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Prayagraj News: हनुमानगंज में दिखा तेंदुआ, ग्रामीणों में दहशत
Thu, 03 Sep 2026 02:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
Updated Thu, 03 Sep 2026 02:10 AM IST
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फोटो हनुमानगंज के कतवारूपुर गांव में सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ तेंदुआ
सरायइनायत के कतवारूपुर गांव में मंगलवार रात तेंदुआ दिखाई देने से ग्रामीण दहशत में हैं। खेत से नाले की ओर जाता तेंदुआ एक अधिवक्ता के घर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया।
मंगलवार रात करीब 11 बजे गांव निवासी अधिवक्ता संदीप यादव एवं महेंद्र यादव खेतों में टहल रहे थे। तभी खेत में हलचल दिखने पर संदीप ने टॉर्च जलाई तो तेंदुआ खेत से निकल कर संजय यादव के घर के पास बांस के झुरमुट में घुस गया।
इस दौरान आसपास के लोग हाथों में भाला, लाठी-डंडा लेकर पहुंचे, लेकिन तेंदुआ नाले में उगी झाड़ियों में गायब हो गया। बुधवार को सुबह संजय यादव के मकान में लगा सीसीटीवी कैमरा चेक किया गया तो तेंदुआ भागता हुआ दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ किया। वन कर्मियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा है।
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इससे पहले बीते वर्ष नौ अगस्त को कछार से निकलकर तेंदुआ क्षेत्र के धनैचा मलखानपुर गांव में धान के खेत में बैठा दिखा था। ग्रामीणों के पहुंचने पर वह भागकर पास के ज्वार के खेत में घुस गया था।
वन विभाग की टीम ने जाल लगाकर तेंदुए को पकड़ना चाहा तो वह ग्रामीण राजेंद्र को घायल कर दूसरे खेत में भाग गया था। दो दिन बाद सुदनीपुर कला गांव में तेंदुए ने तालाब के किनारे बकरी के बच्चे का शिकार किया था।
रेस्क्यू के लिए कानपुर से विशेषज्ञ बुलाए गए पर सफलता नहीं मिली थी। कुछ दिन बाद जमुनीपुर गांव में धान के खेत में बैठा तेंदुआ शौच के लिए गए युवक को घायल कर भाग गया था।
झूंसी के छिबैया गांव में तीन लोग हुए थे घायल
आठ जनवरी को झूंसी के छिबैया गांव में तेंदुए ने तीन लोगों को घायल कर गांव निवासी रतन सिंह के घर में घुस गया था। इसे बाद वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर तेंदुए को चित्रकूट के जंगल में छोड़ दिया था।
झूंसी के बाद तेंदुआ फिर दिखाई दिया है। वन दरोगा वर्मा प्रसाद मौके पर गए थे। सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ दिखाई दे रहा है पर किसी ने उसे अपनी आंखों से नहीं देखा है। उसके पैरों के निशान भी नहीं मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। तेंदुआ की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।-लक्ष्मीकांत दुबे, रेंजर फूलपुर
एक सप्ताह पहले भेड़ का किया था शिकार
कतवारूपुर गांव में एक सप्ताह पहले भी तेंदुए ने एक भेड़ का शिकार किया था। भेड़ पालक के शोर मचाने और ईंट-पत्थर चलाने पर वह भाग गया था।
तेंदुआ से सतर्क रहने की सलाह तक सीमित रहा वन विभाग
ग्रामीणों की ओर से सूचना देने के बाद वन विभाग के अधिकारी सुबह से देर शाम तक केवल सतर्क रहने की सलाह देने तक सीमित रहे। गांव में टीम भेजने के नाम पर दोपहर में वन दरोगा वर्मा प्रसाद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर सतर्क रहने की सलाह देकर चले गए। वन विभाग की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश है।
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मंगलवार रात करीब 11 बजे गांव निवासी अधिवक्ता संदीप यादव एवं महेंद्र यादव खेतों में टहल रहे थे। तभी खेत में हलचल दिखने पर संदीप ने टॉर्च जलाई तो तेंदुआ खेत से निकल कर संजय यादव के घर के पास बांस के झुरमुट में घुस गया।
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इस दौरान आसपास के लोग हाथों में भाला, लाठी-डंडा लेकर पहुंचे, लेकिन तेंदुआ नाले में उगी झाड़ियों में गायब हो गया। बुधवार को सुबह संजय यादव के मकान में लगा सीसीटीवी कैमरा चेक किया गया तो तेंदुआ भागता हुआ दिखाई दे रहा है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से पूछताछ किया। वन कर्मियों ने ग्रामीणों से सतर्क रहने को कहा है।
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इससे पहले बीते वर्ष नौ अगस्त को कछार से निकलकर तेंदुआ क्षेत्र के धनैचा मलखानपुर गांव में धान के खेत में बैठा दिखा था। ग्रामीणों के पहुंचने पर वह भागकर पास के ज्वार के खेत में घुस गया था।
वन विभाग की टीम ने जाल लगाकर तेंदुए को पकड़ना चाहा तो वह ग्रामीण राजेंद्र को घायल कर दूसरे खेत में भाग गया था। दो दिन बाद सुदनीपुर कला गांव में तेंदुए ने तालाब के किनारे बकरी के बच्चे का शिकार किया था।
रेस्क्यू के लिए कानपुर से विशेषज्ञ बुलाए गए पर सफलता नहीं मिली थी। कुछ दिन बाद जमुनीपुर गांव में धान के खेत में बैठा तेंदुआ शौच के लिए गए युवक को घायल कर भाग गया था।
झूंसी के छिबैया गांव में तीन लोग हुए थे घायल
आठ जनवरी को झूंसी के छिबैया गांव में तेंदुए ने तीन लोगों को घायल कर गांव निवासी रतन सिंह के घर में घुस गया था। इसे बाद वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर तेंदुए को चित्रकूट के जंगल में छोड़ दिया था।
झूंसी के बाद तेंदुआ फिर दिखाई दिया है। वन दरोगा वर्मा प्रसाद मौके पर गए थे। सीसीटीवी कैमरे में तेंदुआ दिखाई दे रहा है पर किसी ने उसे अपनी आंखों से नहीं देखा है। उसके पैरों के निशान भी नहीं मिले हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। तेंदुआ की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया जाएगा।-लक्ष्मीकांत दुबे, रेंजर फूलपुर
एक सप्ताह पहले भेड़ का किया था शिकार
कतवारूपुर गांव में एक सप्ताह पहले भी तेंदुए ने एक भेड़ का शिकार किया था। भेड़ पालक के शोर मचाने और ईंट-पत्थर चलाने पर वह भाग गया था।
तेंदुआ से सतर्क रहने की सलाह तक सीमित रहा वन विभाग
ग्रामीणों की ओर से सूचना देने के बाद वन विभाग के अधिकारी सुबह से देर शाम तक केवल सतर्क रहने की सलाह देने तक सीमित रहे। गांव में टीम भेजने के नाम पर दोपहर में वन दरोगा वर्मा प्रसाद मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर सतर्क रहने की सलाह देकर चले गए। वन विभाग की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश है।