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नहर कटने से पांच सौ बीघा फसल डूबी
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Sat, 25 Jul 2015 10:31 PM IST
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विशेश्वरगंज (बहराइच)। विशेश्वरगंज के बड़ागांव-खरखट्टनपुरवा गांव के बीच में सरयू नहर दस मीटर कट गई। जिससे चार गांवों की पांच सौ बीघा फसल डूब गई है।
ग्राम प्रधान की सूचना पर सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे हैं। नहर में पानी का बहाव बंद करवाकर क्षतिग्रस्त नहर पटरी निर्माण का काम तेज कर दिया गया है।
जिससे गांव के अंदर पानी को घुसने से रोका जा सके। हालांकि पानी के फैलाव से खेतों में फसलें लबालब हैं। उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है।
विकास खंड विशेश्वरगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव से होते हुए खरखट्टनपुरवा को सरयू नहर खंड प्रथम की शाखा गुजरती है।
इस नहर में इस समय पानी चल रहा है। लेकिन नहर की पटरियां काफी कमजोर हैं। पानी के उफनाने से शुक्रवार रात अचानक नहर की पटरी दस मीटर तक कट गई है।
नहर की पटरी कटने के कारण आसपास के खेतों में पानी फैलना शुरू हो गया है। सुबह गांव के लोग जब सोकर उठे तो चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। इससे सभी सकते में आए।
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खरखट्टनपुरवा और बड़ा गांव समेत पास में स्थित दो अन्य गांव भी पानी से घिरे नजर आए। परेशान ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि नहर का दस मीटर हिस्सा कट चुका है।
जिसके चलते गांव निवासी जोखूराम, नानमून, दुखराम, हंसराज, उजागर, अभय सिंह, हेमंत सिंह, धरमपाल, सोहनलाल, लल्लन, छोटकऊ समेत 100 से अधिक किसानों के खेत जलमग्न हो गए हैं।
खेतों में लगी अरहर, मक्का, धान और गन्ने की फसल पूरी तरह जलमग्न है। खरखट्टनपुरवा के कई घरों में भी नहर का पानी घुसने लगा। इसकी सूचना ग्राम प्रधान पूजाराम ने तत्काल सिंचाई विभाग को दी।
शनिवार सुबह सरयू नहर खंड प्रथम के सहायक अभियंता तुषारकांत राजन, अवर अभियंता गुलाबचंद्र आदि ने मौके पर पहुंचकर नहर में पानी रुकवा दिया है।
नहर की पटरी को दुरुस्त कराने का भी काम शुरू कर दिया गया है। नहर कटने से ग्राम बड़ागांव, डोलकुआं, शुकुलपुरवा, हरैया व खरखट्टनपुरवा गांवों के किसानों की फसलें चपेट में आई हैं।
उनका सहायक अभियंता ने मुआयना किया है। कहा कि सर्वेक्षण करवाकर मुआवजे की भी कार्रवाई की जाएगी।
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ग्राम प्रधान की सूचना पर सिंचाई विभाग के अभियंता मौके पर पहुंचे हैं। नहर में पानी का बहाव बंद करवाकर क्षतिग्रस्त नहर पटरी निर्माण का काम तेज कर दिया गया है।
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जिससे गांव के अंदर पानी को घुसने से रोका जा सके। हालांकि पानी के फैलाव से खेतों में फसलें लबालब हैं। उनके सड़ने का खतरा बढ़ गया है।
विकास खंड विशेश्वरगंज अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ागांव से होते हुए खरखट्टनपुरवा को सरयू नहर खंड प्रथम की शाखा गुजरती है।
इस नहर में इस समय पानी चल रहा है। लेकिन नहर की पटरियां काफी कमजोर हैं। पानी के उफनाने से शुक्रवार रात अचानक नहर की पटरी दस मीटर तक कट गई है।
नहर की पटरी कटने के कारण आसपास के खेतों में पानी फैलना शुरू हो गया है। सुबह गांव के लोग जब सोकर उठे तो चारों तरफ पानी ही पानी नजर आया। इससे सभी सकते में आए।
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खरखट्टनपुरवा और बड़ा गांव समेत पास में स्थित दो अन्य गांव भी पानी से घिरे नजर आए। परेशान ग्रामीण जब मौके पर पहुंचे तो पता चला कि नहर का दस मीटर हिस्सा कट चुका है।
जिसके चलते गांव निवासी जोखूराम, नानमून, दुखराम, हंसराज, उजागर, अभय सिंह, हेमंत सिंह, धरमपाल, सोहनलाल, लल्लन, छोटकऊ समेत 100 से अधिक किसानों के खेत जलमग्न हो गए हैं।
खेतों में लगी अरहर, मक्का, धान और गन्ने की फसल पूरी तरह जलमग्न है। खरखट्टनपुरवा के कई घरों में भी नहर का पानी घुसने लगा। इसकी सूचना ग्राम प्रधान पूजाराम ने तत्काल सिंचाई विभाग को दी।
शनिवार सुबह सरयू नहर खंड प्रथम के सहायक अभियंता तुषारकांत राजन, अवर अभियंता गुलाबचंद्र आदि ने मौके पर पहुंचकर नहर में पानी रुकवा दिया है।
नहर की पटरी को दुरुस्त कराने का भी काम शुरू कर दिया गया है। नहर कटने से ग्राम बड़ागांव, डोलकुआं, शुकुलपुरवा, हरैया व खरखट्टनपुरवा गांवों के किसानों की फसलें चपेट में आई हैं।
उनका सहायक अभियंता ने मुआयना किया है। कहा कि सर्वेक्षण करवाकर मुआवजे की भी कार्रवाई की जाएगी।