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साइकिल घोटाले की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 27 Dec 2016 10:52 PM IST
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श्रम विभाग व दलालों की मिलीभगत से मजदूरों को वितरण के लिए आईं साइकिलें बेचने वालों व उनके मददगारों पर प्रशासन का चाबुक चलेगा। डीएम ने सोमवार को पत्र जारी कर श्रम पंजीयन के लिए फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र देने वाले ईंट भट्ठा संचालकों व ठेकेदारों से ईपीएफ व अनुभव के कार्यकाल की मजदूरी खातों में वसूली का आदेश दिया है।
इसके साथ ही श्रम आयुक्त को मामले की जानकारी देते हुए व्यापक जांच की संस्तुति की है। श्रम विभाग से मजदूरों को वितरण के नाम पर साइकिलें बिकने का खुलासा होने पर अब प्रशासन दलालों व अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर शिकंजा कस रहा है।
श्रम विभाग में पंजीकरण के लिए जिले के कई ईंट भट्ठों ने पांच हजार से अधिक फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र जारी किए हैं। जबकि लगभग 800 प्रमाणपत्र ऐसे ठेकेदारों ने जारी किए हैं, जिनके पास पूरे वर्ष 90 दिन तक कोई काम ही नहीं रहा। ऐसे ईंट उद्योग संचालकों व ठेकेदारों से अनुभव प्रमाणपत्र वाले मजदूरों के ईपीएफ कटौती, अनुभव प्रमाणपत्र वाले कार्यकाल में मजदूरों के खाते में भेजी गई मजदूरी का विवरण तलब किया है।
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इसके साथ ही साइकिल घोटाले की प्रदेश स्तर पर विस्तृत जांच के लिए डीएम ने श्रम आयुक्त को पत्र भी लिखा है। इसमें साइकिल घोटाले के साथ-साथ फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वालों व मजदूरों की साइकिलें बिचौलियों के माध्यम से खरीदने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।
जिलाधिकारी नितीश कुमार का कहना है कि, श्रम विभाग के साइकिल वितरण में अनियमितता की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति इस बात पर विशेष ध्यान रखेगी कि जिन संस्थाओं द्वारा अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया है।
वह ईपीएफ इत्यादि जमा कर रही हैं या नहीं। यदि नहीं कर रहीं हैं तो संबंधित संस्था पर भी कार्रवाई की जाएगी। यदि प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए तो लाभार्थी पर भी कार्रवाई होगी।
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इसके साथ ही श्रम आयुक्त को मामले की जानकारी देते हुए व्यापक जांच की संस्तुति की है। श्रम विभाग से मजदूरों को वितरण के नाम पर साइकिलें बिकने का खुलासा होने पर अब प्रशासन दलालों व अनुभव प्रमाणपत्र जारी करने वालों पर शिकंजा कस रहा है।
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श्रम विभाग में पंजीकरण के लिए जिले के कई ईंट भट्ठों ने पांच हजार से अधिक फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र जारी किए हैं। जबकि लगभग 800 प्रमाणपत्र ऐसे ठेकेदारों ने जारी किए हैं, जिनके पास पूरे वर्ष 90 दिन तक कोई काम ही नहीं रहा। ऐसे ईंट उद्योग संचालकों व ठेकेदारों से अनुभव प्रमाणपत्र वाले मजदूरों के ईपीएफ कटौती, अनुभव प्रमाणपत्र वाले कार्यकाल में मजदूरों के खाते में भेजी गई मजदूरी का विवरण तलब किया है।
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इसके साथ ही साइकिल घोटाले की प्रदेश स्तर पर विस्तृत जांच के लिए डीएम ने श्रम आयुक्त को पत्र भी लिखा है। इसमें साइकिल घोटाले के साथ-साथ फर्जी प्रमाणपत्र जारी करने वालों व मजदूरों की साइकिलें बिचौलियों के माध्यम से खरीदने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति भी की गई है।
जिलाधिकारी नितीश कुमार का कहना है कि, श्रम विभाग के साइकिल वितरण में अनियमितता की जांच के लिए सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति इस बात पर विशेष ध्यान रखेगी कि जिन संस्थाओं द्वारा अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया है।
वह ईपीएफ इत्यादि जमा कर रही हैं या नहीं। यदि नहीं कर रहीं हैं तो संबंधित संस्था पर भी कार्रवाई की जाएगी। यदि प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए तो लाभार्थी पर भी कार्रवाई होगी।