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सड़क किनारे पड़ी मिली लक्ष्मण की अष्टधातु की मूर्ति
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Wed, 22 Mar 2017 10:51 PM IST
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इकौना-विशेश्वरगंज मार्ग पर बुधवार सुबह एक मंदिर के निकट लक्ष्मण की अष्टधातु की प्रतिमा सड़क किनारे पड़ी मिली। यह नजारा देख ग्रामीण भड़क उठे। उन्होंने प्रतिमा को मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया और वहीं पूजा-अर्चना शुरू कर दी।
पड़ी मिली प्रतिमा चार वर्ष पूर्व लक्खारामपुर गांव में रामजानकी मंदिर से चोरी हुई थी। इस प्रतिमा के साथ ही राम-सीता की प्रतिमाएं चोरी हुई थीं। उनका पता अब तक नहीं चल सका है। गुस्साए ग्रामीण अन्य प्रतिमाओं के भी बरामदगी की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।
एसडीएम और सीओ ने 15 दिन के अंदर अन्य दोनों प्रतिमाओं को बरामद करने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण शांत हुए। चार घंटे तक मार्ग पर जाम की स्थिति रही। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत लक्खारामपुर गांव के रामजानकी मंदिर से अति प्राचीन अष्टधातु निर्मित राम, सीता और लक्ष्मण की प्रतिमाएं चार वर्ष पूर्व चोरी हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया। लेकिन प्रतिमाओं की बरामदगी नहीं हो सकी थी।
बुधवार सुबह इकौना-विशेश्वरगंज मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर के पास से ग्रामीण गुजर रहे थे। तभी सड़क किनारे स्थित हनुमान मंदिर के पास लगे पताका के किनारे शेषराम नाई और लल्लन प्रसाद ने बोरी रखी देखी। उसे खोलने पर लक्ष्मण की अष्टधातु की प्रतिमा मिली।
सूचना पाकर आसपास गांवों के लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों की तफ्तीश में पता चला कि सड़क किनारे मिली प्रतिमा लक्खारामपुर गांव के मंदिर से चोरी हुई प्रतिमा है। यह सूचना पाकर लक्खारामपुर गांव के लोग भी मौके पर आ गए और सबने सड़क पर ही प्रतिमा को स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई।
इससे मार्ग पर सुबह छह बजे आवागमन बाधित हो गया। इसकी खबर पाकर एसडीएम पयागपुर गुलाम सरवर और सीओ एसके यादव कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों ने प्रदर्शन और तेज कर दिया। सभी चोरी गई राम और सीता की प्रतिमा की बरामदगी पर भी अड़ गए।
जिससे अफरातफरी की स्थिति बन गई। काफी मान मनौव्वल पर करीब 10 बजे ग्रामीण इस शर्त पर शांत हुए कि 15 दिन के अंदर पुलिस किसी भी तरीके से चोरी का पर्दाफाश कर प्रतिमाओं को बरामद करेगी।
विशेश्वरगंज के इंसपेक्टर श्यामनारायण सिंह ने बताया कि राम और सीता की गायब प्रतिमाओं की बरामदगी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। लक्ष्मण की प्रतिमा गांव के कमला प्रसाद पांडेय के यहां रखवा दी गई है।
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पड़ी मिली प्रतिमा चार वर्ष पूर्व लक्खारामपुर गांव में रामजानकी मंदिर से चोरी हुई थी। इस प्रतिमा के साथ ही राम-सीता की प्रतिमाएं चोरी हुई थीं। उनका पता अब तक नहीं चल सका है। गुस्साए ग्रामीण अन्य प्रतिमाओं के भी बरामदगी की मांग करते हुए प्रदर्शन कर रहे थे।
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एसडीएम और सीओ ने 15 दिन के अंदर अन्य दोनों प्रतिमाओं को बरामद करने का आश्वासन दिया। तब ग्रामीण शांत हुए। चार घंटे तक मार्ग पर जाम की स्थिति रही। लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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विशेश्वरगंज थाना अंतर्गत लक्खारामपुर गांव के रामजानकी मंदिर से अति प्राचीन अष्टधातु निर्मित राम, सीता और लक्ष्मण की प्रतिमाएं चार वर्ष पूर्व चोरी हो गई थी। इस मामले में पुलिस ने केस दर्ज किया। लेकिन प्रतिमाओं की बरामदगी नहीं हो सकी थी।
बुधवार सुबह इकौना-विशेश्वरगंज मार्ग पर स्थित हनुमान मंदिर के पास से ग्रामीण गुजर रहे थे। तभी सड़क किनारे स्थित हनुमान मंदिर के पास लगे पताका के किनारे शेषराम नाई और लल्लन प्रसाद ने बोरी रखी देखी। उसे खोलने पर लक्ष्मण की अष्टधातु की प्रतिमा मिली।
सूचना पाकर आसपास गांवों के लोग इकट्ठा हो गए। ग्रामीणों की तफ्तीश में पता चला कि सड़क किनारे मिली प्रतिमा लक्खारामपुर गांव के मंदिर से चोरी हुई प्रतिमा है। यह सूचना पाकर लक्खारामपुर गांव के लोग भी मौके पर आ गए और सबने सड़क पर ही प्रतिमा को स्थापित कर पूजा-अर्चना शुरू कर दी गई।
इससे मार्ग पर सुबह छह बजे आवागमन बाधित हो गया। इसकी खबर पाकर एसडीएम पयागपुर गुलाम सरवर और सीओ एसके यादव कई थानों की फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों ने प्रदर्शन और तेज कर दिया। सभी चोरी गई राम और सीता की प्रतिमा की बरामदगी पर भी अड़ गए।
जिससे अफरातफरी की स्थिति बन गई। काफी मान मनौव्वल पर करीब 10 बजे ग्रामीण इस शर्त पर शांत हुए कि 15 दिन के अंदर पुलिस किसी भी तरीके से चोरी का पर्दाफाश कर प्रतिमाओं को बरामद करेगी।
विशेश्वरगंज के इंसपेक्टर श्यामनारायण सिंह ने बताया कि राम और सीता की गायब प्रतिमाओं की बरामदगी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। लक्ष्मण की प्रतिमा गांव के कमला प्रसाद पांडेय के यहां रखवा दी गई है।