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सरयू की कटान से मकान ढहा, युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sun, 23 Aug 2015 10:54 PM IST
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सरयू नदी ने गढ़ीघाट गांव को निशाने पर लिया हुआ है। नदी ने कटान तेज करते हुए रविवार को एक मकान को आगोश में ले लिया। मकान से सामान निकालने में सहयोग करने आया एक किशोर अचानक मकान ढहने से दब गया। उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
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जबकि उसे बचाने में एक युवक घायल हो गया। उसे सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। नदी की कटान से अब तक 36 घर कट चुके हैं। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन कर रहे हैं। नानपारा तहसील क्षेत्र के गढ़ीघाट पुल के निकट नदी की धारा अचानक परिवर्तित हो गई है। नदी ने गांव में कटान करनी शुरू कर दी है। लगभग आठ सौ मीटर सड़क भी दस दिन पूर्व कट चुकी है।
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नदी की कटान के कारण क्षेत्र की लगभग दस हजार की आबादी प्रभावित हुई है। नदी ने गढ़ीघाट, नेवादा पूरे कस्बाती समेत एक दर्जन से अधिक गांव को निशाने पर लिया हुआ है। गढ़ीघाट गांव निवासी पेशकार यादव का मकान नदी के मुहाने पर था। जिसमें से सामान निकालने के लिए कई लोग सहयोग में लगे हुए थे। गांव निवासी राजू (15) भी मौके पर गया था। घर से सामान निकालते समय ही अचानक मकान ढह गया। जिससे उसकी मौत हो गई।
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उसे बचाने के लिए गांव निवासी दयाराम विश्वकर्मा (28) भी गिरते हुए मकान में चला गया। इससे वह घायल हो गया। ग्रामीणों ने सूचना तहसील प्रशासन को दी है। नायब तहसीलदार मोहम्मद जसीम ने बताया कि तहसील क्षेत्र के नेवादापूरे कस्बाती गांव में नदी ने 36 घर की कटान अभी तक की है। पीड़ित परिवारों को सहायता मुहैया कराई जा रही है। एसडीएम घनश्याम ने बताया कि कटान तेज होने की सूचना मिली है। मामले में राहत टीम लगाई जा रही है।
नानपारा तहसील क्षेत्र के ग्राम गढ़ीघाट में नदी का रुख बदलने के बाद सड़क की कटान से क्षेत्र के बरुआ बेतनिया, मंगलपुरवा, मोरहनपुरवा, लखैया, लालपुरवा, दलजीतपुरवा, रामपुर धोबियाहार, दौलतपुर, नेवादा पूरे कस्बाती आदि गांवों का संपर्क कट गया है। इन गांवों की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई है।
गढ़ीघाट पुल से हटते हुए नदी ने दूसरी तरफ रूख किया है। इससे कटान होने लगी है। पूर्व विधायक वारिस अली की अगुवाई में ग्रामीण गढ़ीघाट पुल पर आठ दिनों से धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि गढ़ीघाट पुल का पुर्ननिर्माण कराया जाए।
महसी क्षेत्र में घाघरा नदी के जलस्तर में सात सेंटीमीटर की कमी आई है। लेकिन नदी ने कटान तेज कर दी है। नदी की कटान से तीन मकान व एक हजार खेती योग्य भूमि समाहित हुुई है। घाघरा नदीर ने क्षेत्र के गोलागंज टेपरी में जंग बहादुर सिंह, समई सिंह व जगराज सिंह के मकान को आगोश में ले लिया है।
क्षेत्र के ग्राम कायमपुर में रामकुमार गुप्ता, जरमापुर में भगौती, गोलागंज में समई, विनोद सिंह, गया प्रसाद समेत अन्य ग्रामीणों की 50 बीघा खेत की कटान की है। क्षेत्र के ही ग्राम पचदेवरी और चुरईपुरवा में भी कटान तेज हो गई है।
ग्राम चुरईपुरवा निवासी बरकत अली, उमेश, दिनेश, विशंभर, रामकैलाश, शिवनाथ, रामअनुज समेत अन्य ग्रामीणों की एक हजार बीघा खेत कटान के कारण नदी में समाहित हो गया है। एसडीएम सीपी तिवारी ने गांव का दौरा किया है।