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हिंदू राष्ट्र की मांग: 13 सूत्री वार्ता ने बदला नेपाल की सियासत का एजेंडा, अब केवल सड़कों तक सीमित नहीं मामला
Thu, 13 Aug 2026 02:40 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अतुल अवस्थी, अमर उजाला, बहराइच
अतुल अवस्थी, अमर उजाला, बहराइच
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Thu, 13 Aug 2026 02:40 PM IST
सार
नेपाल में हिंदू राष्ट्र की मांग अब केवल सड़कों पर होने वाले आंदोलन तक सीमित नहीं रही। मामले में सर्वदलीय बैठक भी बुलाने की बात की जा रही है।
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बालेन शाह, पीएम, नेपाल
- फोटो : IANS
विस्तार
सुनसरी हिंसा के बाद नेपाल में तेज हुई धार्मिक पहचान की बहस अब जनकपुर की 13 सूत्री वार्ता के जरिये सत्ता के केंद्र तक पहुंच गई है। यह वार्ता गृह मंत्री सुदन गुरुंग और संयुक्त हिंदू मोर्चा समेत हिंदू संगठनों के बीच एक व दो अगस्त को हुई थी। इसमें नेपाल को फिर हिंदू राष्ट्र बनाने के सवाल पर तीन महीने के भीतर सर्वदलीय बैठक के जरिये राजनीतिक चर्चा आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। यह वार्ता इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हिंदू राष्ट्र की मांग अब केवल सड़कों पर होने वाले आंदोलन तक सीमित नहीं रही। पहली बार इसे सर्वदलीय राजनीतिक विमर्श की दिशा में ले जाने की बात सामने आई है। संवाद
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यह है 13 सूत्री वार्ता
हिंदू राष्ट्र पर बैठक : तीन महीने में सर्वदलीय बैठक बुलाकर हिंदू राष्ट्र के मुद्दे पर चर्चा हो।
हथियारों पर रोक : धार्मिक आयोजनों में हथियारों के प्रदर्शन पर नियंत्रण हो।
लाउडस्पीकर नियंत्रण: धार्मिक स्थलों पर बाहरी लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को नियंत्रित किया जाए।
धार्मिक स्थलों का रिकॉर्ड : वहां रहने वालों का रिकॉर्ड बने और विदेशी नागरिकों की अलग पहचान दर्ज हो।
नफरत फैलाने पर कार्रवाई : धार्मिक या जातीय द्वेष फैलाने वालों पर कानूनी कार्रवाई हो।
सुनसरी मामले की समीक्षा : देवांगंज हिंसा के बाद गिरफ्तार लोगों के मामलों की समीक्षा हो।
घायलों का इलाज : आंदोलन में घायल लोगों के उपचार की व्यवस्था सरकार करे।
धार्मिक आयोगों की समीक्षा: धार्मिक आयोगों की उपयोगिता और कानूनी आधार की समीक्षा हो।
आंदोलनकारियों की सुरक्षा : आंदोलन में शामिल लोगों की सुरक्षा सरकार सुनिश्चित करे।
नागरिकता की जांचः वर्ष 2005-06 से जारी नागरिकताओं की जांच और संदिग्ध मामलों में कार्रवाई हो।
धार्मिक संस्थाओं की फंडिंग : मदरसा-मस्जिद समेत धार्मिक संस्थाओं की फंडिंग की जांच और निगरानी हो।
आनंद दास मामले में कार्रवाई : पथराव कर घायल करने वाले दोषियों पर कार्रवाई और पीड़ित को मुआवजा दिया जाए।
आंदोलन स्थगित: संयुक्त हिंदू मोर्चा अपने आंदोलन के सभी कार्यक्रम स्थगित करेगा।