंभु कुमार ने ब्लॉक स्तर पर पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना पर बल दिया था। आइसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से जनपद के 14 ब्लॉकों में मुख्यमंत्री सुपोषण घरों का निर्माण किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए 98.5 प्रतिशत उपकेंद्रों पर सुपोषण मेले का आयोजन किया गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं को गुणवत्ता परक बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक के 40 गांवों में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस का माडल बनाया गया। 6 माह से 3 साल के 87.92 प्रतिशत बच्चों को पोषाहार का वितरण किया गया। कुपोषित बच्चों वाले 61.88 परिवारों का जॉब कार्ड बनाया गया। 1.16 लाख लोगों का राशनकार्ड बना।
जनपद के 3094 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसी के साथ 607 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था की गई। सीएमओ ने बताया कि सभी कार्यों में स्वास्थ्य, पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, महिला कल्याण, खाद्य रसद, एकीकृत बाल विकास सेवाऐं, शिक्षा व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग का सहयोग रहा।
विज्ञापन
भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र बहराइच तराई इलाके में बसा हुआ है। जनपद में स्वास्थ्य महकमे के साथ ही अन्य विभागों के सहयोग से वर्ष 2018-19 में पोषण अभियान कार्यक्रम चलाया गया था। इसमें जनपद को देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ।
विज्ञापन
केंद्र सरकार की ओर से शुक्रवार को दिल्ली में आयोजित एक समारोह में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने डीएम शंभु कुमार, सीडीओ अरविंद चौहान, सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी सुनील कुमार श्रीवास्तव को सम्मानित किया।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के तहत जनपद में 27 हजार 846 अन्नप्राशन व गोदभाराई दिवस का आयोजन किया गया था। स्वास्थ्य व पंचायतीराज के सहयोग से किशोर, ममता, बचपन, लाडली व सुपोषण दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में पिरामल फाउंडेशन, टाटा ट्रस्ट व प्रदेश तकनीकि सहयोग इकाई का भी पूरा सहयोग रहा।
सीएमओ ने बताया कि नये प्रयोग के तहत जनपद के डीएम शंभु कुमार ने ब्लॉक स्तर पर पोषण पुनर्वास केंद्र की स्थापना पर बल दिया था। आइसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग के आपसी समन्वय से जनपद के 14 ब्लॉकों में मुख्यमंत्री सुपोषण घरों का निर्माण किया गया। स्वास्थ्य सुविधाओं को लोगों तक पहुंचाने के लिए 98.5 प्रतिशत उपकेंद्रों पर सुपोषण मेले का आयोजन किया गया।
स्वास्थ्य सुविधाओं को गुणवत्ता परक बनाने के लिए प्रत्येक ब्लॉक के 40 गांवों में ग्राम स्वास्थ्य स्वच्छता एवं पोषण दिवस का माडल बनाया गया। 6 माह से 3 साल के 87.92 प्रतिशत बच्चों को पोषाहार का वितरण किया गया। कुपोषित बच्चों वाले 61.88 परिवारों का जॉब कार्ड बनाया गया। 1.16 लाख लोगों का राशनकार्ड बना।
जनपद के 3094 आंगनबाड़ी केंद्रों पर शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसी के साथ 607 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बिजली की व्यवस्था की गई। सीएमओ ने बताया कि सभी कार्यों में स्वास्थ्य, पंचायतीराज, ग्रामीण विकास, महिला कल्याण, खाद्य रसद, एकीकृत बाल विकास सेवाऐं, शिक्षा व राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन विभाग का सहयोग रहा।