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Bahraich News: नमाज पढ़कर लौट रहे ग्रामीण की हत्या में दोषी को उम्रकैद
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बहराइच। मटेरा क्षेत्र में रंजिश के चलते चाकू से वार कर वसीम खां की हत्या करने के मामले में अदालत ने इब्राहिम उर्फ गुल्ले को दोषी करार दिया है। चतुर्थ अपर जिला जज कविता निगम ने शुक्रवार को दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख रुपये का अर्थदंड लगाया। जुर्माना अदा नहीं करने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। हालांकि, अदालत ने अभियुक्त को आर्म्स एक्ट के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
मटेरा के सोनरई, अमवा मौलवी गांव निवासी रेशमा बेगम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि सात जून 2024 को सुबह करीब 4:50 बजे उनके पति वसीम खां मस्जिद से नमाज पढ़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के इब्राहिम उर्फ गुल्ले ने पुरानी रंजिश के चलते उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
तत्कालीन विवेचक निरीक्षक परमानंद तिवारी ने मामले की जांच की। साक्ष्य जुटाने और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद नौ जुलाई 2024 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। अदालत ने 29 नवंबर 2024 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप तय किए थे।
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मामले में प्रभावी पैरवी के बाद शुक्रवार को दोनों पक्षों की बहस हुई। दलीलें सुनने और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने इब्राहिम उर्फ गुल्ले को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, आर्म्स एक्ट के आरोपों में उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।
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मटेरा के सोनरई, अमवा मौलवी गांव निवासी रेशमा बेगम ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि सात जून 2024 को सुबह करीब 4:50 बजे उनके पति वसीम खां मस्जिद से नमाज पढ़कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान गांव के इब्राहिम उर्फ गुल्ले ने पुरानी रंजिश के चलते उन पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। तहरीर के आधार पर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी।
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तत्कालीन विवेचक निरीक्षक परमानंद तिवारी ने मामले की जांच की। साक्ष्य जुटाने और गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद नौ जुलाई 2024 को न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया। अदालत ने 29 नवंबर 2024 को अभियुक्त के खिलाफ आरोप तय किए थे।
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मामले में प्रभावी पैरवी के बाद शुक्रवार को दोनों पक्षों की बहस हुई। दलीलें सुनने और साक्ष्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने इब्राहिम उर्फ गुल्ले को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। वहीं, आर्म्स एक्ट के आरोपों में उसे संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।