{"_id":"6907ba725b694ee47402bf1e","slug":"family-members-create-ruckus-after-snakebite-victims-death-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-139032-2025-11-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: सर्पदंश पीड़ित महिला की मौत के बाद परिजनों का हंगामा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: सर्पदंश पीड़ित महिला की मौत के बाद परिजनों का हंगामा
विज्ञापन
बहराइच मेडिकल कॉलेज में महिला की इलाज के दौरान मौत पर हंगामे के दौरान जमा लोग। -संवाद
बहराइच। सर्पदंश की शिकार एक महिला को सही समय पर इलाज न मिल पाने के कारण उसकी शनिवार देर रात मौत हो गई। परिजनों ने एंबुलेंस चालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मेडिकल कॉलेज परिसर में जमकर हंगामा किया। देर रात हुई इस घटना से मेडिकल कॉलेज में अफरातफरी का माहौल बना रहा।
केशवापुर गांव निवासी रक्षाराम की पत्नी राजवंती (35) को शनिवार को घर में एक सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस चालक से बार-बार मेडिकल कॉलेज ले चलने को कहा गया, लेकिन वह महिला को लेकर फखरपुर सीएचसी पहुंचा। यहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही चिकित्सकों ने राजवंती को मृत घोषित कर दिया। गुस्साए मृतका के भाई वकील ने शव को जबरन वाहन में घर ले जाने की कोशिश की। अस्पताल कर्मचारियों के विरोध पर मामला बढ़ गया और परिसर में हंगामा खड़ा हो गया।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी की फोर्स मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। इस वजह से करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल परिसर में अफरातफरी रही।
राजवंती के जेठ अनिल कुमार ने कहा कि अगर एंबुलेंस चालक राजवंती को सीधे मेडिकल कॉलेज लेकर जाता तो उसकी जान बच सकती थी। एंबुलेंस चालक की लापरवाही जानलेवा साबित हुई।
वहीं एंबुलेंस सेवा के प्रबंधक सुधीर त्रिपाठी का कहना है कि 108 एंबुलेंस का संचालन निर्धारित क्षेत्र में होता है। जो एंबुलेंस सर्पदंश पीड़िता को लेने पहुंची थी उसका परिक्षेत्र फखरपुर है। इसलिए चालक ने महिला को फखरपुर सीएचसी पहुंचाया। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
विज्ञापन
केशवापुर गांव निवासी रक्षाराम की पत्नी राजवंती (35) को शनिवार को घर में एक सांप ने डस लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने 108 एंबुलेंस को फोन किया। परिजनों का आरोप है कि एंबुलेंस चालक से बार-बार मेडिकल कॉलेज ले चलने को कहा गया, लेकिन वह महिला को लेकर फखरपुर सीएचसी पहुंचा। यहां से डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज पहुंचते ही चिकित्सकों ने राजवंती को मृत घोषित कर दिया। गुस्साए मृतका के भाई वकील ने शव को जबरन वाहन में घर ले जाने की कोशिश की। अस्पताल कर्मचारियों के विरोध पर मामला बढ़ गया और परिसर में हंगामा खड़ा हो गया।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज पुलिस चौकी की फोर्स मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे लोगों को किसी तरह समझाकर मामला शांत कराया। इस वजह से करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल परिसर में अफरातफरी रही।
राजवंती के जेठ अनिल कुमार ने कहा कि अगर एंबुलेंस चालक राजवंती को सीधे मेडिकल कॉलेज लेकर जाता तो उसकी जान बच सकती थी। एंबुलेंस चालक की लापरवाही जानलेवा साबित हुई।
वहीं एंबुलेंस सेवा के प्रबंधक सुधीर त्रिपाठी का कहना है कि 108 एंबुलेंस का संचालन निर्धारित क्षेत्र में होता है। जो एंबुलेंस सर्पदंश पीड़िता को लेने पहुंची थी उसका परिक्षेत्र फखरपुर है। इसलिए चालक ने महिला को फखरपुर सीएचसी पहुंचाया। मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।