{"_id":"690e51eb90678e68890aa507","slug":"displaced-people-of-bharthapur-will-settle-in-semrahna-land-marked-along-the-highway-bahraich-news-c-98-1-bhr1024-139303-2025-11-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bahraich News: सेमरहना में बसेंगे भरथापुर के विस्थापित, हाईवे किनारे भूमि चिह्नित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bahraich News: सेमरहना में बसेंगे भरथापुर के विस्थापित, हाईवे किनारे भूमि चिह्नित
Sat, 08 Nov 2025 01:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
संवाद न्यूज एजेंसी, बहराइच
Updated Sat, 08 Nov 2025 01:39 AM IST
विज्ञापन
सेमरहना गांव के निकट भरथापुर के ग्रामीणों को बसाने के लिए चिह्नित जमीन। -संवाद
मिहींपुरवा। भरथापुर नाव हादसे के पीड़ित परिवारों के पुनर्वास की कवायद शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा एक माह के भीतर विस्थापितों को बसाने की घोषणा के बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सेमरहना गांव में 1.704 हेक्टेयर भूमि का चयन कर लिया है। इसी भूमि पर 118 परिवारों के लिए सभी मूलभूत सुविधाओं से युक्त कॉलोनी बसाई जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोतीपुर की सिंचाई कॉलोनी में पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान स्पष्ट कहा था कि सभी प्रभावितों को एक सुरक्षित और सुविधायुक्त स्थान पर बसाया जाएगा। इसी दिशा में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया था। साथ ही राजस्व एवं तहसील प्रशासन की टीम को कई संभावित स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे।
तहसील प्रशासन ने निरीक्षण के बाद सेमरहना गांव की भूमि को सबसे उपयुक्त मानते हुए शुक्रवार को अपनी मुहर लगा दी, जिलाधिकारी ने भी अंतिम स्वीकृति दे दी है। निरीक्षण के तुरंत बाद प्रशासन ने भूमि के समतलीकरण और सफाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
विज्ञापन
सेमरहना गांव में जो जमीन चयनित हुई है, उस जमीन के दायरे में बाबूराम, राधाकृष्ण, रामजतन, जगदीश, कैलाश के मकान बसे हुए हैं। तहसील के अधिकारियों ने बताया कि चयनित जमीन में जिन लोगों के कच्चे व पक्के घर बने हैं, वे इसी जमीन पर बसे रहेंगे।
सभी सुविधाओं से लैस होगी पुनर्वास कॉलोनी
सेमरहना गांव की यह भूमि नानपारा–लखीमपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है। प्रशासन की योजना के अनुसार कॉलोनी में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, शौचालय, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। हर प्रभावित परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर, बिजली कनेक्शन और भूमि का पट्टा प्रदान किया जाएगा।
एक माह में पूरा हो कार्य : जिलाधिकारी
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा, एक माह के भीतर पूरा कर लिया जाए। उन्होंने सीडीओ, एसडीएम और राजस्व विभाग की टीमों को नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी 118 परिवारों को शीघ्र आवास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पीड़ित परिवारों में जागी उम्मीद
भरथापुर के विस्थापित परिवारों में इस निर्णय के बाद राहत और उम्मीद की लहर है। लंबे समय से पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण अब अपने स्थायी घर के सपने को साकार होने की आस संजोए हुए हैं।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मोतीपुर की सिंचाई कॉलोनी में पीड़ित परिवारों से मुलाकात के दौरान स्पष्ट कहा था कि सभी प्रभावितों को एक सुरक्षित और सुविधायुक्त स्थान पर बसाया जाएगा। इसी दिशा में बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने स्वयं स्थल का निरीक्षण किया था। साथ ही राजस्व एवं तहसील प्रशासन की टीम को कई संभावित स्थलों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए थे।
विज्ञापन
तहसील प्रशासन ने निरीक्षण के बाद सेमरहना गांव की भूमि को सबसे उपयुक्त मानते हुए शुक्रवार को अपनी मुहर लगा दी, जिलाधिकारी ने भी अंतिम स्वीकृति दे दी है। निरीक्षण के तुरंत बाद प्रशासन ने भूमि के समतलीकरण और सफाई का कार्य प्रारंभ कर दिया है।
विज्ञापन
सेमरहना गांव में जो जमीन चयनित हुई है, उस जमीन के दायरे में बाबूराम, राधाकृष्ण, रामजतन, जगदीश, कैलाश के मकान बसे हुए हैं। तहसील के अधिकारियों ने बताया कि चयनित जमीन में जिन लोगों के कच्चे व पक्के घर बने हैं, वे इसी जमीन पर बसे रहेंगे।
सभी सुविधाओं से लैस होगी पुनर्वास कॉलोनी
सेमरहना गांव की यह भूमि नानपारा–लखीमपुर राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे स्थित है। प्रशासन की योजना के अनुसार कॉलोनी में सड़क, बिजली, जलापूर्ति, शौचालय, स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक भवन जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। हर प्रभावित परिवार को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर, बिजली कनेक्शन और भूमि का पट्टा प्रदान किया जाएगा।
एक माह में पूरा हो कार्य : जिलाधिकारी
जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा, एक माह के भीतर पूरा कर लिया जाए। उन्होंने सीडीओ, एसडीएम और राजस्व विभाग की टीमों को नियमित मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सौंपी है। डीएम ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि सभी 118 परिवारों को शीघ्र आवास और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
पीड़ित परिवारों में जागी उम्मीद
भरथापुर के विस्थापित परिवारों में इस निर्णय के बाद राहत और उम्मीद की लहर है। लंबे समय से पुनर्वास की प्रतीक्षा कर रहे ग्रामीण अब अपने स्थायी घर के सपने को साकार होने की आस संजोए हुए हैं।