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नेपाली प्रधानमंत्री का पुतला फूंका, सीमा पर तीन घंटे आवागमन ठप
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 23 Sep 2015 10:09 PM IST
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रुपईडीहा (बहराइच)। नेपाल में लागू हुए संविधान के विरोध में बुधवार सुबह नेपाल के जमुनहा पुलिस चौकी के पास आंदोलनकारियों ने नेपाल के प्रधानमंत्री का पुतला फूंका।
इस दौरान प्रदर्शन के चलते सीमा पर तीन घंटे तक आवागमन ठप रहा। भारतीय क्षेत्र में वाहनों की कतारें लग गईं। आंदोलनकारियों ने मधेस स्वायत्त प्रदेश की स्थापना न होने तक आंदोलन जारी रखने की बात की चेतावनी दी है।
बुधवार सुबह नौ बजे के आसपास संयुक्त थरुहट मधेस संघर्ष समिति के प्रवक्ता पशुपति दयाल मिश्र की अगुवाई में सैकड़ों आंदोलनकारी भारतीय सीमा से सटे नेपाल की जमुनहा पुलिस चौकी के निकट पहुंच गए। यहां सभी ने नेपाल सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रधानमंत्री सुशील कोइराला का पुतला फूंका।
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माओवादी नेता पुष्पदहल कमल प्रचंड को भी निशाने पर लिया। प्रदर्शन और सभा के चलते दोपहर 12 बजे तक भारत और नेपाल के बीच आवागमन ठप रहा। नेपाल जाने वाले काफी संख्या में लोग भारतीय सीमा पर सशंकित रहे। प्रदर्शनकारियों के हटने के बाद आवागमन बहाल हो सका।
बांके जिले के एसपी बसंत पंत ने बताया कि नेपाल में लागू संविधान का विरोध फिलहाल शांतिपूर्ण माहौल में चल रहा है। पुलिस और सेना के जवान गश्त कर रहे हैं। आंदोलनकारियों पर नजर रखी जा रही है।
पहली बार विरोध में आए प्रधानमंत्री के गृह जनपदवासी
नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला बहराइच से सटे नेपाल के बांके जिले के मूल निवासी हैं। बांके ही प्रधानमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र भी है। बुधवार को पहला मौका था जब गृह जनपद के लोगों ने प्रधानमंत्री की नीतियों और सरकार के कार्यों का विरोध करते हुए नारेबाजी कर पुतला फूंका।
सीमा पर बढ़ाई गई गश्त
भारतीय क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसएसबी के डिप्टी कमाटेंड वीसी जोशी ने बताया कि नोमेंस लैंड पर जवानों की गश्त बढ़ा दी गई है। जवानों की टुकड़ियां क्लॉक वाइज गश्त कर रही हैं। सीमा पार की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।
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इस दौरान प्रदर्शन के चलते सीमा पर तीन घंटे तक आवागमन ठप रहा। भारतीय क्षेत्र में वाहनों की कतारें लग गईं। आंदोलनकारियों ने मधेस स्वायत्त प्रदेश की स्थापना न होने तक आंदोलन जारी रखने की बात की चेतावनी दी है।
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बुधवार सुबह नौ बजे के आसपास संयुक्त थरुहट मधेस संघर्ष समिति के प्रवक्ता पशुपति दयाल मिश्र की अगुवाई में सैकड़ों आंदोलनकारी भारतीय सीमा से सटे नेपाल की जमुनहा पुलिस चौकी के निकट पहुंच गए। यहां सभी ने नेपाल सरकार के खिलाफ मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए प्रधानमंत्री सुशील कोइराला का पुतला फूंका।
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माओवादी नेता पुष्पदहल कमल प्रचंड को भी निशाने पर लिया। प्रदर्शन और सभा के चलते दोपहर 12 बजे तक भारत और नेपाल के बीच आवागमन ठप रहा। नेपाल जाने वाले काफी संख्या में लोग भारतीय सीमा पर सशंकित रहे। प्रदर्शनकारियों के हटने के बाद आवागमन बहाल हो सका।
बांके जिले के एसपी बसंत पंत ने बताया कि नेपाल में लागू संविधान का विरोध फिलहाल शांतिपूर्ण माहौल में चल रहा है। पुलिस और सेना के जवान गश्त कर रहे हैं। आंदोलनकारियों पर नजर रखी जा रही है।
पहली बार विरोध में आए प्रधानमंत्री के गृह जनपदवासी
नेपाल के प्रधानमंत्री सुशील कोइराला बहराइच से सटे नेपाल के बांके जिले के मूल निवासी हैं। बांके ही प्रधानमंत्री का निर्वाचन क्षेत्र भी है। बुधवार को पहला मौका था जब गृह जनपद के लोगों ने प्रधानमंत्री की नीतियों और सरकार के कार्यों का विरोध करते हुए नारेबाजी कर पुतला फूंका।
सीमा पर बढ़ाई गई गश्त
भारतीय क्षेत्र में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। एसएसबी के डिप्टी कमाटेंड वीसी जोशी ने बताया कि नोमेंस लैंड पर जवानों की गश्त बढ़ा दी गई है। जवानों की टुकड़ियां क्लॉक वाइज गश्त कर रही हैं। सीमा पार की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।