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Bahraich News: कटान के मुहाने पर गोलागंज कोठार गांव, 30 बीघा जमीन नदी में समाई
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गांव में कटान करती नदी व प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते अधिकारी।
बहराइच। सरयू नदी का जलस्तर घटने के साथ महसी तहसील का गोलागंज कोठार गांव कटान के मुहाने पर आ गया है। नदी आबादी से महज 15 मीटर दूर रह गई है। शुक्रवार रात कटान से राजकुमार वर्मा की बाग के आठ पेड़ नदी में समा गए, जबकि करीब 30 बीघा जमीन भी कट चुकी है। गांव की सीसी रोड का लगभग 10 मीटर हिस्सा भी नदी में समा गया है। तेज कटान से ग्रामीणों को घर उजड़ने का डर सताने लगा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, नदी किलोमीटर संख्या 53 के पास करीब 500 मीटर के दायरे में तेजी से कटान कर रही है। इसमें शिवराम, रामचंद्र, राकेश और शिवनाथ की करीब 30 बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। खेत और बाग गंवा चुके ग्रामीणों के सामने अब घरों को बचाने की चिंता खड़ी हो गई है। रामचंद्र ने बताया कि बाढ़ के दौरान किसी तरह स्थिति संभली थी, लेकिन अब कटान से जमीन के साथ घरों पर भी खतरा मंडराने लगा है। राकेश और शिवनाथ भी परिवार व संपत्ति की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान नहीं रुकी तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
बाढ़ खंड ने संभाली कमान
कटान की सूचना पर बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने कटान का निरीक्षण करने के बाद बचाव कार्य शुरू कराया। अधिशासी अभियंता ने बताया कि नदी की धारा का प्रभाव कम करने के लिए बालू की बोरियां और पेड़ों की डालियां डाली जा रही हैं। कटान पर जल्द काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।
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राजस्व टीम कर रही सर्वेक्षण
महसी के तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि कटान की सूचना पर बाढ़ खंड ने बचाव कार्य शुरू करा दिया है। राजस्व लेखपालों की टीम गांव में निगरानी के साथ जमीन के कटान का सर्वेक्षण कर रही है। नदी में जिन ग्रामीणों की जमीन समाई है, उन्हें चिह्नित कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
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ग्रामीणों के मुताबिक, नदी किलोमीटर संख्या 53 के पास करीब 500 मीटर के दायरे में तेजी से कटान कर रही है। इसमें शिवराम, रामचंद्र, राकेश और शिवनाथ की करीब 30 बीघा जमीन नदी में समा चुकी है। खेत और बाग गंवा चुके ग्रामीणों के सामने अब घरों को बचाने की चिंता खड़ी हो गई है। रामचंद्र ने बताया कि बाढ़ के दौरान किसी तरह स्थिति संभली थी, लेकिन अब कटान से जमीन के साथ घरों पर भी खतरा मंडराने लगा है। राकेश और शिवनाथ भी परिवार व संपत्ति की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कटान नहीं रुकी तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
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बाढ़ खंड ने संभाली कमान
कटान की सूचना पर बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता जेपी वर्मा टीम के साथ गांव पहुंचे। उन्होंने कटान का निरीक्षण करने के बाद बचाव कार्य शुरू कराया। अधिशासी अभियंता ने बताया कि नदी की धारा का प्रभाव कम करने के लिए बालू की बोरियां और पेड़ों की डालियां डाली जा रही हैं। कटान पर जल्द काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है।
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राजस्व टीम कर रही सर्वेक्षण
महसी के तहसीलदार विपिन चौरसिया ने बताया कि कटान की सूचना पर बाढ़ खंड ने बचाव कार्य शुरू करा दिया है। राजस्व लेखपालों की टीम गांव में निगरानी के साथ जमीन के कटान का सर्वेक्षण कर रही है। नदी में जिन ग्रामीणों की जमीन समाई है, उन्हें चिह्नित कर नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।

गांव में कटान करती नदी व प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते अधिकारी।

गांव में कटान करती नदी व प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण करते अधिकारी।