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पांच घंटे ठप रहा बहराइच-लखनऊ हाईवे
अमर उजाला ब्यूरो/बहराइच
Updated Mon, 18 Apr 2016 10:28 PM IST
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घाघराघाट के संजय सेतु पर गिट्टी के बुरादा लदे ट्रक का चक्का टूटने से लगा जाम
- फोटो : अमर उजाला
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बहराइच और बाराबंकी की सीमा पर घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु पर सोमवार सुबह एक गिट्टी का बुरादा लदे ट्रक का चक्का टूट गया। जिससे ट्रक पुल के बीचोबीच फंस गया। सुबह 6:30 बजे से 11:30 बजे तक आवागमन ठप रहा।
इस दौरान बाराबंकी और बहराइच की पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। 11:30 बजे जरवलरोड पुलिस ने क्रेन का इंतजाम कर जब ट्रक को पुल पर किनारे करवाया। तब किसी तरह यातायात बहाल हो सका। इस दौरान दोनों तरफ साढ़े छह हजार वाहन फंसे रहे। यात्रियों को काफी दिक्कतें भी उठानी पड़ी।
प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचने के लिए तराई के बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा व आसपास के जिलों को लोगों को बहराइच-बाराबंकी की सीमा पर स्थित घाघराघाट के संजय सेतु से गुजरना पड़ता है। इस पुल की लंबाई लगभग एक किलोमीटर है।
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सोमवार सुबह 6:30 बजे के आसपास कानपुर से गिट्टी का बुरादा लादकर बहराइच जा रहा एक ट्रक जब संजय सेतु से गुजर रहा था। तभी ट्रक का पिछले पहिया का चक्का अचानक टूट गया। रफ्तार धीमी थी। जिसके चलते ट्रक बीचोबीच सड़क पर रुक कर एक तरफ को झुक गया। इससे दोनों तरफ के वाहन जहां के तहां खड़े हो गए।
घटनास्थल बाराबंकी और बहराइच की सीमा पर था। जिसके चलते मौके पर मौजूद वाहन सवार लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हटवाने के लिए जरवलरोड और बाराबंकी के रामनगर थाने को सूचना दी। लेकिन दोनों थानों की पुलिस अपने क्षेत्र का मामला न होने की बात कहकर किनारे कसने लगी।
जिसका नतीजा यह हुआ कि सुबह साढ़े छह बजे से 11:30 बजे तक दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जब लोग व्यवस्था पर आक्रोशित होने लगे। तब जरवलरोड थानाध्यक्ष धनंजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर क्रेन का इंतजाम करवाकर पुल के बीच फंसे ट्रक को किसी तरह किनारे करवाया। इसके बाद एकल मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ।
रामनगर और जरवल के लोगों ने पैदल तय की यात्रा
संजय सेतु पर ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के चलते जाम बढ़ता देखकर वाहनों पर सवार जरवलरोड और रामनगर के अधिकांश यात्री वाहनों से उतरकर पैदल ही गंतव्य को रवाना हो गए। इस दौरान लोगों के चेहरे पर आक्रोश साफ झलक रहा था।
तो कभी भी दोबारा हो सकती दुर्घटना
संजय सेतु पुल कई खंडों में निर्मित है। इन खंडों को लोहे के गार्डर से जोड़ा गया है। पुल के बीचोबीच तीन स्थानों पर जहां गार्डर लगे हुए हैं। वहां छह से 12 इंच के गड्ढे हैं। जिसके चलते रफ्तार में गुजरने वाले वाहनों को झटके लगते हैं। ऐसे में कभी भी पुल पर किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।
गर्मी के चलते बेहाल रहे लोग
सुबह साढ़े छह बजे तक साढ़े ग्यारह बजे तक जाम में फंसे वाहनों में सवार लोग भीषण गर्मी के चलते बेहाल रहे। बूंद-बूंद भर पानी के लिए लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ीं।
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इस दौरान बाराबंकी और बहराइच की पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। 11:30 बजे जरवलरोड पुलिस ने क्रेन का इंतजाम कर जब ट्रक को पुल पर किनारे करवाया। तब किसी तरह यातायात बहाल हो सका। इस दौरान दोनों तरफ साढ़े छह हजार वाहन फंसे रहे। यात्रियों को काफी दिक्कतें भी उठानी पड़ी।
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प्रदेश की राजधानी लखनऊ पहुंचने के लिए तराई के बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, गोंडा व आसपास के जिलों को लोगों को बहराइच-बाराबंकी की सीमा पर स्थित घाघराघाट के संजय सेतु से गुजरना पड़ता है। इस पुल की लंबाई लगभग एक किलोमीटर है।
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सोमवार सुबह 6:30 बजे के आसपास कानपुर से गिट्टी का बुरादा लादकर बहराइच जा रहा एक ट्रक जब संजय सेतु से गुजर रहा था। तभी ट्रक का पिछले पहिया का चक्का अचानक टूट गया। रफ्तार धीमी थी। जिसके चलते ट्रक बीचोबीच सड़क पर रुक कर एक तरफ को झुक गया। इससे दोनों तरफ के वाहन जहां के तहां खड़े हो गए।
घटनास्थल बाराबंकी और बहराइच की सीमा पर था। जिसके चलते मौके पर मौजूद वाहन सवार लोगों ने दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को हटवाने के लिए जरवलरोड और बाराबंकी के रामनगर थाने को सूचना दी। लेकिन दोनों थानों की पुलिस अपने क्षेत्र का मामला न होने की बात कहकर किनारे कसने लगी।
जिसका नतीजा यह हुआ कि सुबह साढ़े छह बजे से 11:30 बजे तक दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। जब लोग व्यवस्था पर आक्रोशित होने लगे। तब जरवलरोड थानाध्यक्ष धनंजय सिंह ने मौके पर पहुंचकर क्रेन का इंतजाम करवाकर पुल के बीच फंसे ट्रक को किसी तरह किनारे करवाया। इसके बाद एकल मार्ग पर आवागमन शुरू हुआ।
रामनगर और जरवल के लोगों ने पैदल तय की यात्रा
संजय सेतु पर ट्रक के दुर्घटनाग्रस्त होने के चलते जाम बढ़ता देखकर वाहनों पर सवार जरवलरोड और रामनगर के अधिकांश यात्री वाहनों से उतरकर पैदल ही गंतव्य को रवाना हो गए। इस दौरान लोगों के चेहरे पर आक्रोश साफ झलक रहा था।
तो कभी भी दोबारा हो सकती दुर्घटना
संजय सेतु पुल कई खंडों में निर्मित है। इन खंडों को लोहे के गार्डर से जोड़ा गया है। पुल के बीचोबीच तीन स्थानों पर जहां गार्डर लगे हुए हैं। वहां छह से 12 इंच के गड्ढे हैं। जिसके चलते रफ्तार में गुजरने वाले वाहनों को झटके लगते हैं। ऐसे में कभी भी पुल पर किसी बड़े हादसे से इन्कार नहीं किया जा सकता।
गर्मी के चलते बेहाल रहे लोग
सुबह साढ़े छह बजे तक साढ़े ग्यारह बजे तक जाम में फंसे वाहनों में सवार लोग भीषण गर्मी के चलते बेहाल रहे। बूंद-बूंद भर पानी के लिए लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ीं।