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हड़ताल पर रहे कर्मचारी, दफ्तरों में ताले
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 02 Sep 2016 11:04 PM IST
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दफ्तर रहे बंद
- फोटो : अमर उजाला
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राज्य कर्मचारियों की हड़ताल का शुक्रवार को जिले में व्यापक असर रहा। विकास भवन, कलेक्ट्रेट समेत कई विभागों में हड़ताल के चलते तालाबंदी रही। बैंक कर्मी भी हड़ताल पर रहे। इसके चलते बैंक में करीब 200 करोड़ का लेनदेन प्रभावित रहा।
अस्पताल कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से मरीजों को काफी दिक्कत हुई। पैथालॉजी जांच व दवाओं के लिए मरीजों को भटकना पड़ा। हड़ताली कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शुक्रवार को कर्मचारियों ने हड़ताल की। सुबह कर्मचारी कार्यालय तो पहुंचे लेकिन तालाबंदी करते हुए कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर जमा हुए। इस दौरान हुई सभा में राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष आद्याशंकर सिंह ने कहा कि केंद्र के कर्मचारियों के बराबर मकान किराया राज्य कर्मियों को भी दिया जाए।
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शिक्षा भत्ता, पुरानी पेंशन योजना लागू करने समेत 12 सूत्रीय मांगों के लिए अरसे से आवाज उठायी जा रही है। उन पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। ऐसे में कर्मचारियों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। संघ के उपाध्यक्ष संतोष वर्मा, सगीर अंसारी, आंगनबाड़ी संघ की किरन पाठक, सुनीता आर्या, स्वास्थ्य विभाग के सुरेंद्र बहादुर सिंह, अमृतलाल गौतम, संयुक्त परिषद के चंद्र प्रताप, बैंक यूनियन के अफरोज आलम, सिद्धनाथ श्रीवास्तव, दिनेश कुमार आदि ने भी सभा को संबोधित किया।
धरने से पूर्व यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के कर्मचारियों ने जेल रोड स्थित इलाहाबाद बैंक के जोनल कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार व मंत्री कृष्णकांत अवस्थी ने कहा कि समस्याओं का समाधान न होने तक आंदोलन चलेगा।
बैंक कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बैंकों की हड़ताल के चलते 200 करोड़ की चेकें शुक्रवार को क्लीयर नहीं हो सकीं। लेनदेन पूरी तरह ठप रहा। राज्य कर्मचारियों के आंदोलन में पंचायत, लघु सिंचाई, डीआरडीए, कृषि विभाग, सहकारिता, पशुपालन, कार्यक्रम विभाग, डूडा, अर्थ संख्या विभाग, स्वास्थ्य, कलेक्ट्रेट, वन, शिक्षा, समाज कल्याण व गन्ना विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
इसके चलते सभी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को उठानी पड़ी। अस्पताल की पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड रूम पर ताला लटका रहा।
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अस्पताल कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से मरीजों को काफी दिक्कत हुई। पैथालॉजी जांच व दवाओं के लिए मरीजों को भटकना पड़ा। हड़ताली कर्मचारियों ने कलेक्ट्रेट में धरना-प्रदर्शन किया। 12 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा।
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उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के बैनर तले शुक्रवार को कर्मचारियों ने हड़ताल की। सुबह कर्मचारी कार्यालय तो पहुंचे लेकिन तालाबंदी करते हुए कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर जमा हुए। इस दौरान हुई सभा में राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष आद्याशंकर सिंह ने कहा कि केंद्र के कर्मचारियों के बराबर मकान किराया राज्य कर्मियों को भी दिया जाए।
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शिक्षा भत्ता, पुरानी पेंशन योजना लागू करने समेत 12 सूत्रीय मांगों के लिए अरसे से आवाज उठायी जा रही है। उन पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। ऐसे में कर्मचारियों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है। संघ के उपाध्यक्ष संतोष वर्मा, सगीर अंसारी, आंगनबाड़ी संघ की किरन पाठक, सुनीता आर्या, स्वास्थ्य विभाग के सुरेंद्र बहादुर सिंह, अमृतलाल गौतम, संयुक्त परिषद के चंद्र प्रताप, बैंक यूनियन के अफरोज आलम, सिद्धनाथ श्रीवास्तव, दिनेश कुमार आदि ने भी सभा को संबोधित किया।
धरने से पूर्व यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के कर्मचारियों ने जेल रोड स्थित इलाहाबाद बैंक के जोनल कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। यूपी बैंक इंप्लाइज यूनियन के अध्यक्ष दिनेश कुमार व मंत्री कृष्णकांत अवस्थी ने कहा कि समस्याओं का समाधान न होने तक आंदोलन चलेगा।
बैंक कर्मचारी नेताओं ने कहा कि बैंकों की हड़ताल के चलते 200 करोड़ की चेकें शुक्रवार को क्लीयर नहीं हो सकीं। लेनदेन पूरी तरह ठप रहा। राज्य कर्मचारियों के आंदोलन में पंचायत, लघु सिंचाई, डीआरडीए, कृषि विभाग, सहकारिता, पशुपालन, कार्यक्रम विभाग, डूडा, अर्थ संख्या विभाग, स्वास्थ्य, कलेक्ट्रेट, वन, शिक्षा, समाज कल्याण व गन्ना विभाग के कर्मचारी शामिल रहे।
इसके चलते सभी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। विभिन्न कार्यों के लिए पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी जिला अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचे मरीजों को उठानी पड़ी। अस्पताल की पैथालॉजी, अल्ट्रासाउंड रूम पर ताला लटका रहा।