{"_id":"5c7ac7aebdec22736a76a93d","slug":"three-human-trafficking-arrests-on-nepal-border","type":"story","status":"publish","title_hn":"नेपाल सीमा पर तीन मानव तस्कर गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नेपाल सीमा पर तीन मानव तस्कर गिरफ्तार
Sat, 02 Mar 2019 11:45 PM IST
Praveen Singh
न्यूज डेस्क, बहराइच
न्यूज डेस्क, बहराइच
Published by: Praveen Singh
Updated Sat, 02 Mar 2019 11:45 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नेपाल सीमा पर महिला समेत तीन मानव तस्करों को गिरफ्तार किया गया। इनके चंगुल से दो नेपाली युवतियों को छुड़ाया गया है। दोनों युवतियों को तस्कर भारत के रास्ते खाड़ी देश भेजने की फिराक में थे। तस्कर युवतियों को दिल्ली एजेंट के पास पहुंचाते, जहां से उन्हें ओमान भेजा जाता।
युवतियों को नेपाली संस्था के सुपुर्द कर दिया गया है। तस्करों से पूछताछ की जा रही है। एसएसबी 59वीं बटालियन सी कंपनी के इंस्पेक्टर अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि सीमा क्षेत्र में मानव तस्करों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी।
सहायक कमांडेंट ने टीमें गठित कर सघन गश्त के निर्देश दिए थे। शनिवार दोपहर में दो बजे के आसपास टीम अचकवा बार्डर आउटपोस्ट से कुछ दूरी पर गश्त कर रही थी।
तभी पिलर संख्या 664/8 के पास जवानों को नेपाल सीमा की ओर से 8-10 की संख्या में नेपाली आते दिखे। उनमें से पांच लोग नोमेंस लैंड पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए।
विज्ञापन
सीमा में घुसने वाले नेपाली नागरिकों की गतिविधियां संदिग्ध होने पर जवानों ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ पर सभी ने पति-पत्नी होने की बात कही। एक ही परिवार का सदस्य होने का दावा किया।
इस पर युवक और युवतियों को अलग-अलग ले जाकर एसएसबी के अधिकारियों ने पूछताछ की। पता चला कि 18 वर्षीय दोनों युवतियों को तस्कर नौकरी का झांसा देकर दिल्ली ले जा रहे थे।
वहां से दोनों युवतियों को ओमान भेजा जाना था। युवतियों के बयान से पुष्टि होने के बाद एसएसबी के अधिकारियों ने महिला समेत तीनों तस्करों से पूछताछ की।
तीनों ने काफी देर बाद युवतियों को दिल्ली के रास्ते ओमान भेजने की बात स्वीकार की। तस्करों ने बताया कि युवतियों के वीजा और पासपोर्ट दिल्ली में ही तैयार होते।
वहां से एजेंट द्वारा उन्हें ओमान भेज दिया जाता। तस्करों की पहचान नेपाल राष्ट्र के पहाड़ी इलाका निवासी वकील बहादुर मल्लाह, कामी ठोकरा तथा महिला तस्कर महिमा कुमारी पार्ली के रूप में हुई है।
इंस्पेक्टर अभिषेक ने बताया कि दोनों युवतियों को नेपाल पुलिस की अभिरक्षा में नेपाली संस्था सना हथारू को सौंप दिया गया है। वहां से दोनों को परिवारीजनों के सुपुर्द किया जाएगा। तस्करों से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में एजेंट का कार्यालय
इंस्पेक्टर अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि युवतियों को खाड़ी देश बेचने की बात तस्करों ने स्वीकार की है। तस्करों ने बताया कि उनका कार्यालय दिल्ली में है। दिल्ली पहुंचने के बाद युवतियों को खाड़ी देश भेज दिया जाता। दिल्ली पुलिस से संपर्क कर वहां के एजेंट के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मिलती है मोटी रकम
तस्करों ने बताया कि नेपाल व अन्य स्थानों से युवतियों को फुसलाकर दिल्ली पहुंचाने पर प्रति युवती 10 से 12 हजार की रकम मिलती है। संस्था संचालकों की ओर से अन्य सुविधाएं दी जाती है।
सीमा पर थम नहीं रही मानव तस्करी
भारत-नेपाल की खुली सीमा पर मानव तस्करी अचानक बढ़ गई है। बीते 20 फरवरी को चार किशोरों को सीमा पर पकड़ा गया था। उन्हें मानव तस्कर नेपाल के पोखरा ले जा रहे थे।
दो तस्करों को भी एसएसबी ने पकड़कर पुलिस को सौंपा था। दो दिन पहले कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत बलई गांव बार्डर आउट पोस्ट पर एक युवती को बरामद किया गया था। उसेे भी दिल्ली ले जाया जा रहा था। इस मामले में एक तस्कर भी एसएसबी के हत्थे चढ़ा था।
विज्ञापन
युवतियों को नेपाली संस्था के सुपुर्द कर दिया गया है। तस्करों से पूछताछ की जा रही है। एसएसबी 59वीं बटालियन सी कंपनी के इंस्पेक्टर अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि सीमा क्षेत्र में मानव तस्करों के सक्रिय होने की सूचना मिली थी।
विज्ञापन
सहायक कमांडेंट ने टीमें गठित कर सघन गश्त के निर्देश दिए थे। शनिवार दोपहर में दो बजे के आसपास टीम अचकवा बार्डर आउटपोस्ट से कुछ दूरी पर गश्त कर रही थी।
तभी पिलर संख्या 664/8 के पास जवानों को नेपाल सीमा की ओर से 8-10 की संख्या में नेपाली आते दिखे। उनमें से पांच लोग नोमेंस लैंड पार कर भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए।
विज्ञापन
सीमा में घुसने वाले नेपाली नागरिकों की गतिविधियां संदिग्ध होने पर जवानों ने उन्हें रोक लिया। पूछताछ पर सभी ने पति-पत्नी होने की बात कही। एक ही परिवार का सदस्य होने का दावा किया।
इस पर युवक और युवतियों को अलग-अलग ले जाकर एसएसबी के अधिकारियों ने पूछताछ की। पता चला कि 18 वर्षीय दोनों युवतियों को तस्कर नौकरी का झांसा देकर दिल्ली ले जा रहे थे।
वहां से दोनों युवतियों को ओमान भेजा जाना था। युवतियों के बयान से पुष्टि होने के बाद एसएसबी के अधिकारियों ने महिला समेत तीनों तस्करों से पूछताछ की।
तीनों ने काफी देर बाद युवतियों को दिल्ली के रास्ते ओमान भेजने की बात स्वीकार की। तस्करों ने बताया कि युवतियों के वीजा और पासपोर्ट दिल्ली में ही तैयार होते।
वहां से एजेंट द्वारा उन्हें ओमान भेज दिया जाता। तस्करों की पहचान नेपाल राष्ट्र के पहाड़ी इलाका निवासी वकील बहादुर मल्लाह, कामी ठोकरा तथा महिला तस्कर महिमा कुमारी पार्ली के रूप में हुई है।
इंस्पेक्टर अभिषेक ने बताया कि दोनों युवतियों को नेपाल पुलिस की अभिरक्षा में नेपाली संस्था सना हथारू को सौंप दिया गया है। वहां से दोनों को परिवारीजनों के सुपुर्द किया जाएगा। तस्करों से पूछताछ की जा रही है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में एजेंट का कार्यालय
इंस्पेक्टर अभिषेक त्रिपाठी ने बताया कि युवतियों को खाड़ी देश बेचने की बात तस्करों ने स्वीकार की है। तस्करों ने बताया कि उनका कार्यालय दिल्ली में है। दिल्ली पहुंचने के बाद युवतियों को खाड़ी देश भेज दिया जाता। दिल्ली पुलिस से संपर्क कर वहां के एजेंट के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
मिलती है मोटी रकम
तस्करों ने बताया कि नेपाल व अन्य स्थानों से युवतियों को फुसलाकर दिल्ली पहुंचाने पर प्रति युवती 10 से 12 हजार की रकम मिलती है। संस्था संचालकों की ओर से अन्य सुविधाएं दी जाती है।
सीमा पर थम नहीं रही मानव तस्करी
भारत-नेपाल की खुली सीमा पर मानव तस्करी अचानक बढ़ गई है। बीते 20 फरवरी को चार किशोरों को सीमा पर पकड़ा गया था। उन्हें मानव तस्कर नेपाल के पोखरा ले जा रहे थे।
दो तस्करों को भी एसएसबी ने पकड़कर पुलिस को सौंपा था। दो दिन पहले कोतवाली मुर्तिहा अंतर्गत बलई गांव बार्डर आउट पोस्ट पर एक युवती को बरामद किया गया था। उसेे भी दिल्ली ले जाया जा रहा था। इस मामले में एक तस्कर भी एसएसबी के हत्थे चढ़ा था।