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मिहींपुरवा के आठ गांव पानी से घिरे
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Thu, 16 Jul 2015 10:04 PM IST
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बारिश से सरयू और भादा नदी उफना गई हैं। इससे मिहींपुरवा विकासखंड के आठ गांव पानी से घिर गए हैं। सड़क से लेकर घरों तक पानी है।
बलईगांव-मिहींपुरवा मार्ग पर घुटनों भर पानी चल रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित है। बाढ़ की सूचना के बावजूद राहत सहायता नदारद है, जिसके कार ग्रामीणों में दहशत है।
बुधवार रात अचानक तराई का मौसम बदल गया। गरज-चमक के साथ भोर में बारिश शुरू हो गई। इसके बाद पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी और बौछारें पड़ती रहीं।
वर्षा से लोगों को काफी राहत महसूस हुई है। वहीं, नेपाल के पहाड़ों से निकलने वाली सरयू और भादा नदी के उफनाने से मिहींपुरवा विकासखंड में संकट उत्पन्न हो गया है।
गुरुवार दोपहर तक विकासखंड के आठ गांवों में बाढ़ से हालात बन गए। पुरैना रघुनाथपुर ग्राम पंचायत के अस्सी व नब्बे गांव के साथ पड़एरिया, करमोहना, सर्राकला, भादापुरवा, मझियान, घोसियाना गांव पूरी तरह पानी से घिर चुके हैं।
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लोगों के घरों में भी पानी घुस गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सर्राकला के प्रधान प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई लेकिन अब तक ग्रामीणों को सहायता मुहैया नहीं हो सकी है। लोग घरों में फंसे हुए हैं। उन्हें ढांढस बंधाया जा रहा है।
डूब गई धान की फसल, गन्ने पर भी संकट
गांवों में पानी भरने से धान, गन्ने और मेंथा की फसल डूब गई है। अगर तीन-चार दिन पानी इसी तरह भरा रहा तो फसल गल जाएगी। बड़े पैमाने पर नुकसान होगा।
बैराज से फिर छोड़ा गया पानी
तराई में निरंतर हो रही वर्षा के चलते बनबसा बैराज से 46180 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। वहीं शारदा बैराज से 21540 क्यूसेक व चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 107287 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।
गिरिजापुरी बैराज के जेई संतराम ने बताया कि जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना है।
नदी के छिछले होने से फैला पानी : एसडीएम
नानपारा के उपजिलाधिकारी घनश्याम ने कहा कि सरयू और भादा नदियां काफी छिछली हैं। इन दोनों नदियों में नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी है। सड़क पर पानी चल रहा है, इसका मैंने मुआयना किया है लेकिन अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।
बिजली गिरी, ट्रांसफार्मर फुंका
रुपईडीहा। रुपईडीहा में स्टेशनरोड धर्मशाला के सामने स्थित ट्रांसफार्मर से रात में विद्युत सप्लाई हो रही थी, तभी रात एक बजे के आसपास तेज बिजली चमकी।
बिजली की चपेट में आकर ट्रांसफार्मर फुंक गया। इसके चलते कस्बे की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। तीन हजार की आबादी प्रभावित है।
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बलईगांव-मिहींपुरवा मार्ग पर घुटनों भर पानी चल रहा है, जिससे आवागमन प्रभावित है। बाढ़ की सूचना के बावजूद राहत सहायता नदारद है, जिसके कार ग्रामीणों में दहशत है।
बुधवार रात अचानक तराई का मौसम बदल गया। गरज-चमक के साथ भोर में बारिश शुरू हो गई। इसके बाद पूरे दिन रुक-रुक कर बूंदाबांदी और बौछारें पड़ती रहीं।
वर्षा से लोगों को काफी राहत महसूस हुई है। वहीं, नेपाल के पहाड़ों से निकलने वाली सरयू और भादा नदी के उफनाने से मिहींपुरवा विकासखंड में संकट उत्पन्न हो गया है।
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गुरुवार दोपहर तक विकासखंड के आठ गांवों में बाढ़ से हालात बन गए। पुरैना रघुनाथपुर ग्राम पंचायत के अस्सी व नब्बे गांव के साथ पड़एरिया, करमोहना, सर्राकला, भादापुरवा, मझियान, घोसियाना गांव पूरी तरह पानी से घिर चुके हैं।
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लोगों के घरों में भी पानी घुस गया है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
सर्राकला के प्रधान प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह ने बताया कि बाढ़ की सूचना तहसील प्रशासन को दी गई लेकिन अब तक ग्रामीणों को सहायता मुहैया नहीं हो सकी है। लोग घरों में फंसे हुए हैं। उन्हें ढांढस बंधाया जा रहा है।
डूब गई धान की फसल, गन्ने पर भी संकट
गांवों में पानी भरने से धान, गन्ने और मेंथा की फसल डूब गई है। अगर तीन-चार दिन पानी इसी तरह भरा रहा तो फसल गल जाएगी। बड़े पैमाने पर नुकसान होगा।
बैराज से फिर छोड़ा गया पानी
तराई में निरंतर हो रही वर्षा के चलते बनबसा बैराज से 46180 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। वहीं शारदा बैराज से 21540 क्यूसेक व चौधरी चरण सिंह गिरिजापुरी बैराज से 107287 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है।
गिरिजापुरी बैराज के जेई संतराम ने बताया कि जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना है।
नदी के छिछले होने से फैला पानी : एसडीएम
नानपारा के उपजिलाधिकारी घनश्याम ने कहा कि सरयू और भादा नदियां काफी छिछली हैं। इन दोनों नदियों में नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बनी है। सड़क पर पानी चल रहा है, इसका मैंने मुआयना किया है लेकिन अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है। बाढ़ से निपटने के लिए तैयारियां पूरी हैं।
बिजली गिरी, ट्रांसफार्मर फुंका
रुपईडीहा। रुपईडीहा में स्टेशनरोड धर्मशाला के सामने स्थित ट्रांसफार्मर से रात में विद्युत सप्लाई हो रही थी, तभी रात एक बजे के आसपास तेज बिजली चमकी।
बिजली की चपेट में आकर ट्रांसफार्मर फुंक गया। इसके चलते कस्बे की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। तीन हजार की आबादी प्रभावित है।