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Bahraich News: सरयू नदी की कटान से भूमिहीन हो रहे किसान
Sat, 07 Sep 2024 01:07 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 07 Sep 2024 01:07 AM IST
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मिहींपुरवा क्षेत्र में कटान कर रही सरयू नदी
मिहींपुरवा (बहराइच)। मिहींपुरवा तहसील क्षेत्र के जंगल गुलरिहा, सुजौली, भरथापुर, बडखडिया आदि गांवों के लगभग 24 मजरों के ग्रामीणों की कृषि भूमि को सरयू नदी निगल रही है। ग्रामीण कटान रोकने के उपाय करने की मांग लगातार प्रशासन व सिंचाई विभाग से कर रहे हैं, लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
मिहींपुरवा तहसील में जंगल गुलरिहा, सुजौली, बडखडिया व भरथापुर कटान प्रभावित गांव हैं। जिनके लगभग दो दर्जन मजरे कटान का दंश झेल रहे हैं। यहां हर वर्ष सरयू नदी भारी तबाही मचाती है और काफी संख्या में लोग नदी के कटान के कारण घरविहीन व भूमिहीन हो रहे हैं। लेकिन सिंचाई विभाग अभी तक कटान रोकने के लिए कोई ठोस योजना बनाने में नाकाम रहा है। जिससे संपतपुरवा, धरमपुर, रेतिया, रामपुर रेतिया, नयापुरवा, नौकापुरवा, बद्रीपुरवा गौरी, भैंसाबुडना, धनियाबेली खैरी, त्रिलोकीगौढी, श्रीरामपुरवा, टिलवा खरबुजही आदि मजरों के ग्रामीणों की खेती योग्य जमीन फसल के साथ नदी में समाहित हो रही है।
जमीन कटान से पीड़ित ग्रामीण गंगा, रमाशंकर, जितेन्द्र, भोला, सुबराती, राजेश, महेंद्र आदि लोगों ने बताया कि अभी जुलाई और अगस्त महीने में आई बाढ़ से हम लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए थे और घर में रखे सारे सामान खराब हो गए थे। सारी गृहस्थी खराब हो गई थी। लेकिन अब सरयू नदी ने हम लोगों के खेत व उसमें लगी फसल को काट लिया है। जंगल गुलरिहा के प्रधान प्रतिनिधि शिव कुमार ने बताया कि सरयू नदी के कटान से पीड़ित ग्रामीणों की समस्या को प्रशासन के साथ सिंचाई विभाग को बताया गया, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा है।
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मिहींपुरवा तहसील में जंगल गुलरिहा, सुजौली, बडखडिया व भरथापुर कटान प्रभावित गांव हैं। जिनके लगभग दो दर्जन मजरे कटान का दंश झेल रहे हैं। यहां हर वर्ष सरयू नदी भारी तबाही मचाती है और काफी संख्या में लोग नदी के कटान के कारण घरविहीन व भूमिहीन हो रहे हैं। लेकिन सिंचाई विभाग अभी तक कटान रोकने के लिए कोई ठोस योजना बनाने में नाकाम रहा है। जिससे संपतपुरवा, धरमपुर, रेतिया, रामपुर रेतिया, नयापुरवा, नौकापुरवा, बद्रीपुरवा गौरी, भैंसाबुडना, धनियाबेली खैरी, त्रिलोकीगौढी, श्रीरामपुरवा, टिलवा खरबुजही आदि मजरों के ग्रामीणों की खेती योग्य जमीन फसल के साथ नदी में समाहित हो रही है।
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जमीन कटान से पीड़ित ग्रामीण गंगा, रमाशंकर, जितेन्द्र, भोला, सुबराती, राजेश, महेंद्र आदि लोगों ने बताया कि अभी जुलाई और अगस्त महीने में आई बाढ़ से हम लोगों के घर क्षतिग्रस्त हो गए थे और घर में रखे सारे सामान खराब हो गए थे। सारी गृहस्थी खराब हो गई थी। लेकिन अब सरयू नदी ने हम लोगों के खेत व उसमें लगी फसल को काट लिया है। जंगल गुलरिहा के प्रधान प्रतिनिधि शिव कुमार ने बताया कि सरयू नदी के कटान से पीड़ित ग्रामीणों की समस्या को प्रशासन के साथ सिंचाई विभाग को बताया गया, लेकिन सिंचाई विभाग द्वारा कोई ठोस जवाब नहीं दिया जा रहा है।
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