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तराई में बूंदाबांदी व तेज हवाओं से बढ़ी गलन

Wed, 29 Jan 2020 11:42 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jan 2020 11:42 PM IST
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Drizzle and strong winds increase melting in the Terai
बहराइच नगर में बुधवार को ठंड में गर्म कपड़े पहनकर जाते लोग। - फोटो : BAHRAICH
बहराइच। तराई का मौसम फिर से अचानक बदल गया। मंगलवार की रात से शुरू हुआ बूंदाबांदी का दौर बुधवार को भी जारी रहा। बूंदाबांदी के साथ ही चलीं तेज हवाओं से गलन बढ़ गई, जिससे लोग दिनभर ठिठुरते रहे। दोपहर में कुछ समय के लिए सूरज निकला, मगर उससे भी राहत नहीं मिली। कड़ाके की ठंड में स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मजदूरी पेशा वर्ग को भी परेशानी हुई। बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस रहा।
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तराई के मौसम में पल-पल बदलाव का दौर चल रहा है। मंगलवार को दिन में सूरज निकलने के बाद ठंड से राहत मिलती नजर आई थी। मगर इसके बाद देर रात अचानक बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी से मौसम में कुछ बदलाव दिखा। बुधवार को मौसम में सुधार के संकेत मिल रहे थे। लोगों को उम्मीद थी कि सुबह मौसम साफ रहेगा। लेकिन जब लोग बिस्तर से उठे तो तेज हवाएं चलने से ठिठुर गए। पछुवा हवाओं के चलने के साथ आसमान में बादल छा गए।
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सुबह करीब दस बजे फिर से बूंदाबांदी शुरू हो गई। बूंदाबांदी कुछ देर बाद बंद हुई। दोपहर में कुछ देर के लिए सूरज निकला, मगर लोगों को ठंड से राहत नहीं मिली। इसके बाद फिर से आसमान में बादल छा गए। शाम करीब पांच बजे फिर से बूंदाबांदी होने लगी। तेज हवाओं के साथ हुई बूंदाबांदी के कारण गलन बढ़ गई, जिससे लोग कांपते रहे। स्कूली बच्चों और मजदूरी पेशा लोगों को ठंड बढ़ने से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज हुई है। अधिकतम तापमान 14 डिग्री और न्यूनतम पांच डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। अभी और बारिश के संकेत मिल रहे हैं।
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गेहूं की फसल को फायदा
कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीपी सिंह ने बताया कि मौसम में बदलाव और बारिश हो रही है। हल्की बारिश का फायदा सबसे अधिक गेहूं की फसल को हो रहा है। खेत नम होने के कारण किसानों को समय-समय पर पानी लगाने के लिए सचेत रहने की भी जरूरत है।

मौसम को देखते हुए बरतें सावधानी
मेडिकल कॉलेज में तैनात वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. रामेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मौसम में लगातार बदलाव हो रहा है। मौसम में बदलाव के कारण बुजुर्गों को सबसे अधिक सावधान रहने की जरूश्रत है। 60 वर्ष से अधिक आयु के लोग हरी सब्जियों का खाने में सबसे अधिक प्रयोग करें।
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