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बुजुर्ग दंपती की गला रेतकर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 20 Oct 2015 09:44 PM IST
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गायघाट/उर्रा। ग्राम हरखापुर निवासी बुजुर्ग दंपती की सोमवार रात सोते समय गला रेतकर हत्या कर दी गई। सुबह जब एक किशोरी घर में बर्तन धुलने पहुंची तब लोगों को वारदात का पता चला। दंपती की हत्या से आक्रोशित ग्रामीणों ने तत्काल हत्याकांड का खुलासा करने की मांग करते हुए पुलिस को लाशों का पंचनामा करने रोक दिया।
छह घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसपी ने जब 24 घंटे में हत्याकांड के खुलासे का आदेश दिया तब लोग माने और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डॉग स्क्वॉयड ने घटनास्थल पर टोह ली।
विशेषज्ञों ने भी कई नमूने इकट्ठा किए हैं। घर में सामान बिखरा देख एसपी ने लूट के चलते हत्या की आशंका जताई है। दंपती के भतीजे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते गांव में पुलिस और पीएसी तैनात है।
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कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरखापुर निवासी रामकुमार (68) पुत्र रामआसरे पत्नी विश्वशांति देवी (62) के साथ घर में रहते थे। रामकुमार की दो बेटियां गुड़िया और सुमन ही हैं, जिनका विवाह हो चुका है। रामकुमार के घर बेचन की 13 वर्षीय बेटी रेनू प्रतिदिन झाड़ू-पोछा करने और बर्तन धुलने के लिए सुबह आती थी।
मंगलवार सुबह 7:30 बजे के आसपास रेनू जब रामकुमार के घर पहुंची तो मकान का चैनल खुला था। उसने आवाज लगाई लेकिन कुछ जवाब न मिला तो रेनू घर में दाखिल हुई। वहां का दृश्य देखकर वह चीख पड़ी। चारों तरफ खून फैला था और वृद्ध दंपती के शव बेड पर पड़े थे। रेनू चिल्लाते हुए बाहर भागी।
आस पड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए। रेनू ने सभी को आंखों देखी सुनाई तो लोग सकते में आ गए। ग्रामीणों ने घटनास्थल का जायजा लेकर पुलिस को खबर की। सीओ भरत यादव, प्रभारी निरीक्षक राजाराम टीम के साथ पहुंचे।
सीओ ने जांच के बाद लाश का पंचनामा करवाने की कार्रवाई शुरू की तो गांव के लोग मृतक के भतीजे पप्पू की अगुवाई में आक्रोशित हो उठे। सभी मौके पर ही हत्याकांड का खुलासा करने की मांग करने लगे। मामले का खुलासा न होने तक शव को उठाने से रोक दिया।
स्थिति बिगड़ते देख सुजौली और मोतीपुर की पुलिस के साथ एक ट्रक पीएसी को भी मौके पर बुलवाया गया। दोपहर बाद एसपी सालिगराम वर्मा भी मौके पर पहुंचे। किसी तरह समझाने बुझाने और 24 घंटे में हत्या का खुलासा करने के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
दोपहर डेढ़ बजे के आसपास शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घर में सामान बिखरा होने के चलते एसपी ने लूट के इरादे से हत्या की आशंका जताई है। लेकिन घर का कोई सदस्य न होने के चलते लूट कितने की हुई है, इसका पता नहीं चल सका है।
मिले हैं कुछ तथ्य, तीन टीमें लगाईं : डीआईजी
देवीपाटन मंडल के डीआईजी जेपी सिंह भी दोपहर में हरखापुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद हत्या के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की हैं। डीआईजी ने बताया कि जांच के दौरान कुछ जरूरी तथ्य हाथ लगे हैं। उन पर कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
कहीं जमीन के लिए तो नहीं मारा
रामकुमार के पास 100 बीघा खेती योग्य जमीन थी। विवाह के समय रामकुमार ने 25-25 बीघा जमीन अपनीबेटी गुड़िया और सुमन के नाम कर दी थी, जबकि 50 बीघा जमीन में 10 बीघा रामकुमार के नाम और 40 बीघा जमीन उनकी पत्नी विश्वशांति देवी के नाम थी। पूरी जमीन पर रामकुमार खेती करते थे।
ग्रामीणों के मुताबिक रामकुमार खेती-किसानी से ही काफी संपन्न थे। बेटियों के हिस्से को छोड़ने के बाद भी रामकुमार के पास 50 बीघा जमीन शेष थी। कहीं इसी जमीन के लिए तो पति-पत्नी की हत्या नहीं की गई इस मामले को लेकर पुलिस भी सशंकित है।
एसपी सालिगराम ने भी आशंका जताई है कि हो सकता है कि जमीन के मामले को ही लेकर हत्या की गई हो। उन्होंने कहा कि लूट के साथ ही जमीन के मामले को भी केंद्रबिंदु बनाकर जांच की जा रही है।
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छह घंटे बाद मौके पर पहुंचे एसपी ने जब 24 घंटे में हत्याकांड के खुलासे का आदेश दिया तब लोग माने और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। डॉग स्क्वॉयड ने घटनास्थल पर टोह ली।
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विशेषज्ञों ने भी कई नमूने इकट्ठा किए हैं। घर में सामान बिखरा देख एसपी ने लूट के चलते हत्या की आशंका जताई है। दंपती के भतीजे की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की गई है। ग्रामीणों के आक्रोश के चलते गांव में पुलिस और पीएसी तैनात है।
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कोतवाली मुर्तिहा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हरखापुर निवासी रामकुमार (68) पुत्र रामआसरे पत्नी विश्वशांति देवी (62) के साथ घर में रहते थे। रामकुमार की दो बेटियां गुड़िया और सुमन ही हैं, जिनका विवाह हो चुका है। रामकुमार के घर बेचन की 13 वर्षीय बेटी रेनू प्रतिदिन झाड़ू-पोछा करने और बर्तन धुलने के लिए सुबह आती थी।
मंगलवार सुबह 7:30 बजे के आसपास रेनू जब रामकुमार के घर पहुंची तो मकान का चैनल खुला था। उसने आवाज लगाई लेकिन कुछ जवाब न मिला तो रेनू घर में दाखिल हुई। वहां का दृश्य देखकर वह चीख पड़ी। चारों तरफ खून फैला था और वृद्ध दंपती के शव बेड पर पड़े थे। रेनू चिल्लाते हुए बाहर भागी।
आस पड़ोस के लोग इकट्ठा हो गए। रेनू ने सभी को आंखों देखी सुनाई तो लोग सकते में आ गए। ग्रामीणों ने घटनास्थल का जायजा लेकर पुलिस को खबर की। सीओ भरत यादव, प्रभारी निरीक्षक राजाराम टीम के साथ पहुंचे।
सीओ ने जांच के बाद लाश का पंचनामा करवाने की कार्रवाई शुरू की तो गांव के लोग मृतक के भतीजे पप्पू की अगुवाई में आक्रोशित हो उठे। सभी मौके पर ही हत्याकांड का खुलासा करने की मांग करने लगे। मामले का खुलासा न होने तक शव को उठाने से रोक दिया।
स्थिति बिगड़ते देख सुजौली और मोतीपुर की पुलिस के साथ एक ट्रक पीएसी को भी मौके पर बुलवाया गया। दोपहर बाद एसपी सालिगराम वर्मा भी मौके पर पहुंचे। किसी तरह समझाने बुझाने और 24 घंटे में हत्या का खुलासा करने के आश्वासन पर ग्रामीण माने।
दोपहर डेढ़ बजे के आसपास शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। घर में सामान बिखरा होने के चलते एसपी ने लूट के इरादे से हत्या की आशंका जताई है। लेकिन घर का कोई सदस्य न होने के चलते लूट कितने की हुई है, इसका पता नहीं चल सका है।
मिले हैं कुछ तथ्य, तीन टीमें लगाईं : डीआईजी
देवीपाटन मंडल के डीआईजी जेपी सिंह भी दोपहर में हरखापुर गांव पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद हत्या के खुलासे के लिए तीन टीमें गठित की हैं। डीआईजी ने बताया कि जांच के दौरान कुछ जरूरी तथ्य हाथ लगे हैं। उन पर कार्य शुरू कर दिया गया है। सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है। शीघ्र ही मामले का खुलासा कर दिया जाएगा।
कहीं जमीन के लिए तो नहीं मारा
रामकुमार के पास 100 बीघा खेती योग्य जमीन थी। विवाह के समय रामकुमार ने 25-25 बीघा जमीन अपनीबेटी गुड़िया और सुमन के नाम कर दी थी, जबकि 50 बीघा जमीन में 10 बीघा रामकुमार के नाम और 40 बीघा जमीन उनकी पत्नी विश्वशांति देवी के नाम थी। पूरी जमीन पर रामकुमार खेती करते थे।
ग्रामीणों के मुताबिक रामकुमार खेती-किसानी से ही काफी संपन्न थे। बेटियों के हिस्से को छोड़ने के बाद भी रामकुमार के पास 50 बीघा जमीन शेष थी। कहीं इसी जमीन के लिए तो पति-पत्नी की हत्या नहीं की गई इस मामले को लेकर पुलिस भी सशंकित है।
एसपी सालिगराम ने भी आशंका जताई है कि हो सकता है कि जमीन के मामले को ही लेकर हत्या की गई हो। उन्होंने कहा कि लूट के साथ ही जमीन के मामले को भी केंद्रबिंदु बनाकर जांच की जा रही है।