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मुंबई जा रहे 14 बच्चों को कराया मुक्त
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Tue, 15 Dec 2015 10:08 PM IST
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बहराइच (ब्यूरो)। शहर के रोडवेज बस अड्डे और रेलवे स्टेशन पर बाल तस्करी रोकने के लिए प्रथम संस्था की ओर से विजिलेंस अभियान शुरू किया गया है।
उसके तहत मंगलवार को 14 बच्चों को मुक्त कराया गया, जबकि तीन बच्चों को परिचितों के साथ होने के चलते छोड़ दिया गया। मुक्त कराए गए बच्चों में से एक बच्चे का नाम पता ज्ञात न होने के कारण उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है।
प्रथम संस्था की प्रिवेंशन स्टाफ रेखा तिवारी ने बताया कि संस्था की ओर से बाल तस्करी पर अंकुश के लिए विजिलेंस अभियान शुरू किया गया है। उसी के तहत रोडवेज बस अड्डे व रेलवे स्टेशन पर पूरे दिन संस्था के कार्यकर्ता आने-जाने वाले बच्चों पर नजर रख रहे हैं।
रेखा ने बताया कि मंगलवार दोपहर तीन बजे तक 17 बच्चे पकड़े गए। इनमें 14 बच्चों को लेकर जा रहे बाल तस्कर, संस्था के कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर उन्हें छोड़कर फरार हो गए।
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यह सभी बच्चे रुपईडीहा, नानपारा, मिहींपुरवा इलाके के हैं। इनमें एक 12 वर्षीय बच्चा अभिभावक व गांव का नाम नहीं बता पा रहा था, जिसके चलते उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है।
जबकि अन्य 13 बच्चों को उनकी जानकारी के आधार पर अभिभावकों के पास पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग के दौरान बरामद बच्चों को मुंबई और लखनऊ ले जाने का खुलासा हुआ।
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उसके तहत मंगलवार को 14 बच्चों को मुक्त कराया गया, जबकि तीन बच्चों को परिचितों के साथ होने के चलते छोड़ दिया गया। मुक्त कराए गए बच्चों में से एक बच्चे का नाम पता ज्ञात न होने के कारण उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है।
प्रथम संस्था की प्रिवेंशन स्टाफ रेखा तिवारी ने बताया कि संस्था की ओर से बाल तस्करी पर अंकुश के लिए विजिलेंस अभियान शुरू किया गया है। उसी के तहत रोडवेज बस अड्डे व रेलवे स्टेशन पर पूरे दिन संस्था के कार्यकर्ता आने-जाने वाले बच्चों पर नजर रख रहे हैं।
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रेखा ने बताया कि मंगलवार दोपहर तीन बजे तक 17 बच्चे पकड़े गए। इनमें 14 बच्चों को लेकर जा रहे बाल तस्कर, संस्था के कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर उन्हें छोड़कर फरार हो गए।
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यह सभी बच्चे रुपईडीहा, नानपारा, मिहींपुरवा इलाके के हैं। इनमें एक 12 वर्षीय बच्चा अभिभावक व गांव का नाम नहीं बता पा रहा था, जिसके चलते उसे चाइल्ड लाइन के सुपुर्द कर दिया गया है।
जबकि अन्य 13 बच्चों को उनकी जानकारी के आधार पर अभिभावकों के पास पहुंचा दिया गया है। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग के दौरान बरामद बच्चों को मुंबई और लखनऊ ले जाने का खुलासा हुआ।