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दरगाह से मासूम अगवा, पुलिस ने छुड़ाया
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Fri, 21 Aug 2015 09:32 PM IST
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बहराइच (ब्यूरो)। सैयद सालार मसऊद गाजी की दरगाह पर मां के साथ गुरुवार शाम जियारत करने आए एक मासूम को कार सवार लोग अगवा कर ले गए।
मां की सूचना पर पुलिस ने झिंगहाघाट के पास बालक को छुड़ाकर चार लोगों को हिरासत में लिया, फिर बिना कार्रवाई छोड़ दिया।
हरदी थाना क्षेत्र अंतर्गत फत्तेपुरवा निवासी रुकमणि देवी क्षेत्र में आशा बहू है। नौचंदी मेले में शामिल होने वह गुरुवार शाम छह बजे के आसपास अपने पुत्र सौरभ मिश्र (11) के साथ गाजी की दरगाह पर आई थी।
मां जब जियारत कर रहे थी तभी सौरभ टहलते हुए दरगाह के बाहर निकल आया। दरगाह के बाहर पहले से खड़े कार सवार चार लोगों ने बच्चे को अपने पास बुलाकर नाम, पता पूछा। फिर उसे अगवाकर चंपत हो गए।
बेटे को ढूंढते हुए मां जब बाहर आई। बेटे के न मिलने पर रुकमणि ने तत्काल 100 नंबर डायल कर सूचना दी। दरगाह थाने पर भी तहरीर दी।
पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए झिंगहाघाट के निकट घेराबंदी कर रात करीब आठ बजे कार सवार चार लोगों को पकड़कर सौरभ को मुक्त कराया लेकिन पकड़े गए आरोपियों को छोड़ दिया गया। घटना के मामले में दरगाह पुलिस पूरी तरह से अनभिज्ञता जता रही है।
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नहीं रिसीव होता एसओ का फोन
भग्गड़वा चौकी इंचार्ज रहे अखिलेश मिश्रा को एसपी नेहा पाडेंय ने दरगाह थाने की कुर्सी पर बैठा तो दिया है लेकिन पहले दिन ही एसओ अखिलेश का फोन रिसीव नहीं हुआ। उनके मोबाइल पर घंटी बजती रही। थाने में दीवान से बात करने पर उसने घटना के बारे में किनारा कसा।
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मां की सूचना पर पुलिस ने झिंगहाघाट के पास बालक को छुड़ाकर चार लोगों को हिरासत में लिया, फिर बिना कार्रवाई छोड़ दिया।
हरदी थाना क्षेत्र अंतर्गत फत्तेपुरवा निवासी रुकमणि देवी क्षेत्र में आशा बहू है। नौचंदी मेले में शामिल होने वह गुरुवार शाम छह बजे के आसपास अपने पुत्र सौरभ मिश्र (11) के साथ गाजी की दरगाह पर आई थी।
मां जब जियारत कर रहे थी तभी सौरभ टहलते हुए दरगाह के बाहर निकल आया। दरगाह के बाहर पहले से खड़े कार सवार चार लोगों ने बच्चे को अपने पास बुलाकर नाम, पता पूछा। फिर उसे अगवाकर चंपत हो गए।
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बेटे को ढूंढते हुए मां जब बाहर आई। बेटे के न मिलने पर रुकमणि ने तत्काल 100 नंबर डायल कर सूचना दी। दरगाह थाने पर भी तहरीर दी।
पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए झिंगहाघाट के निकट घेराबंदी कर रात करीब आठ बजे कार सवार चार लोगों को पकड़कर सौरभ को मुक्त कराया लेकिन पकड़े गए आरोपियों को छोड़ दिया गया। घटना के मामले में दरगाह पुलिस पूरी तरह से अनभिज्ञता जता रही है।
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नहीं रिसीव होता एसओ का फोन
भग्गड़वा चौकी इंचार्ज रहे अखिलेश मिश्रा को एसपी नेहा पाडेंय ने दरगाह थाने की कुर्सी पर बैठा तो दिया है लेकिन पहले दिन ही एसओ अखिलेश का फोन रिसीव नहीं हुआ। उनके मोबाइल पर घंटी बजती रही। थाने में दीवान से बात करने पर उसने घटना के बारे में किनारा कसा।